जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दो: फारूक की मुहिम पर जेबी माथर का खुला समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की राज्यसभा सांसद जेबी माथर ने 10 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में एक के बाद एक कई अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा — जिनमें जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग, वायनाड भूस्खलन, महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC), ऑपरेशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री के बयान और भारत के तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के दावे शामिल रहे। माथर ने स्पष्ट किया कि विपक्ष लोकतांत्रिक मर्यादा में अपनी बात रख रहा है, जबकि सरकार मूलभूत सवालों से ध्यान भटकाने में लगी है।
जम्मू-कश्मीर राज्य दर्जे पर माथर का रुख
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए 52 राजनीतिक नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन माँगा है। इस पहल पर माथर ने कहा कि यह उनकी दीर्घकालिक माँग है और लोकतंत्र में व्यापक समर्थन जुटाना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। उन्होंने तर्क दिया कि जब किसी मुद्दे पर गहरी प्रतिबद्धता हो, तो विभिन्न दलों का समर्थन माँगना उस माँग को और अधिक वज़नदार बनाता है।
वायनाड भूस्खलन: राहत अभियान जारी
वायनाड में हुई भीषण भूस्खलन त्रासदी पर माथर ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बताया कि राहत एवं बचाव कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि केरल सरकार के राजस्व मंत्री एपी अनिल कुमार घटनास्थल पर लगातार मौजूद हैं और सरकार के सभी विभाग प्रभावित लोगों की सहायता में जुटे हैं। कांग्रेस महासचिव एवं वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने ऑनलाइन समीक्षा बैठक में भाग लेकर हालात की निगरानी की है। लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
UCC पर तीखी प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राज्य में जल्द समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के बयान पर माथर ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकारें सड़कों के नाम बदलने या UCC जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देकर असली समस्याओं से ध्यान हटा रही हैं। माथर ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है और संविधान सभी धर्मों को अपनी परंपराओं के अनुसार जीने का अधिकार देता है। उन्होंने राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और अब महाराष्ट्र में UCC को लेकर उठाए जा रहे कदमों को 'तानाशाही प्रवृत्ति' करार दिया।
ऑपरेशन सिंदूर और कूटनीतिक सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए दुनिया ने भारत की रक्षा क्षमता देखी — माथर ने कहा कि दुनिया की नज़र केवल सैन्य शक्ति पर नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक कूटनीतिक भूमिका पर भी है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का स्पष्ट रुख क्या है, और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के दावे पर सवाल
प्रधानमंत्री मोदी के भारत को जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के दावे पर माथर ने कहा कि बड़े आँकड़ों की बजाय सरकार को महंगाई, किसानों की समस्याएँ, आम लोगों की आर्थिक परेशानियाँ और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे ज़मीनी मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से बड़ी-बड़ी घोषणाएँ होती रही हैं, लेकिन जनता की वास्तविक परेशानियाँ कम करने के लिए ठोस कदम उठाना ज़रूरी है। आलोचकों का कहना है कि विकास के दावों और आम जनता के अनुभव के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है।