मध्य पूर्व संकट से अप्रैल में भारत का हवाई यातायात प्रभावित, घरेलू यात्री 140.8 लाख, अंतरराष्ट्रीय में 20% गिरावट

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मध्य पूर्व संकट से अप्रैल में भारत का हवाई यातायात प्रभावित, घरेलू यात्री 140.8 लाख, अंतरराष्ट्रीय में 20% गिरावट

सारांश

मध्य पूर्व में जारी संघर्षों ने अप्रैल में भारत के हवाई यातायात को दोहरी चोट दी — घरेलू यात्री 4% घटे, अंतरराष्ट्रीय 20% तक। यूएई में उड़ानें बहाल हो गई हैं, लेकिन ईरान से अभी भी 2,504 भारतीय नागरिकों को निकाला जा चुका है और यात्रा परामर्श जारी है।

मुख्य बातें

अप्रैल 2026 में घरेलू हवाई यात्री संख्या 140.8 लाख रही, साल-दर-साल और माह-दर-माह करीब 4% की गिरावट।
अंतरराष्ट्रीय यात्री संख्या घटकर 28.3 लाख रह गई — मार्च की तुलना में करीब 20% कम।
यूएई के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी ने एयरस्पेस पूरी तरह बहाल कर दिया; भारतीय और यूएई एयरलाइंस ने उड़ानें बढ़ाईं।
कतर, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब और ओमान से भारत के लिए उड़ानें जारी; इराक और इज़रायल से सीमित सेवाएँ।
ईरान से भारतीय नागरिकों को बाहर निकालने का काम जारी; अब तक 2,504 नागरिक सुरक्षित निकाले गए।
मंत्रालय ने भारतीयों को ईरान यात्रा से बचने की सलाह दी है।

नागर विमानन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में भारत के हवाई यातायात में मार्च की तुलना में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय — दोनों श्रेणियों में देखी गई, और इसका प्रमुख कारण मध्य पूर्व में जारी संघर्षों के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगे अस्थायी प्रतिबंध रहे।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यातायात में कितनी गिरावट

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू हवाई यातायात में अप्रैल के दौरान यात्रियों की संख्या 140.8 लाख रही, जो साल-दर-साल और महीने-दर-महीने दोनों आधारों पर करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात में गिरावट और अधिक तीव्र रही — अप्रैल में यात्रियों की संख्या घटकर 28.3 लाख रह गई, जो मार्च की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय विमानन क्षेत्र कोविड के बाद से लगातार विस्तार के दौर में था। गौरतलब है कि मध्य पूर्व भारत के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों में से एक है, और इस क्षेत्र में किसी भी व्यवधान का सीधा असर भारतीय यात्री संख्या पर पड़ता है।

यूएई में उड़ानें बहाल, क्षेत्र में धीरे-धीरे सुधार

यूएई के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शनिवार को घोषणा की कि यूएई के एयरस्पेस में सामान्य उड़ान संचालन पूरी तरह बहाल कर दिया गया है और अस्थायी एहतियाती प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इसके परिणामस्वरूप भारतीय और यूएई की एयरलाइंस ने भारत के विभिन्न शहरों के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी है।

पश्चिम एशिया में कुल मिलाकर उड़ानों की स्थिति अब धीरे-धीरे सुधर रही है और इस क्षेत्र से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए अतिरिक्त उड़ानें संचालित की जा रही हैं।

देश-दर-देश एयरस्पेस की स्थिति

सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के लिए उड़ानें सामान्य रूप से जारी हैं। कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, जहाँ से एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और कतर एयरवेज भारत के लिए उड़ानें संचालित कर रही हैं।

कुवैत का एयरस्पेस पूरी तरह खुला है और जजीरा एयरवेज तथा कुवैत एयरवेज भारत के लिए उड़ानें चला रही हैं। बहरीन का एयरस्पेस भी पूरी तरह खुला है, जहाँ से एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और गल्फ एयर भारत के लिए सेवाएँ दे रही हैं।

इराक का एयरस्पेस सीमित उड़ानों के लिए खुला है, जिनका उपयोग क्षेत्रीय गंतव्यों के रास्ते भारत पहुँचने के लिए किया जा सकता है। इज़रायल का एयरस्पेस भी खुला है और सीमित उड़ान सेवाएँ फिर से शुरू हो गई हैं।

ईरान को लेकर विशेष सतर्कता

ईरान का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, जहाँ फिलहाल केवल कार्गो और चार्टर्ड उड़ानों की अनुमति है। नागर विमानन मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है। वहाँ पहले से मौजूद नागरिकों से अपील की गई है कि वे तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की सहायता से जमीनी सीमा मार्गों के ज़रिए देश छोड़ दें। अब तक दूतावास 2,504 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद कर चुका है।

आगे क्या होगा

यूएई में उड़ानों की पूर्ण बहाली और अन्य देशों में एयरस्पेस के क्रमिक खुलने से उम्मीद है कि मई 2026 में अंतरराष्ट्रीय यात्री संख्या में सुधार देखने को मिलेगा। हालाँकि, विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक क्षेत्र में स्थायी शांति नहीं आती, भारतीय विमानन क्षेत्र पर दबाव बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ईरान से 2,504 नागरिकों की निकासी यह दर्शाती है कि संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। भारतीय एयरलाइंस को अपनी मार्ग-विविधता रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा, क्योंकि एकल क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता किसी भी भू-राजनीतिक उथल-पुथल में यात्री आँकड़ों को तेज़ी से नीचे खींच सकती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अप्रैल 2026 में भारत के हवाई यातायात में कितनी गिरावट आई?
नागर विमानन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में घरेलू यात्री संख्या 140.8 लाख रही जो करीब 4% कम है, जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्री संख्या घटकर 28.3 लाख रह गई — मार्च की तुलना में करीब 20% की गिरावट।
भारत के हवाई यातायात में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा?
मध्य पूर्व में जारी संघर्षों के कारण कई देशों के एयरस्पेस पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या में तेज़ कमी आई। यह क्षेत्र भारत के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों में से एक है।
यूएई का एयरस्पेस कब बहाल हुआ और इसका क्या असर पड़ा?
यूएई के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शनिवार को एयरस्पेस में सामान्य उड़ान संचालन पूरी तरह बहाल करने की घोषणा की। इसके बाद भारतीय और यूएई की एयरलाइंस ने भारत के विभिन्न शहरों के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी।
ईरान से भारतीय नागरिकों की स्थिति क्या है?
नागर विमानन मंत्रालय ने भारतीयों को ईरान यात्रा से बचने की सलाह दी है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास अब तक 2,504 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद कर चुका है और जमीनी सीमा मार्गों से निकासी जारी है।
मध्य पूर्व के किन देशों से भारत के लिए उड़ानें अभी चल रही हैं?
सऊदी अरब, ओमान और कुवैत से उड़ानें पूरी तरह जारी हैं। कतर और ईरान से आंशिक उड़ानें हैं, जबकि इराक और इज़रायल से सीमित सेवाएँ संचालित हो रही हैं। बहरीन का एयरस्पेस भी पूरी तरह खुला है।
राष्ट्र प्रेस
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