मध्य पूर्व संकट के चलते गैस की कमी: सरकार की विफलता पर बोले मृत्युंजय तिवारी
सारांश
Key Takeaways
- गैस की कमी सरकार की नाकामी का परिणाम है।
- मृत्युंजय तिवारी ने स्थिति को चिंताजनक बताया।
- पंजाब में इस्तीफे से राजनीतिक हलचल तेज।
- ममता बनर्जी की महिलाओं के लिए योजना की सराहना।
- पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया जारी।
पटना, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का प्रभाव गैस और कच्चे तेल की आपूर्ति पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। इस युद्ध के लंबे समय तक खिंचने से स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने वर्तमान स्थिति को चिंताजनक बताया।
मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "मध्य-पूर्व में संकट के चलते गैस की कमी एक सरकारी नाकामी है। आम जनता गैस के लिए लंबी कतारों में खड़ी है। रसोई में चूल्हा नहीं जल रहा है, इस जिम्मेदारी को कौन उठाएगा?"
उन्होंने फिल्म धुंरधर 2 की सफलता के बारे में कहा, "जो लोग इस फिल्म को देख रहे हैं, वे इसे पसंद कर रहे हैं।"
पंजाब में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा लिया है, जिस पर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ गई है। मृत्युंजय तिवारी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे मान सरकार का अपना निर्णय बताया।
उन्होंने कहा, "किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री का यह विशेषाधिकार है कि वह किससे इस्तीफा ले। पंजाब के मुख्यमंत्री के इस निर्णय के बारे में केवल वही और उनके पार्टी के लोग बता सकते हैं।"
मृत्युंजय तिवारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एससी-एसटी महिलाओं को हर महीने 1700 रुपये देने के ऐलान की सराहना की। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी एससी-एसटी महिलाओं और बंगालवासियों के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। उन्होंने फिर से यह घोषणा की है कि अगली बार सरकार बनने पर एससी-एसटी महिलाओं के लिए नई योजना लाई जाएगी।"
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होना है। पहले चरण के लिए 23 और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा, और सभी सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।