हॉरमज़ जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों की वापसी, मोदी के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम: जेडीयू प्रवक्ता
सारांश
Key Takeaways
- जेडीयू के प्रवक्ता ने भारतीय जहाजों की वापसी को महत्वपूर्ण बताया।
- मोदी सरकार की विदेश नीति की सफलता का संकेत।
- राज्यसभा चुनाव में जेडीयू का लक्ष्य बहुमत प्राप्त करना।
पटना, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने राज्यसभा चुनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के संबंध में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत की।
राजीव रंजन प्रसाद ने राज्यसभा चुनाव पर कहा, "हम सभी पांच सीटों पर भारी बहुमत से जीतने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विपक्ष को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। हम बैठकों के माध्यम से बेहतर समन्वय पर काम कर रहे हैं, और एनडीए के सभी सहयोगी इस दिशा में मिलकर प्रयास कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "भारत की कूटनीति का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। कठिनाईयों के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य में, जहाँ आमतौर पर केवल चीन और रूस के जहाजों को ही गुजरने की अनुमति होती है, दो भारतीय जहाज, नंदा देवी और शिवालिक, भारत लौट रहे हैं। यह एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि है और निश्चित रूप से नरेंद्र मोदी के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।"
जदयू नेता ने कहा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मणिशंकर अय्यर को महत्व देने को तैयार नहीं है। उनके निराधार बयानों के कारण वे अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।"
इसके पूर्व, 13 मार्च को, जदयू प्रवक्ता ने कहा था, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच वार्ता के बाद भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवागमन की अनुमति मिल गई है। इस निर्णय के बाद भारत को तेल की आपूर्ति शुरू हो गई है और अब तक लगभग 1.35 लाख मीट्रिक टन तेल भारत पहुंच चुका है। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और इससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को स्थिरता मिलेगी।