26 अगस्त 2026
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हिजाब इस्लाम में अनिवार्य नहीं, वंदे मातरम पर खड़ा होना ज़रूरी: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह

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हिजाब इस्लाम में अनिवार्य नहीं, वंदे मातरम पर खड़ा होना ज़रूरी: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह

सारांश

भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने एक साथ कई मोर्चों पर विपक्ष और ओवैसी को घेरा — हिजाब को इस्लाम में अनिवार्य बताने से इनकार, वंदे मातरम पर अनिवार्य सम्मान की माँग, और दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 16 लाख महिलाओं तक ₹2,500 पहुँचाने का दावा। बयान ने राष्ट्रीय राजनीतिक बहस को नई धार दी।

मुख्य बातें

भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने 26 अगस्त को कहा कि हिजाब इस्लाम में धार्मिक रूप से अनिवार्य नहीं है , और दुनिया के मुस्लिम-बहुल देशों में भिन्न व्यवस्थाओं का हवाला दिया।
वंदे मातरम के गायन के दौरान खड़े होना अनिवार्य बताया; अवहेलना पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 4,000 महिलाओं को ₹2,500 मासिक सहायता मिली; लक्ष्य 16 लाख महिलाओं तक पहुँचना।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले पर ओवैसी को सर्वोच्च न्यायालय जाने की सलाह दी।
आरएसएस पर कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा — संघ के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं।
अवैध घुसपैठ पर गृह मंत्री अमित शाह के रुख का समर्थन; देश की जनसांख्यिकी और संसाधनों पर दबाव की चिंता जताई।

भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने 26 अगस्त को नई दिल्ली में महिला कल्याण, उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, दिल्ली लक्ष्मी योजना, आरएसएस पंजीकरण विवाद, अवैध घुसपैठ, हिजाब और वंदे मातरम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखे हमले किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिजाब इस्लाम में धार्मिक रूप से अनिवार्य नहीं है और वंदे मातरम के गायन के दौरान सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य होना चाहिए।

महिला सुरक्षा और कल्याण पर विपक्ष को घेरा

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा महिला कल्याण योजनाओं का ज़िक्र किए जाने पर आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश को यह भी स्मरण करना चाहिए कि उनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा की स्थिति क्या थी। उन्होंने कहा, 'महिला के लिए सबसे पहली ज़रूरत सुरक्षा है। यदि कोई महिला सुरक्षित होकर घर से बाहर नहीं निकल सकती, तो केवल आर्थिक सहायता या योजनाओं की घोषणा पर्याप्त नहीं है।'

आरपी सिंह ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाएं और बेटियां रात में भी निर्भय होकर घर से बाहर निकल सकती हैं — जिसे उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार का प्रमाण बताया।

दिल्ली लक्ष्मी योजना: ₹2,500 मासिक सहायता का वादा

दिल्ली में महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता देने के भाजपा के चुनावी वादे का उल्लेख करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे के अनुरूप दिल्ली सरकार ने दिल्ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत कर दी है। अब तक करीब 4,000 महिलाओं को सम्मान निधि की राशि दी जा चुकी है और आने वाले समय में यह सहायता करीब 16 लाख महिलाओं तक पहुँचाने का लक्ष्य है।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि महिला कल्याण योजनाओं को केवल चुनावी वादों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए — इनका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार देना है।

आरएसएस पंजीकरण विवाद पर भाजपा का रुख

कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे की आरएसएस पंजीकरण संबंधी टिप्पणी पर आरपी सिंह ने कहा कि खड़गे ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ देश के कानून के तहत काम करता है और पंजीकरण से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब देश के संबंधित कानूनों में मिलना चाहिए।

घुसपैठ और हिजाब विवाद पर सीधा बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अवैध घुसपैठियों पर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि जो लोग भारत के नागरिक नहीं हैं, उनकी पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तर्क दिया कि अवैध घुसपैठ से देश की जनसांख्यिकी और संसाधनों पर दबाव पड़ता है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब संबंधी फैसले पर ओवैसी की आपत्ति को लेकर आरपी सिंह ने कहा कि ओवैसी एक अनुभवी वकील हैं और यदि उन्हें उच्च न्यायालय के फैसले से असहमति है, तो वे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं। सार्वजनिक बयानबाज़ी की जगह संवैधानिक और न्यायिक मार्ग अपनाया जाना चाहिए।

हिजाब के धार्मिक रूप से अनिवार्य होने के सवाल पर आरपी सिंह ने स्पष्ट कहा कि हिजाब इस्लाम में अनिवार्य नहीं है। उन्होंने दुनिया के कई मुस्लिम-बहुल देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ भी हिजाब को लेकर अलग-अलग सामाजिक और कानूनी व्यवस्थाएं देखने को मिलती हैं।

वंदे मातरम और मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर तीखी प्रतिक्रिया

ओवैसी के मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व संबंधी बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि भारत में विभिन्न राजनीतिक दल मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारते हैं और चुनाव परिणाम क्षेत्र, उम्मीदवार और मतदाताओं के समर्थन पर निर्भर करते हैं — न कि केवल किसी समुदाय की जनसंख्या के प्रतिशत पर।

वंदे मातरम को लेकर आरपी सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर अब कोई किंतु-परंतु नहीं होना चाहिए। 'जब वंदे मातरम गाया जाएगा, तो लोगों को सम्मान में खड़ा होना पड़ेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि इसकी अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान लागू हो सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हिजाब और वंदे मातरम जैसे मुद्दे राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसकी रणनीतिक समय-सीमा में है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले के बाद भाजपा का यह स्वर स्पष्ट करता है कि पार्टी इस मुद्दे को न्यायिक दायरे से राजनीतिक विमर्श में खींचना चाहती है। वंदे मातरम पर कानूनी कार्रवाई की बात संविधान की अभिव्यक्ति स्वतंत्रता से जुड़े सवाल उठाती है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। दिल्ली लक्ष्मी योजना के 4,000 लाभार्थियों का आँकड़ा 16 लाख के लक्ष्य के सामने बेहद छोटा है — और यही वह अंतर है जिस पर जवाबदेही की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरपी सिंह ने हिजाब को लेकर क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि हिजाब इस्लाम में धार्मिक रूप से अनिवार्य नहीं है। उन्होंने दुनिया के कई मुस्लिम-बहुल देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ भी हिजाब को लेकर अलग-अलग सामाजिक और कानूनी व्यवस्थाएं हैं।
वंदे मातरम पर आरपी सिंह का क्या रुख है?
आरपी सिंह ने कहा कि वंदे मातरम के गायन के दौरान सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य है और इस पर कोई किंतु-परंतु नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान लागू हो सकता है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना क्या है और इससे कितनी महिलाओं को लाभ मिलेगा?
दिल्ली लक्ष्मी योजना भाजपा का चुनावी वादा था, जिसके तहत दिल्ली की महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। आरपी सिंह के अनुसार अब तक करीब 4,000 महिलाओं को यह राशि मिल चुकी है और लक्ष्य 16 लाख महिलाओं तक पहुँचने का है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हिजाब फैसले पर ओवैसी की आपत्ति पर भाजपा का क्या जवाब है?
आरपी सिंह ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी एक अनुभवी वकील हैं और यदि उन्हें उच्च न्यायालय के फैसले से असहमति है, तो वे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं। सार्वजनिक बयानबाज़ी की बजाय संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
आरएसएस पंजीकरण विवाद पर भाजपा का क्या कहना है?
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने स्वयं माना है कि आरएसएस के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ देश के कानून के तहत काम करता है और पंजीकरण से जुड़े सवालों का जवाब संबंधित कानूनी प्रावधानों में है।
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