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जबलपुर: लोकायुक्त का वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष जैन के घर छापा, ₹3.78 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति उजागर

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जबलपुर: लोकायुक्त का वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष जैन के घर छापा, ₹3.78 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति उजागर

सारांश

मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने जबलपुर के वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के घर छापा मारकर ₹3.78 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति उजागर की — जो उनकी कुल आय से 264.64% अधिक है। संपत्तियाँ पत्नी, माता और पिता के नाम पर भी दर्ज मिलीं।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने 27 अक्टूबर 2026 को जबलपुर में वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के आवास पर छापा मारा।
जाँच में ₹3 करोड़ 78 लाख 25,707 रुपए की संपत्ति उजागर हुई, जो कुल आय से 264.64% अनुपातहीन है।
संपत्तियाँ जबलपुर , भोपाल और बन्डा सागर में — स्वयं के साथ-साथ पत्नी निधि जैन , माता शशि जैन और पिता कोमल चंद जैन के नाम पर दर्ज।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)बी और 13(2) के तहत मामला दर्ज।
परिवार के नाम पर बीमा पॉलिसियों में ₹33 लाख 93,986 रुपए का अतिरिक्त व्यय भी पाया गया।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले की निगरानी में छापेमारी जारी है।

मध्य प्रदेश की विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त ने 27 अक्टूबर 2026 की सुबह जबलपुर के रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी स्थित आवास पर छापेमारी की, जहाँ वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन रहते हैं। जाँच में अब तक ₹3 करोड़ 78 लाख 25,707 रुपए की संपत्ति उजागर हुई है, जो उनकी कुल अर्जित आय ₹1 करोड़ 3 लाख 73,317 रुपए से 264.64 प्रतिशत अनुपातहीन है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के अंतर्गत दर्ज मामले के बाद की गई है।

शिकायत और सत्यापन की पृष्ठभूमि

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले को वाणिज्यिक कर विभाग, जबलपुर में कार्यरत और वर्तमान में दमोह में पदस्थ मनीष कुमार जैन के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की सत्यापन कार्यवाही निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया द्वारा की गई। प्रथमदृष्टया सूचना सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)बी और 13(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना आरंभ की गई।

उजागर संपत्तियों का विवरण

लोकायुक्त की जाँच में जबलपुर में मनीष कुमार जैन के नाम पर 278.74 वर्ग मीटर भूमि मिली, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1 करोड़ 43 लाख 60,880 रुपए आँकी गई है। उनकी पत्नी निधि जैन के नाम से 116.14 वर्ग मीटर भूमि खरीदी गई है जिसकी अनुमानित कीमत ₹95 लाख 6,375 रुपए है। इसके अलावा निधि जैन के नाम पर ही 180 वर्ग मीटर भूमि पर एक बंगला निर्मित किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹22 लाख 87,126 रुपए है।

जाँच में 402.41 वर्ग मीटर का एक प्लॉट भी सामने आया जिसकी अनुमानित कीमत ₹13 लाख 68,550 रुपए है। भोपाल में 83.18 वर्ग मीटर का एक फ्लैट भी चिह्नित किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹13 लाख 34,630 रुपए बताई गई है।

परिजनों के नाम दर्ज संपत्तियाँ

अधिकारियों के अनुसार, मनीष जैन की माता शशि जैन के नाम से बन्डा सागर में 92.93 वर्ग मीटर का प्लॉट खरीद कर उस पर मकान बनाया गया है, जिसकी अनुमानित लागत ₹23 लाख 49,140 रुपए है। उनके पिता कोमल चंद जैन के नाम पर बन्डा सागर में 91.07 वर्ग मीटर का प्लॉट और उस पर बना मकान मिला, जिसकी अनुमानित लागत ₹43 लाख 19,388 रुपए है। इसी स्थान पर 111.48 वर्ग मीटर का एक अन्य प्लॉट और मकान भी सामने आया है जिसकी अनुमानित लागत ₹28 लाख 6,485 रुपए आँकी गई है।

इसके अतिरिक्त, मनीष जैन द्वारा अपने और परिवार के सदस्यों के नाम से ली गई बीमा पॉलिसियों में अनुमानित ₹33 लाख 93,986 रुपए का व्यय किया गया पाया गया है।

आँकड़ों में अनुपात

लोकायुक्त कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जाँच में मनीष कुमार जैन की कुल आय ₹1 करोड़ 3 लाख 73,317 रुपए के मुकाबले कुल ₹3 करोड़ 78 लाख 25,707 रुपए का व्यय पाया गया। यह अनुपातहीनता 264.64 प्रतिशत की है। गौरतलब है कि संपत्तियाँ न केवल स्वयं के नाम पर, बल्कि पत्नी, माता और पिता के नाम पर भी दर्ज हैं — जो ऐसे मामलों में सामान्य रूप से देखी जाने वाली प्रवृत्ति है।

आगे की कार्रवाई

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार छापेमारी की यह कार्रवाई अभी जारी है और आगे और संपत्तियों का खुलासा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत विवेचना में है और अगले चरण में औपचारिक गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्यवाही की संभावना बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे लोकायुक्त की जाँचों में बार-बार देखा जाता है। 264.64% की अनुपातहीनता असाधारण रूप से ऊँची है और यह प्रश्न उठाती है कि विभागीय निगरानी तंत्र इतने वर्षों तक क्यों निष्क्रिय रहा। असली परीक्षा अब यह है कि क्या यह मामला केवल संपत्ति जब्ती तक सीमित रहेगा, या अभियोजन इतना मज़बूत होगा कि दोषसिद्धि तक पहुँचे — क्योंकि मध्य प्रदेश में ऐसे अनेक छापों के बाद भी सजा की दर ऐतिहासिक रूप से कम रही है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जबलपुर में लोकायुक्त ने किस अधिकारी के घर छापा मारा?
लोकायुक्त ने वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के जबलपुर स्थित रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी के आवास पर 27 अक्टूबर 2026 को छापा मारा। मनीष जैन वर्तमान में दमोह में पदस्थ हैं।
मनीष कुमार जैन के पास कितनी अनुपातहीन संपत्ति पाई गई?
जाँच में अब तक ₹3 करोड़ 78 लाख 25,707 रुपए की संपत्ति उजागर हुई है, जबकि उनकी कुल आय ₹1 करोड़ 3 लाख 73,317 रुपए आँकी गई है। यह अनुपातहीनता 264.64 प्रतिशत है।
किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)बी और 13(2) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना आरंभ की गई है।
क्या संपत्तियाँ केवल मनीष जैन के नाम पर थीं?
नहीं, संपत्तियाँ उनकी पत्नी निधि जैन, माता शशि जैन और पिता कोमल चंद जैन के नाम पर भी दर्ज पाई गईं। संपत्तियाँ जबलपुर, भोपाल और बन्डा सागर में फैली हैं।
इस छापेमारी की कार्रवाई अभी किस स्तर पर है?
लोकायुक्त कार्यालय के अनुसार छापेमारी की कार्रवाई अभी जारी है और आगे और संपत्तियों का खुलासा होने की संभावना है। मामला विवेचना में है और अगले चरण में कानूनी कार्यवाही अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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