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हिजबुल आतंकी इम्तियाज कंडू के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस, 2013 के सोपोर हमले में थी मुख्य भूमिका

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हिजबुल आतंकी इम्तियाज कंडू के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस, 2013 के सोपोर हमले में थी मुख्य भूमिका

सारांश

एसआईए कश्मीर ने 2013 के सोपोर हमले — जिसमें 4 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे — के मुख्य आरोपी और हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर इम्तियाज अहमद कंडू के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया है। कंडू पाकिस्तान में फरार है और 10 से अधिक आतंकी मामलों में वांछित है।

मुख्य बातें

एसआईए कश्मीर ने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी इम्तियाज अहमद कंडू के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया।
26 अप्रैल 2013 को सोपोर के ह्यगाम इलाके में हुए हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के 4 जवान शहीद हुए थे।
जुलाई 2024 में सक्षम ट्रायल कोर्ट में 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।
दो आरोपी मुठभेड़ में मारे गए; तीन गिरफ्तार; मुख्य आरोपी कंडू पाकिस्तान में फरार।
भारत सरकार ने अक्टूबर 2022 में कंडू को 'नामित व्यक्तिगत आतंकवादी' घोषित किया था।
कंडू कम से कम 10 अन्य आतंकी मामलों में वांछित है, जिनमें 15 से अधिक लोगों की हत्याएं शामिल हैं।

जम्मू-कश्मीर की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने प्रतिबंधित संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के घोषित आतंकवादी इम्तियाज अहमद कंडू (उर्फ फयाज, उर्फ सज्जाद) के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया है। यह नोटिस 26 अप्रैल 2013 को सोपोर के ह्यगाम इलाके में हुए उस आतंकवादी हमले से जुड़े मामले में जारी किया गया है, जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे। एसआईए कश्मीर ने 11 जुलाई को यह जानकारी दी।

मुख्य घटनाक्रम

26 अप्रैल 2013 को सोपोर के ह्यगाम इलाके के पीर मोहल्ला में ऑटोमैटिक हथियारों से लैस आतंकवादियों ने एक पुलिस पार्टी पर अचानक हमला बोल दिया था। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह उस दौर में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे गंभीर आतंकवादी हमलों में से एक था।

यह मामला शुरू में तराजू पुलिस स्टेशन, सोपोर में दर्ज किया गया था। 2024 में इसे व्यापक जांच के लिए एसआईए कश्मीर को सौंप दिया गया। एसआईए ने साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया, गवाहों से पूछताछ की और पूरी साजिश की परतें उघाड़ीं।

चार्जशीट और आरोपियों की स्थिति

विस्तृत जांच के बाद जुलाई 2024 में सक्षम ट्रायल कोर्ट में छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। जांच और उसके बाद के अभियानों के दौरान दो आरोपी — कलामाबाद, हंदवाड़ा के तारिक अहमद मीर और बटापोरा, सोपोर के कयूम नजर — सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए।

तीन अन्य आरोपी — सोपोर के जावेद अहमद मट्टू, रऊफ नजर और दलाल मोहल्ला, श्रीनगर के अहमदुल्लाह मल्ला — गिरफ्तार किए जा चुके हैं और उन पर मुकदमा चल रहा है। छठा और मुख्य आरोपी इम्तियाज अहमद कंडू फरार है और माना जाता है कि वह पाकिस्तान भाग गया है।

इम्तियाज कंडू: कौन है यह आतंकी

सोपोर के क्रालटंग के रहने वाले इम्तियाज अहमद कंडू 2010 से प्रतिबंधित संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सक्रिय सदस्य और कमांडर रहे हैं। आतंकवादी गतिविधियों में लगातार संलिप्तता के कारण भारत सरकार ने अक्टूबर 2022 में उन्हें 'नामित व्यक्तिगत आतंकवादी' घोषित किया था।

