जम्मू-कश्मीर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एसीबी की एपीकेएस शाखा का उद्घाटन किया, कहा- 'तेज जांच आवश्यक'

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जम्मू-कश्मीर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एसीबी की एपीकेएस शाखा का उद्घाटन किया, कहा- 'तेज जांच आवश्यक'

सारांश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एसीबी के नए मुख्यालय और एपीकेएस ब्रांच का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत कार्रवाई और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ तेज जांच की आवश्यकता है।
  • पारदर्शिता शासन का आधार है।
  • नए एसीबी मुख्यालय का उद्देश्य भ्रष्टाचार समाप्त करना है।
  • अंतर-एजेंसी सहयोग महत्वपूर्ण है।
  • अवंतीपोरा की एपीकेएस शाखा दक्षता बढ़ाएगी।

जम्मू, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को जम्मू के सिधरा में एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के नए मुख्यालय भवन और अवंतीपोरा में एसीबी की एपीकेएस ब्रांच का उद्घाटन किया। यह आयोजन भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई और पारदर्शी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि ये भवन सिर्फ स्टील, कांच और कंक्रीट से बने नहीं हैं, बल्कि ये पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त केंद्र शासित प्रदेश की एक बड़ी घोषणा हैं। उन्होंने जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर अब साधारण या मामूली चीजों से संतुष्ट नहीं है। अब यह बड़े सपनों की ओर बढ़ रहा है, और जनता में यह विश्वास है कि भविष्य उज्जवल है।

उपराज्यपाल ने पिछले 5-6 वर्षों में आए बड़े परिवर्तनों का उल्लेख किया और बताया कि सिस्टम को पारदर्शी बनाया गया है, जो अब पब्लिक सर्विस के लिए समर्पित है। यह मशीनरी अब कुछ विशेष व्यक्तियों के लाभ के लिए नहीं, बल्कि पूरे केंद्र शासित क्षेत्र के हर नागरिक के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फेसलेस सिस्टम के माध्यम से सरकारी प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार को समाप्त किया गया है, देरी को कम किया गया है और सेवाएं सीधे आम नागरिकों तक पहुंचाई जा रही हैं।

उन्होंने एसीबी अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे हर निर्णय, जांच और अभियोजन को अदालत की जांच में मजबूती से खड़ा रखें। संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उपयोग अन्याय को उजागर करने, भ्रष्टाचार को समाप्त करने और जनता का विश्वास जीतने के लिए करें। उपराज्यपाल ने कहा कि तेज जांच आवश्यक है, क्योंकि देर से मिलने वाला न्याय न केवल समाज को उसका हक नहीं देता, बल्कि भ्रष्टाचार के मामलों में परिणामों को भी कमजोर करता है। हमें ऐसा कार्य संस्कृति विकसित करनी होगी जिसमें न्याय में देरी समाप्त हो सके।

उपराज्यपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार केवल जनता के पैसे की बर्बादी नहीं है, बल्कि यह युवाओं से अवसर छीनने, परिवारों से सुरक्षा छीनने और समाज के बुजुर्गों के साथ अन्याय करने का कार्य है। इसके बुरे प्रभाव आर्थिक नुकसान से कहीं अधिक गहरे होते हैं, जो कई पीढ़ियों को प्रभावित करते हैं। हमें मिलकर भ्रष्टाचार-मुक्त जम्मू-कश्मीर का निर्माण करना चाहिए।

उन्होंने एसीबी से रोजाना सेल्फ-ऑडिट करने और विश्वसनीयता को बढ़ाने की सलाह दी। इसके साथ ही, उन्होंने अंतर-एजेंसी सहयोग पर बल दिया, क्योंकि भ्रष्टाचार किसी सीमा को नहीं मानता और डेटा विभिन्न नेटवर्क में बिखरा होता है। एक एजेंसी की जानकारी दूसरी की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।

अवंतीपोरा की नई एपीकेएस ब्रांच दक्षिण कश्मीर के सभी जिलों की जरूरतों को पूरा करेगी, जिससे ऑपरेशनल दक्षता बढ़ेगी, पहुंच में सुधार होगा और शिकायतों का समय पर निपटारा संभव होगा।

Point of View

बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे शासन में सुधार लाया जा सकता है।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

एसीबी की एपीकेएस शाखा का उद्घाटन कब हुआ?
यह उद्घाटन 8 मार्च को जम्मू के सिधरा में हुआ।
उपराज्यपाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या कहा?
उपराज्यपाल ने तेज जांच की आवश्यकता और भ्रष्टाचार को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नए एसीबी मुख्यालय का उद्देश्य क्या है?
नया मुख्यालय भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए स्थापित किया गया है।
उपराज्यपाल ने किस प्रकार के सहयोग पर जोर दिया?
उपराज्यपाल ने अंतर-एजेंसी सहयोग पर बल दिया है।
अवंतीपोरा की एपीकेएस शाखा का महत्व क्या है?
यह शाखा दक्षिण कश्मीर के सभी जिलों की जरूरतों को पूरा करेगी और शिकायतों का समय पर निपटारा संभव बनाएगी।
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