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जामनगर होमगार्ड्स ने बनाईं 12,000 सीड बॉल्स, पीएम मोदी के 12 साल पर पर्यावरण को समर्पित पहल

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जामनगर होमगार्ड्स ने बनाईं 12,000 सीड बॉल्स, पीएम मोदी के 12 साल पर पर्यावरण को समर्पित पहल

सारांश

पीएम मोदी के 12 साल पूर्ण होने पर जामनगर होमगार्ड्स ने 12,000 सीड बॉल्स तैयार कर हरियाली को सलाम किया। JMC के सहयोग से बनी ये बीज गोलियाँ वर्षा ऋतु से पहले वन विभाग को सौंपी जाएंगी — सरगवा से गुलमोहर तक, 10 देशी प्रजातियों के बीज इनमें समाए हैं।

मुख्य बातें

जामनगर जिला होमगार्ड्स ने पीएम मोदी के 12 साल के उपलक्ष्य में 12,000 से अधिक सीड बॉल्स तैयार कीं।
सीड बॉल्स में सरगवा, नींबू, खैर, वटवृक्ष, जामुन, पीपल सहित 10 देशी वृक्ष प्रजातियों के बीज शामिल हैं।
निर्माण में जामनगर महानगरपालिका (JMC) के सहयोग से काली मिट्टी और गोबर की प्राकृतिक खाद का उपयोग हुआ।
सभी सीड बॉल्स जामनगर वन विभाग को सौंपी जाएंगी, जो वर्षा ऋतु से पहले इन्हें रोपेगा।
अभियान गुजरात सरकार के गृह विभाग के निर्देशानुसार चलाया गया।

जामनगर जिला होमगार्ड्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र सरकार में 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 12,000 से अधिक सीड बॉल्स (बीज गोलियाँ) तैयार की हैं, जिन्हें वर्षा ऋतु से पहले जामनगर वन विभाग को सौंपा जाएगा। 14 जून को शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य हरित आवरण बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को नई गति देना है।

पहल का स्वरूप और उद्देश्य

जामनगर होमगार्ड्स ने यह अभियान गुजरात सरकार के गृह विभाग के निर्देशानुसार चलाया। इन सीड बॉल्स में सरगवा, नींबू, खैर, गोरस, इमली, हरमो, वटवृक्ष, जामुन, पीपल और गुलमोहर सहित कई देशी प्रजातियों के बीज शामिल किए गए हैं। सीड बॉल्स तैयार करने में जामनगर महानगरपालिका (JMC) के सहयोग से काली मिट्टी और गोबर की प्राकृतिक खाद का उपयोग किया गया।

सीड बॉल्स कैसे काम करती हैं

बीजों को मिट्टी और गोबर के मिश्रण से लड्डू की आकृति दी जाती है। इन्हें वर्षा से पहले उन क्षेत्रों में रोपा जाएगा जहाँ हरियाली की आवश्यकता है। बारिश होने पर मिट्टी की परत गलती है और बीज अंकुरित होकर कालांतर में वृक्ष का रूप लेते हैं। यह विधि कम लागत में अधिक क्षेत्रफल में वृक्षारोपण संभव बनाती है।

होमगार्ड कमांडेंट की प्रतिक्रिया

जामनगर जिला होमगार्ड कमांडेंट गिरीश सरवैया ने कहा, 'हमारा जामनगर का होमगार्ड परिवार वन विभाग के साथ मिलकर पीएम मोदी के हरियाली क्रांति के विचार में सहभागी होगा। इसी के तहत 12 साल के उपलक्ष्य में हम 12 हजार सीड-बॉल्स बना रहे हैं।' उन्होंने बताया कि सभी सीड बॉल्स वन विभाग को सौंपी जाएंगी जो जरूरत की जगहों पर इनका उपयोग करेगा।

आम जनता और पर्यावरण पर असर

यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में बढ़ते तापमान और घटते हरित क्षेत्र को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि सीड बॉल तकनीक को पारंपरिक वृक्षारोपण की तुलना में अधिक किफायती और टिकाऊ माना जाता है, क्योंकि इसमें रोपाई के लिए अलग से श्रम और सिंचाई की जरूरत नहीं होती। वर्षा ऋतु में इनके प्रभावी अंकुरण की संभावना अधिक रहती है। आने वाले महीनों में इन सीड बॉल्स के रोपण के बाद इनकी निगरानी वन विभाग द्वारा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 सीड बॉल्स की यह पहल प्रतीकात्मक रूप से आकर्षक है, लेकिन असली सवाल यह है कि वर्षा के बाद इनकी अंकुरण दर और दीर्घकालिक जीवित रहने की निगरानी कैसे होगी। सीड बॉल तकनीक विश्वभर में प्रभावी मानी गई है, पर इसकी सफलता उचित स्थान-चयन और मानसून की अनुकूलता पर निर्भर करती है। यह पहल सरकारी अर्धसैनिक बलों को पर्यावरण अभियानों से जोड़ने की बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है — जो सकारात्मक है, बशर्ते परिणाम महज आंकड़ों तक सीमित न रहें।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामनगर होमगार्ड्स की सीड बॉल्स पहल क्या है?
जामनगर जिला होमगार्ड्स ने पीएम मोदी के 12 साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 12,000 से अधिक सीड बॉल्स तैयार की हैं, जिनमें 10 देशी वृक्ष प्रजातियों के बीज हैं। ये बॉल्स वर्षा ऋतु से पहले जामनगर वन विभाग को सौंपी जाएंगी।
सीड बॉल्स कैसे बनाई जाती हैं और ये कैसे काम करती हैं?
सीड बॉल्स में बीजों को काली मिट्टी और गोबर की खाद के मिश्रण से लड्डू की आकृति दी जाती है। बारिश होने पर मिट्टी की परत गलती है, बीज अंकुरित होते हैं और धीरे-धीरे वृक्ष बन जाते हैं।
इन सीड बॉल्स में कौन-कौन से पेड़ों के बीज हैं?
इनमें सरगवा, नींबू, खैर, गोरस, इमली, हरमो, वटवृक्ष, जामुन, पीपल और गुलमोहर सहित 10 देशी प्रजातियों के बीज शामिल हैं। ये सभी स्थानीय पारिस्थितिकी के अनुकूल वृक्ष हैं।
इस अभियान में जामनगर महानगरपालिका की क्या भूमिका है?
जामनगर महानगरपालिका (JMC) ने सीड बॉल्स के निर्माण में काली मिट्टी और गोबर की प्राकृतिक खाद उपलब्ध कराने में सहयोग दिया। वन विभाग इन्हें आवश्यक स्थानों पर रोपेगा।
सीड बॉल्स कब और कहाँ रोपी जाएंगी?
सभी सीड बॉल्स जामनगर वन विभाग को सौंपी जाएंगी, जो वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले जरूरत के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में इनका रोपण करेगा। इससे हरित आवरण बढ़ाने का लक्ष्य है।
राष्ट्र प्रेस
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