एसआईए की जांच में यह स्थापित हुआ कि ह्यगाम हमले में कंडू की सक्रिय और मुख्य भूमिका थी। इसके अलावा, वह कम से कम दस अन्य आतंकी मामलों में वांछित हैं — जिनमें 15 से अधिक लोगों की हत्याएं, हथियार एवं गोला-बारूद की तस्करी और नार्को-टेरर फाइनेंसिंग शामिल हैं।

इंटरपोल नोटिस का महत्व

यह रेड कॉर्नर नोटिस अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को कंडू का पता लगाने, उसे हिरासत में लेने और भारत प्रत्यर्पित करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने में सहायक होगा। गौरतलब है कि इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस किसी फरार अपराधी के खिलाफ सबसे प्रभावी अंतरराष्ट्रीय कानूनी साधनों में से एक माना जाता है, जो 195 सदस्य देशों की पुलिस को सतर्क करता है।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में एसआईए पुराने अनसुलझे आतंकी मामलों की पुनः जांच कर उन्हें अंजाम तक पहुँचाने की मुहिम में जुटी है। आने वाले समय में कंडू के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भारत-पाकिस्तान संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव पर भी निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती प्रत्यर्पण की है — पाकिस्तान के साथ भारत की कोई सक्रिय प्रत्यर्पण संधि नहीं है, जिससे कंडू को वापस लाना कूटनीतिक रूप से जटिल बना रहता है। एसआईए का यह कदम दर्शाता है कि जम्मू-कश्मीर में दशक पुराने आतंकी मामलों को बंद फाइल नहीं माना जाएगा, जो एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, कंडू जैसे 'नामित व्यक्तिगत आतंकवादी' जब तक पाकिस्तान में संरक्षित हैं, तब तक नोटिस का व्यावहारिक असर सीमित रहेगा। यह मामला उन दर्जनों फरार आतंकियों की व्यापक तस्वीर का हिस्सा है जो सीमा पार बैठकर नेटवर्क चलाते हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस क्या होता है और इससे क्या होगा?
इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस एक अंतरराष्ट्रीय अनुरोध है जो 195 सदस्य देशों की पुलिस को किसी वांछित व्यक्ति को खोजने और हिरासत में लेने के लिए सतर्क करता है। इस नोटिस से अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इम्तियाज कंडू का पता लगाने और उसे भारत प्रत्यर्पित करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने में मदद मिलेगी।
2013 का सोपोर ह्यगाम आतंकी हमला क्या था?
26 अप्रैल 2013 को सोपोर के ह्यगाम इलाके के पीर मोहल्ला में ऑटोमैटिक हथियारों से लैस आतंकवादियों ने एक पुलिस पार्टी पर हमला किया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे। यह उस दौर में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे गंभीर हमलों में से एक माना जाता है।
इम्तियाज अहमद कंडू कौन है और वह कहाँ है?
इम्तियाज अहमद कंडू सोपोर के क्रालटंग का रहने वाला हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर है, जो 2010 से संगठन का सक्रिय सदस्य है। भारत सरकार ने अक्टूबर 2022 में उसे 'नामित व्यक्तिगत आतंकवादी' घोषित किया था और माना जाता है कि वह फिलहाल पाकिस्तान में फरार है।
इस मामले में अब तक कितने आरोपियों पर कार्रवाई हुई है?
इस मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ जुलाई 2024 में चार्जशीट दाखिल की गई। दो आरोपी मुठभेड़ में मारे गए, तीन गिरफ्तार होकर मुकदमे का सामना कर रहे हैं, और मुख्य आरोपी इम्तियाज कंडू अभी भी फरार है।
एसआईए कश्मीर को यह मामला कब और क्यों सौंपा गया?
यह मामला मूल रूप से तराजू पुलिस स्टेशन, सोपोर में दर्ज था और 2024 में व्यापक जांच के लिए एसआईए कश्मीर को सौंपा गया। एसआईए ने साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर पूरी साजिश का खुलासा किया और नए सबूतों के आधार पर विस्तृत चार्जशीट दाखिल की।
राष्ट्र प्रेस
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