रामलला के दर्शन को अयोध्या पहुंचे जयपुर के चार बच्चे, परिवार को बताए बिना घर से निकले
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर के मुहाना क्षेत्र से 25 जून 2025 को चार बच्चे अचानक घर से गायब हो गए, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ये बच्चे लापता नहीं हुए थे, बल्कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में रामलला के दर्शन की प्रबल इच्छा के चलते बिना किसी को सूचित किए घर से निकल गए थे। मुहाना थाना पुलिस ने चारों बच्चों को अयोध्या में सुरक्षित और स्वस्थ पाया।
कौन हैं ये चार बच्चे
घर से निकले चारों बच्चों में 13 वर्षीय एक किशोरी, उसकी 9 वर्षीय छोटी बहन, उनकी 11 वर्षीय चचेरी बहन और उस चचेरी बहन का 8 वर्षीय भाई शामिल हैं। मंगलवार दोपहर ट्यूशन से लौटने के बाद इन्होंने परिवार को बिना बताए घर छोड़ा और ट्रेन में सवार होकर अयोध्या की ओर रवाना हो गए।
यात्रा के दौरान बच्चों ने सुल्तानपुर और कुशीनगर से जुड़े मार्गों से सफर किया और अंततः अयोध्या पहुंचने में सफल रहे। बच्चों के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था, जिससे उनकी सटीक लोकेशन का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया।
परिजनों ने दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट
शाम तक बच्चों के घर न लौटने पर चिंतित परिवारों ने तलाश शुरू की और बाद में मुहाना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल खोज अभियान शुरू किया।
मुहाना थाना प्रभारी (एसएचओ) गुरभूपेंद्र ने कई विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने मालपुरा गेट बस स्टैंड, आसपास के बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में चारों बच्चे एक साथ मालपुरा गेट की ओर जाते दिखाई दिए — एक वीडियो में वे एक चूड़ी की दुकान पर रुकते नजर आए, जबकि दूसरे में वे ई-रिक्शा के पास खड़े दिखे।
कैसे मिला अयोध्या का सुराग
पुलिस ने क्षेत्र के कई ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ की, जिससे बच्चों के संभावित मार्ग की जानकारी मिली। बच्चों के पास मोबाइल न होने के बावजूद लगातार जमीनी स्तर पर की गई पूछताछ और सीसीटीवी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने अयोध्या तक का पता लगाया।
पुलिस के अनुसार, चारों बच्चों की लंबे समय से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने और भव्य राम मंदिर देखने की इच्छा थी। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
सकुशल मिले, जल्द लौटेंगे जयपुर
मुहाना पुलिस ने पुष्टि की है कि चारों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। बच्चों के मिलने की खबर से परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस की एक टीम परिजनों के साथ अयोध्या रवाना हो चुकी है और शीघ्र ही बच्चों को वापस जयपुर लाया जाएगा।
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि राम मंदिर के प्रति आस्था और आकर्षण किस हद तक बच्चों के मन में भी गहरी जड़ें जमाए हुए है — हालांकि इस तरह बिना सूचना के घर से निकलना बड़ा जोखिम भी साबित हो सकता है।