भारत-ब्रिटेन FTA पर शेखावत बोले: 99% सामान पर जीरो टैरिफ, पहले दिन $140 मिलियन का निर्यात
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 5 अगस्त 2026 को जोधपुर में भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को देश की एक ऐतिहासिक व्यापारिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के इंजीनियरिंग, हस्तशिल्प और चमड़ा उद्योग को सर्वाधिक लाभ मिलेगा।
समझौते की मुख्य बातें
शेखावत ने स्पष्ट किया कि इस FTA के तहत भारत से ब्रिटेन को भेजे जाने वाले 99 प्रतिशत उत्पादों पर अब कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा — यानी पूरी तरह जीरो टैरिफ व्यवस्था। उन्होंने कहा, 'इस एग्रीमेंट के तहत भारत से ब्रिटेन को भेजे जाने वाले 99 फीसदी सामान पर अब कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा। यानी जीरो टैरिफ पर वहां सामान जाएगा।'
पहले दिन का आंकड़ा
केंद्रीय मंत्री ने समझौते की तात्कालिक प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए बताया कि इसके लागू होने के पहले ही दिन इसके प्रावधानों के अंतर्गत 14 करोड़ डॉलर (140 मिलियन डॉलर) के उत्पादों का निर्यात किया गया। शेखावत के अनुसार, यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि समझौता कितना व्यावहारिक और तत्काल प्रभावी है।
मोबिलिटी समझौते का महत्व
शेखावत ने बताया कि इस FTA में मोबिलिटी एग्रीमेंट भी शामिल है, जिससे दोनों देशों के नागरिकों के लिए काम और व्यापार के उद्देश्य से आवाजाही सरल होगी। उन्होंने कहा, 'जब दो देशों के बीच मोबिलिटी का समझौता होता है तो वर्क वीजा बहुत आसानी से मिलने लगते हैं। मेरा मानना है कि तकनीक के क्षेत्र में भारत से यूके जाने वाले लोगों की संख्या में इजाफा होगा। भारत की प्रतिभा अब दुनिया के दूसरे देशों में जाकर देश के लिए और बेहतर काम कर सकेगी।'
राजस्थान चुनावों पर भाजपा का दावा
इसी अवसर पर शेखावत ने राजस्थान में आगामी पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इन दोनों चुनावों में बड़ी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य की हर विधानसभा में विकास की नई लहर शुरू हुई है। भाजपा संगठन पूरी एकजुटता के साथ काम कर रहा है।'
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि भारत-ब्रिटेन FTA पर वार्ता कई वर्षों तक चली और इसे भारत के सबसे महत्वाकांक्षी द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में से एक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जीरो टैरिफ व्यवस्था से भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता ब्रिटिश बाजार में उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगी।