मध्य-पूर्व के तनाव पर आरपी सिंह का बयान: खाद्य और ऊर्जा संकट अनिवार्य, विपक्ष का सहयोग आवश्यक

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मध्य-पूर्व के तनाव पर आरपी सिंह का बयान: खाद्य और ऊर्जा संकट अनिवार्य, विपक्ष का सहयोग आवश्यक

सारांश

आरपी सिंह ने मध्य-पूर्व के तनाव को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इससे खाद्य और ऊर्जा संकट की संभावना बढ़ गई है। विपक्ष को सरकार का सहयोग करना चाहिए, यह समय राजनीति का नहीं है।

मुख्य बातें

मध्य-पूर्व तनाव से खाद्य और ऊर्जा संकट की संभावना।
राजनीतिक सहयोग की आवश्यकता, विशेषकर विपक्ष से।
भगवंत मान की सरकार पर आरोप और सीबीआई जांच की मांग।
समाज और पुलिस की जिम्मेदारियों का बोध।
सरकार ने हत्या के मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने शनिवार को मध्य-पूर्व में तेज होते तनाव पर चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में खाद्य और ऊर्जा संकट का आना लगभग निश्चित है। इसलिए, विपक्ष को सरकार के साथ सहयोग करने की भावना रखनी चाहिए।

आरपी सिंह ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ना लगभग तय है। ऊर्जा स्रोतों पर हमलों के कारण एलपीजी और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर वैश्विक मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय, पक्ष और विपक्ष को मिलकर काम करना चाहिए और खासकर विपक्ष को सरकार का सहयोग करना चाहिए।

एक प्रश्न के उत्तर में, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यदि वे मतदान अधिकारों की बात करती हैं तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए, क्योंकि एसआईआर की प्रक्रिया न्यायालय की निगरानी में हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं और अब पहचान होने के कारण उन्हें समस्या हो रही है।

पंजाब के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने भगवंत मान की सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने अमृतसर में एक वेयरहाउस मैनेजर की आत्महत्या के मामले में विवाद के बाद परिवहन मंत्री के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए कहा कि दबाव बनाकर ठेका दिलाने की कोशिश की गई, जिससे यह मामला गंभीर हो गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान भ्रष्टाचार को ‘कैंसर’ बताते रहे हैं, लेकिन अब उनकी सरकार पूरी तरह से इससे प्रभावित हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और मंत्रियों एवं विधायकों को अपने वित्तीय विवरण सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके।

उन्होंने मथुरा में गोरक्षक चंद्रशेखर की हत्या की घटना पर कांग्रेस नेता उदित राज के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि यह काम पुलिस का था तो गोरक्षक क्या कर रहे थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने कहा कि समाज और पुलिस दोनों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां होती हैं। समाज अपनी भूमिका निभाता है और पुलिस अपनी।

उन्होंने सवाल उठाया कि उदित राज हर मुद्दे पर टिप्पणी क्यों करते हैं। सिंह ने कहा कि समाज जागरूक है और किसी भी अप्रिय घटना पर चिंता जताना स्वाभाविक है, लेकिन कांग्रेस इस भावना को समझने में असमर्थ है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार ने इस हत्या का संज्ञान ले लिया है और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

आरपी सिंह का बयान राजनीतिक सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करता है। वैश्विक संकट के समय में, यह आवश्यक है कि सभी पार्टियां मिलकर कार्य करें। यह समय राजनीति से ऊपर उठकर देशहित के लिए काम करने का है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरपी सिंह ने किस विषय पर बात की?
आरपी सिंह ने मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और इसके वैश्विक प्रभावों पर चर्चा की।
विपक्ष को किस तरह का सहयोग करना चाहिए?
आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष को सरकार के साथ सहयोग की भावना रखनी चाहिए।
क्या ईरान, इजरायल और अमेरिका के संघर्ष का असर होगा?
जी हां, आरपी सिंह का मानना है कि इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
भगवंत मान की सरकार पर क्या आरोप लगाए गए?
आरपी सिंह ने भगवंत मान की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और सीबीआई जांच की मांग की।
कांग्रेस नेता उदित राज पर आरपी सिंह ने क्या कहा?
आरपी सिंह ने कहा कि उदित राज को हर मुद्दे पर टिप्पणी करने से पहले अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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