मटला नदी किनारे TMC पूर्व विधायक के बेटे का अवैध कैफे ध्वस्त, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण 24 परगना जिले के मौखाली इलाके में 2 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन ने मटला नदी के किनारे अवैध रूप से निर्मित कैफे 'अरण्येर कुले' को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह कैफे इमरान मोल्ला का था, जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला के पुत्र हैं। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे।
मुख्य घटनाक्रम
जीवनतला पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले मौखाली क्षेत्र में सुंदरबन के निकट मटला नदी के किनारे स्थित इस कैफे पर 22 जून को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया था। नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि सात दिनों के भीतर इमरान मोल्ला स्वयं कैफे गिराएँ, अन्यथा प्रशासन बुलडोजर से इसे हटाएगा और खर्च मालिक से वसूला जाएगा। इमरान द्वारा नोटिस की अनदेखी किए जाने पर गुरुवार सुबह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।
प्रशासन के अनुसार, इमरान मोल्ला 18 जून तक जमीन से संबंधित कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहे, जिसके बाद कैनिंग सब-डिविजनल ऑफिस ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। अधिकारियों का कहना है कि जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों की जाँच के बाद यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।
पिता की गिरफ्तारी और पृष्ठभूमि
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब इमरान के पिता शौकत मोल्ला को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने भांगड़ बम विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया हुआ है। गौरतलब है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में शौकत मोल्ला की हार के बाद उनके और उनके परिवार के खिलाफ एक के बाद एक कई मामले सामने आए हैं। इससे पहले जाँच एजेंसियों ने इमरान मोल्ला को भी पूछताछ के लिए बुलाया था, और उसी दौरान 'अरण्येर कुले' के गेट पर प्रशासन ने कैफे की जानकारी माँगने का नोटिस चस्पा किया था।
स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इमरान मोल्ला ने अपने पिता के राजनीतिक प्रभाव का लाभ उठाते हुए नदी किनारे की सरकारी जमीन पर यह कैफे खड़ा किया। आलोचकों का कहना है कि जब तक शौकत मोल्ला दक्षिण 24 परगना के प्रभावशाली TMC विधायक थे, तब तक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई — और उनकी चुनावी पराजय के बाद ही यह सब सामने आया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के हर चरण का पालन करते हुए की गई — पहले नोटिस, फिर दस्तावेज माँगना, और अंततः ध्वस्तीकरण।
आगे क्या
अवैध कैफे के ध्वस्त होने के साथ ही यह मामला दक्षिण 24 परगना में राजनीतिक संरक्षण और भूमि अतिक्रमण के व्यापक विमर्श से जुड़ गया है। NIA द्वारा शौकत मोल्ला की जाँच जारी है, और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इलाके में अन्य अवैध निर्माणों की भी समीक्षा की जा सकती है।