पीयूष गोयल ने मोनाको के प्रिंस अल्बर्ट II से की मुलाकात, भारत-मोनाको साझेदारी को नई दिशा देने पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 17 जून 2026 को मोनाको के प्रिंस अल्बर्ट II से मुलाकात की और स्थिरता, ब्लू इकोनॉमी, नवाचार तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत-मोनाको साझेदारी को विस्तार देने पर विस्तृत चर्चा की। गोयल ने इस बैठक के बाद कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि दोनों देशों के संबंध आने वाले वर्षों में नई ऊँचाइयों को छुएंगे।
भारत इनोवेट्स 2026 का समापन
इससे पहले, गोयल ने नीस में आयोजित प्रमुख 'भारत इनोवेट्स 2026' कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस तीन दिवसीय आयोजन ने भारत के जीवंत प्रौद्योगिकी और नवाचार इकोसिस्टम को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। गोयल के अनुसार, इस कार्यक्रम ने वैश्विक सहयोग को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की साझा दृष्टि तथा 'भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026' के तहत उनके नेतृत्व ने उस मज़बूत नींव का निर्माण किया, जो आज एक वास्तविक परिवर्तनकारी मंच के रूप में उभरकर सामने आई है।
उद्योग जगत को भारत के साथ काम करने का निमंत्रण
गोयल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मैंने उद्योग जगत के नेताओं, सीईओ, निवेशकों और नवोन्मेषकों को बड़े पैमाने पर नवाचार से संचालित एक उज्ज्वल और सतत भविष्य के निर्माण के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने का निमंत्रण दिया।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करने की कोशिश कर रहा है।
फ्रैगोनार्ड फैक्ट्री और लक्जरी क्षेत्र में सहयोग
केंद्रीय मंत्री ने फ्रांस के ग्रास शहर स्थित प्रतिष्ठित फ्रैगोनार्ड फैक्ट्री का भी दौरा किया — जो वैश्विक इत्र और सुगंध उद्योग की एक ऐतिहासिक धरोहर है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने लक्जरी विनिर्माण, डिजाइन और उच्च मूल्य व्यापार के क्षेत्रों में भारत-फ्रांस सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
गोयल ने कहा, 'फ्रांस की विशेषज्ञता को भारत की समृद्ध विरासत, गहन पारंपरिक ज्ञान और कुशल कार्यबल के साथ जोड़कर हम नवाचार के नए अवसरों का सृजन कर सकते हैं और प्रीमियम सुगंध तथा लक्जरी क्षेत्रों में भारत को एक अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित कर सकते हैं।'
नीस में UPI का शुभारंभ
इस दौरे की एक उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि गोयल ने नीस के प्रतिष्ठित गैलरीज लफाएटे नाइस मसीना में भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि यह कदम भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
आगे की राह
भारत-मोनाको और भारत-फ्रांस संबंधों में यह नई गर्मजोशी ऐसे समय में आई है जब भारत यूरोप के साथ अपने आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई गहराई देने में जुटा है। ब्लू इकोनॉमी और सतत विकास के क्षेत्र में मोनाको के साथ सहयोग भारत के समुद्री और पर्यावरण एजेंडे को भी बल दे सकता है।