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जितिन प्रसाद: भारत सेमीकंडक्टर और AI मिशन से बना रहा भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था

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जितिन प्रसाद: भारत सेमीकंडक्टर और AI मिशन से बना रहा भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था

सारांश

जितिन प्रसाद ने एसटीपीआई के 35 साल पूरे होने पर स्पष्ट किया — भारत की डिजिटल महत्वाकांक्षा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। सेमीकंडक्टर, एआई मिशन और 73 केंद्रों के ज़रिए टियर-2, टियर-3 शहरों तक पहुँचता एसटीपीआई, भारत के टेक नेतृत्व की असली परीक्षा बन रहा है।

मुख्य बातें

इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 6 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत भविष्य-सक्षम डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहा है।
'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' और 'इंडिया एआई मिशन' को रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का आधार बताया गया।
एसटीपीआई ने अपनी स्थापना के 35 वर्ष पूरे किए; देशभर में 73 केंद्र और 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग।
कृष्णन ने नॉर्थ-ईस्ट से लेकर दक्षिण भारत तक एसटीपीआई के नेटवर्क की सराहना की।
एसटीपीआई ने टियर-2 और टियर-3 शहरों में टेक्नोलॉजी-आधारित रोज़गार और इनोवेशन का विस्तार किया।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 6 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता की नींव पर एक भविष्य-सक्षम डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहा है। उन्होंने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' और 'इंडिया एआई मिशन' को इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम बताया।

एसटीपीआई टेक समिट 2026 का आयोजन

आईटी मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) ने नई दिल्ली में 'एसटीपीआई टेक समिट 2026: इंडियाज नेक्स्ट लीप' का आयोजन किया। इस समिट में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, वेंचर कैपिटलिस्ट और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से जुड़े प्रमुख हस्तियाँ शामिल हुईं। यह आयोजन एसटीपीआई की स्थापना के 35 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया गया।

सरकार की प्रतिबद्धता और नीतिगत दिशा

प्रसाद ने कहा कि सरकार प्रगतिशील नीतियों, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और टेक्नोलॉजी तक व्यापक पहुँच के माध्यम से एक अनुकूल इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत वैश्विक टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में नेतृत्व की भूमिका की ओर बढ़ रहा है, एसटीपीआई जैसे संस्थान एंटरप्रेन्योरशिप को प्रोत्साहन देने, इनोवेशन को पोषित करने और वर्ल्ड-क्लास समाधानों के विकास को सक्षम बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।

MeitY सचिव का आकलन

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने एसटीपीआई की 35 वर्षों की यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसकी एंटरप्रेन्योर्स, मेंटर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट और इंडस्ट्री विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने की क्षमता रही है। उन्होंने कहा, 'एसटीपीआई ने नॉर्थ-ईस्ट से लेकर बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे स्थापित टेक्नोलॉजी केंद्रों तक सफलतापूर्वक नेटवर्क बनाया है, जिससे उभरते केंद्रों तक मेंटरशिप, विशेषज्ञता और पूंजी का प्रवाह सुनिश्चित हो सका है।'

एसटीपीआई की उपलब्धियाँ और भविष्य की राह

एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि संस्था देश भर में 73 केंद्रों के माध्यम से 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दे रही है और भारत के आईटी निर्यात में उल्लेखनीय योगदान दे रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि एसटीपीआई ने बड़े महानगरों की सीमाओं से आगे बढ़कर टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी टेक्नोलॉजी-आधारित विकास और रोज़गार के अवसर सृजित किए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार एआई क्षेत्र में उच्च-गुणवत्ता वाले रोज़गार सृजन को प्राथमिकता दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 1,700 स्टार्टअप्स में से कितने वैश्विक स्तर पर टिक पाए हैं और टियर-2, टियर-3 शहरों में रोज़गार के वास्तविक आँकड़े क्या हैं। सेमीकंडक्टर और एआई मिशन की घोषणाएँ उत्साहजनक हैं, परंतु भारत का आईटी निर्यात अभी भी सेवा-क्षेत्र पर केंद्रित है — उत्पाद और गहरी टेक्नोलॉजी में छलांग अभी बाकी है। बिना सत्यापन-योग्य रोज़गार और निर्यात आँकड़ों के, ये समिट घोषणाएँ नीतिगत इरादे तो दर्शाती हैं, लेकिन परिणाम की गारंटी नहीं देतीं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और इंडिया एआई मिशन क्या हैं?
ये भारत सरकार की दो प्रमुख पहलें हैं जो क्रमशः सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में रिसर्च, उत्पादन और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने इन्हें भारत की भविष्य-सक्षम डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव बताया है।
एसटीपीआई टेक समिट 2026 क्यों आयोजित किया गया?
यह समिट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) की स्थापना के 35 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य सरकार, उद्योग, वेंचर कैपिटलिस्ट और स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक मंच पर लाकर भारत की अगली टेक्नोलॉजी छलांग की रणनीति तय करना था।
एसटीपीआई ने अब तक क्या हासिल किया है?
एसटीपीआई ने 35 वर्षों में देशभर में 73 केंद्र स्थापित किए हैं और 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग दिया है। संस्था ने टियर-2 और टियर-3 शहरों तक टेक्नोलॉजी-आधारित विकास और रोज़गार के अवसर पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था से टियर-2 और टियर-3 शहरों को कैसे फायदा होगा?
एसटीपीआई के नेटवर्क के ज़रिए नॉर्थ-ईस्ट से लेकर दक्षिण भारत के स्थापित टेक्नोलॉजी केंद्रों तक मेंटरशिप, विशेषज्ञता और पूंजी का प्रवाह सुनिश्चित किया जा रहा है। MeitY सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, स्टार्टअप्स को सहयोग देकर और एआई क्षेत्र में निवेश लाकर, इन शहरों में उच्च-गुणवत्ता वाले रोज़गार के अवसर बनाए जा सकते हैं।
जितिन प्रसाद ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर क्या कहा?
प्रसाद ने कहा कि सरकार प्रगतिशील नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और टेक्नोलॉजी तक बेहतर पहुँच के माध्यम से एक अनुकूल इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह इकोसिस्टम घरेलू उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैश्विक बाज़ार के लिए वर्ल्ड-क्लास समाधान विकसित करने में सहायक होगा।
राष्ट्र प्रेस
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