प्रतुल शाहदेव का बयान: 'हम लोकतांत्रिक मूल्यों की सरकार हैं', ओवैसी और नई शिक्षा नीति पर BJP का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रतुल शाहदेव ने 26 जुलाई को रांची में कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी — जिनमें असदुद्दीन ओवैसी का हालिया बयान, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, और प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जाना शामिल हैं। शाहदेव ने स्पष्ट किया कि एनडीए सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलती है और हर निर्णय देशहित में लिया जाता है।
ओवैसी के बयान पर BJP का पलटवार
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर शाहदेव ने कहा कि उम्र को राजनीतिक मुद्दा बनाना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा, 'अमेरिका के राष्ट्रपति की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और वे हमेशा चर्चा में रहते हैं।' शाहदेव के अनुसार ओवैसी केवल एक विशेष वर्ग की राजनीति करते हैं और उनका उद्देश्य नैरेटिव बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों पर प्रतिक्रिया देना उचित नहीं जान पड़ता।
सीजेपी आंदोलन और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
सेंट्रल जर्नलिस्ट्स प्रेस (CJP) अध्यक्ष अभिजीत दीपके के बयान पर शाहदेव ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ बातचीत के बाद सीजेपी ने अपना आंदोलन वापस ले लिया। उनके अनुसार केंद्र सरकार ने सीजेपी की माँगें स्वीकार कर लीं, जिसके बाद संगठन ने स्वयं घर लौटने की बात कही। शाहदेव ने सीजेपी और युवाओं से अपील की कि वे किसी राजनीतिक शक्ति का 'मोहरा' न बनें और अब घर लौट जाएँ।
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपे जाने पर शाहदेव ने कहा कि प्रधान ने 'काफी भावुक पत्र' लिखकर इस्तीफे की वजह बताई। उन्होंने जोशी के व्यापक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद है। शाहदेव ने स्पष्ट किया, 'हम लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलने वाली सरकार हैं।'
नई शिक्षा नीति और इतिहास विवाद
शाहदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर बनाई गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्थानीय भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौर में पाठ्यक्रम में 'मुगलों को महान' बताया जाता था, जबकि भाजपा के लिए पृथ्वीराज चौहान, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज आदर्श हैं। उन्होंने टीपू सुल्तान को 'स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि दमनकारी राजा' बताया। शाहदेव ने कहा कि इतिहास में इस सुधार से 'टुकड़े-टुकड़े गैंग, कम्युनिस्टों और कांग्रेस नेता राहुल गांधी' को आपत्ति है, और इसीलिए धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मुहिम चलाई गई।
नकल माफिया पर कठोर कार्रवाई की वकालत
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नकल माफिया संबंधी बयान पर शाहदेव ने कहा कि सीएम का रुख सही है — 'नकल माफिया या तो जेल जाएंगे या फिर नरक।' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से नकल माफिया के विरुद्ध 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रावधान किए जाने की बात कही जा रही है। शाहदेव ने इसे प्रधानमंत्री के संकल्प को मूर्त रूप देने की दिशा में उठाया गया कदम बताया।
यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार शिक्षा सुधार और परीक्षा पारदर्शिता को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। आने वाले दिनों में प्रह्लाद जोशी की शिक्षा नीति पर रुख और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दिशा पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।