जबलपुर: पंचायत विभाग के बाबू सुभाष शर्मा पर लोकायुक्त का छापा, आय से 500% अधिक संपत्ति उजागर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के जबलपुर और सिवनी में लोकायुक्त ने 8 अगस्त को पंचायत विभाग के सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी सुभाष शर्मा के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें उनकी आय से 500 प्रतिशत से अधिक संपत्ति होने का प्रारंभिक खुलासा हुआ है। शर्मा और उनकी पत्नी के नाम पर मकान, भूखंड और फार्म हाउस सहित अनेक संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
कौन हैं सुभाष शर्मा
सुभाष शर्मा सिवनी स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग प्रशिक्षण केंद्र में सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं। एक सरकारी कर्मचारी के रूप में उनकी मासिक आय सीमित है, किंतु उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
रिपोर्टों के अनुसार, इन शिकायतों का लोकायुक्त ने पहले सत्यापन किया और पर्याप्त आधार मिलने पर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
शनिवार की सुबह लोकायुक्त की टीमों ने जबलपुर और सिवनी में एक साथ दबिश दी। प्रारंभिक जाँच में शर्मा और उनकी पत्नी के नाम पर मकान, भूखंड और फार्म हाउस सहित कई संपत्तियों का पता चला है।
जब्त दस्तावेजों की जाँच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सिवनी और जबलपुर के अलावा अन्य स्थानों पर भी संपत्तियाँ हैं या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक सामने आई संपत्ति उनकी अनुमानित वैध आय से 500 प्रतिशत से अधिक है।
लोकायुक्त की कार्रवाई जारी
लोकायुक्त की जाँच अभी जारी है। बरामद कागजों की छानबीन के आधार पर शर्मा की अतिरिक्त संपत्तियों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जाँच के दायरे में और स्थान भी आ सकते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार-रोधी कार्रवाइयाँ तेज हुई हैं। गौरतलब है कि लोकायुक्त ने हाल के महीनों में कई सरकारी विभागों में इसी तरह की छापेमारी की है।
आगे क्या होगा
जाँच पूरी होने के बाद लोकायुक्त द्वारा आधिकारिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यदि आरोप साबित होते हैं, तो शर्मा के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल संपत्ति दस्तावेजों की विस्तृत जाँच जारी है।