क्या इंडिया गेट पर प्रदर्शन के आरोपियों की जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई टली?

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क्या इंडिया गेट पर प्रदर्शन के आरोपियों की जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई टली?

सारांश

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन के आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई टाल दी है। आरोपियों को 1 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में रखा गया है। सुनवाई में पुलिस ने वीडियो पेश किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों की भागीदारी दिख रही है। जानें, इस मामले में क्या हो रहा है।

मुख्य बातें

इंडिया गेट पर प्रदर्शन का उद्देश्य वायु प्रदूषण पर ध्यान केंद्रित करना था।
जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 1 दिसंबर को होगी।
कोर्ट ने पुलिस को नया जवाब दाखिल करने को कहा है।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में वायु प्रदूषण नियंत्रण की मांग को लेकर इंडिया गेट पर प्रदर्शन करने वाले आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई टल गई है। कोर्ट ने आरोपियों को 1 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उनकी जमानत याचिकाओं पर भी सोमवार को सुनवाई होगी। इससे पहले कोर्ट ने शुक्रवार को 9 आरोपियों को जमानत दे दी थी, और इन सभी को 20-20 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत मिली थी。

सुनवाई के दौरान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अदालत में कहा कि एक वीडियो मौजूद है जिसमें दिखाया गया है कि आरोपी 21 फरवरी को हैदराबाद में रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां माओवादियों के समर्थन में नारे लगाए गए थे। हमें इन सभी तथ्यों की पुष्टि करनी है, इसलिए आरोपियों की हिरासत जरूरी है। अदालत ने पुलिस से जमानत याचिकाओं पर नया जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत सोमवार को दोपहर 2 बजे जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।

इससे पहले शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने कहा कि उनका किसी भी प्रतिबंधित संगठन से कोई ताल्लुक नहीं है। पुलिस द्वारा लगाए गए सभी आरोप भ्रामक और झूठे हैं। केवल सरकार के खिलाफ नारेबाजी के लिए किसी को हिरासत में नहीं लिया जा सकता।

दिल्ली पुलिस ने 27 नवंबर को इंडिया गेट पर प्रदूषण के मुद्दे पर प्रदर्शन में बवाल को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं। इसके बाद संसद मार्ग थाना पुलिस ने सभी आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था, जहां से 4 प्रदर्शनकारियों—गुरकीरत, रौजोत, क्रांति, और अविनाश—को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया था, जबकि अन्य 13 आरोपियों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

पुलिस का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल प्रदूषण के मुद्दे पर नहीं था। भीड़ में कुछ लोग नक्सलवाद और आतंकवाद के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, जैसे ही उन्हें इंडिया गेट के पास सी-हेक्सागन इलाके से हटाया गया, वे सीधे संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात ये हो गए कि थाने का गेट और डीसीपी ऑफिस जाने वाला रास्ता पूरी तरह जाम हो गया। न कोई अंदर जा पा रहा था, न निकल पा रहा था।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें देश के नागरिकों के अधिकारों और उनकी आवाज को सुनना चाहिए। वायु प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन किसी भी प्रदर्शन में हिंसा और नकारात्मक गतिविधियों को सहन नहीं किया जा सकता। हमें न्याय और कानून के शासन का सम्मान करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया गेट पर प्रदर्शन क्यों हुआ?
इंडिया गेट पर प्रदर्शन वायु प्रदूषण नियंत्रण की मांग को लेकर किया गया था।
क्या आरोपियों को जमानत मिल गई?
कोर्ट ने कुछ आरोपियों को पहले ही जमानत दे दी थी, लेकिन नई सुनवाई में जमानत याचिकाएं टल गईं।
पुलिस ने प्रदर्शन के बारे में क्या कहा?
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में नक्सलवाद और आतंकवाद के समर्थन में नारेबाजी की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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