6 अगस्त 2026
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आंध्र प्रदेश में दो नए एम्स की मांग: जनसेना सांसद रमेश ने नड्डा को लिखा पत्र

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आंध्र प्रदेश में दो नए एम्स की मांग: जनसेना सांसद रमेश ने नड्डा को लिखा पत्र

सारांश

जनसेना सांसद लिंगमनेनी रमेश ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को पत्र लिखकर रायलसीमा और उत्तरांध्र में दो नए एम्स की माँग की है। पाँच करोड़ की आबादी और तीन प्रमुख क्षेत्रों वाले राज्य में एकमात्र एम्स मंगलगिरि पर्याप्त नहीं — यह माँग क्षेत्रीय स्वास्थ्य असमानता की गहरी खाई को उजागर करती है।

मुख्य बातें

जनसेना सांसद लिंगमनेनी रमेश ने 6 अगस्त 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा।
रायलसीमा और उत्तर तटीय आंध्र में एक-एक नया एम्स स्तर का संस्थान स्थापित करने की माँग।
एम्स मंगलगिरि ( 2015 में स्वीकृत) के विस्तार — सुपर स्पेशियलिटी विभाग और शोध केंद्र — की भी माँग।
राज्य की पाँच करोड़ आबादी और तीन प्रमुख क्षेत्रों के लिए एकमात्र एम्स अपर्याप्त बताया गया।
जम्मू-कश्मीर और बिहार में एकाधिक एम्स के उदाहरण देकर माँग को तार्किक आधार दिया।

जनसेना के राज्यसभा सांसद लिंगमनेनी रमेश ने 6 अगस्त 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर आंध्र प्रदेश में दो नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्तर के संस्थान स्थापित करने की माँग की है। उन्होंने तर्क दिया कि लगभग पाँच करोड़ की आबादी वाले इस राज्य में एकमात्र एम्स मंगलगिरि तीनों प्रमुख क्षेत्रों की स्वास्थ्य ज़रूरतें पूरी करने में सक्षम नहीं है।

मुख्य माँगें

सांसद रमेश ने पत्र में स्पष्ट किया कि नए एम्स स्तर के संस्थान रायलसीमा और उत्तर तटीय आंध्र (उत्तरांध्र) में स्थापित किए जाने चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने एम्स मंगलगिरि के विस्तार की भी माँग की — जिसमें नए सुपर स्पेशियलिटी विभाग, उन्नत शोध केंद्र और बढ़ी हुई क्षमता शामिल हैं।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य असमानता की समस्या

रमेश ने पत्र में रेखांकित किया कि वर्तमान में एम्स मंगलगिरि मुख्यतः मध्य तटीय क्षेत्र को सेवाएँ देता है। रायलसीमा के मरीजों को उन्नत इलाज के लिए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है, जबकि उत्तर तटीय आंध्र के लोगों को विशेष उपचार के लिए प्रायः विशाखापत्तनम या राज्य से बाहर जाना पड़ता है। हृदय रोग, ट्रॉमा, स्ट्रोक, अंग प्रत्यारोपण, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसाइंस और क्रिटिकल केयर जैसी आपात स्थितियों में यह लंबी दूरी मरीजों के उपचार पर प्रतिकूल असर डालती है।

ऐतिहासिक संदर्भ और तुलनात्मक उदाहरण

एम्स मंगलगिरि की स्थापना 2015 में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत राज्य विभाजन के बाद हुई थी। यह संस्थान आज आंध्र प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के लाखों मरीजों को तृतीयक चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सेवाएँ प्रदान कर रहा है। गौरतलब है कि एक ही राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में एकाधिक एम्स के उदाहरण पहले से मौजूद हैं — जम्मू-कश्मीर में विजयपुर (जम्मू) और अवंतीपोरा (कश्मीर) में दो एम्स स्वीकृत हैं, तथा बिहार में पटना और दरभंगा में एम्स (निर्माणाधीन) हैं।

आंध्र प्रदेश के पुनर्गठन के बाद की ज़रूरतें

सांसद ने कहा कि 2014 में राज्य के पुनर्गठन के बाद संस्थागत संसाधनों का पुनर्वितरण हुआ और पिछले एक दशक में स्वास्थ्य सेवाओं की माँग कई गुना बढ़ चुकी है। उनके अनुसार, भौगोलिक विस्तार, जनसंख्या घनत्व और क्षेत्रीय स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए राज्य में राष्ट्रीय स्तर के अतिरिक्त संस्थान अनिवार्य हैं।

आगे क्या होगा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह माँग स्वीकार होती है, तो रायलसीमा और उत्तरांध्र के दूरदराज़ इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधाएँ मिल सकेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए तत्काल राहत के लिए मौजूदा एम्स मंगलगिरि के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करना अधिक व्यावहारिक हो सकता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनसेना सांसद ने आंध्र प्रदेश में कितने नए एम्स की माँग की है?
जनसेना के राज्यसभा सांसद लिंगमनेनी रमेश ने दो नए एम्स स्तर के संस्थान — एक रायलसीमा में और एक उत्तर तटीय आंध्र में — स्थापित करने की माँग की है। यह माँग 6 अगस्त 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को लिखे पत्र में की गई।
एम्स मंगलगिरि क्या है और यह कब स्थापित हुआ?
एम्स मंगलगिरि आंध्र प्रदेश में स्थित केंद्रीय चिकित्सा संस्थान है, जिसे 2015 में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत राज्य विभाजन के बाद स्वीकृत किया गया था। यह संस्थान आंध्र प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के लाखों मरीजों को तृतीयक चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सेवाएँ प्रदान करता है।
रायलसीमा और उत्तरांध्र में नए एम्स की ज़रूरत क्यों है?
एम्स मंगलगिरि मुख्यतः मध्य तटीय क्षेत्र को सेवाएँ देता है। रायलसीमा के मरीजों को उन्नत इलाज के लिए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है और उत्तरांध्र के लोगों को भी विशेष उपचार के लिए विशाखापत्तनम या राज्य से बाहर जाना पड़ता है। हृदय रोग, स्ट्रोक और ट्रॉमा जैसी आपात स्थितियों में यह दूरी जानलेवा साबित हो सकती है।
क्या किसी एक राज्य में एक से अधिक एम्स हो सकते हैं?
हाँ, ऐसे उदाहरण पहले से मौजूद हैं। जम्मू-कश्मीर में विजयपुर (जम्मू) और अवंतीपोरा (कश्मीर) में दो एम्स स्वीकृत हैं, तथा बिहार में पटना और दरभंगा में एम्स (निर्माणाधीन) हैं। सांसद रमेश ने इन्हीं उदाहरणों का हवाला देते हुए आंध्र प्रदेश के लिए समान व्यवस्था की माँग की है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने इस माँग पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अभी तक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सांसद रमेश का पत्र 6 अगस्त 2026 को भेजा गया है और मंत्रालय के जवाब का इंतज़ार है।
राष्ट्र प्रेस
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