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जंतर मंतर छात्र आंदोलन पर रामकृपाल यादव का दावा: 'देश को कमज़ोर करने की साजिश थी'

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जंतर मंतर छात्र आंदोलन पर रामकृपाल यादव का दावा: 'देश को कमज़ोर करने की साजिश थी'

सारांश

बिहार मंत्री रामकृपाल यादव ने जंतर मंतर छात्र आंदोलन को देश को कमज़ोर करने की साजिश बताया। उनका दावा है कि दिल्ली पुलिस जाँच में सोशल मीडिया गतिविधियों का पाकिस्तान से संभावित संबंध उभरा है — हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह बयान राजनीतिक बहस को और तेज़ कर रहा है।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री रामकृपाल यादव ने 26 जुलाई को दावा किया कि जंतर मंतर छात्र आंदोलन के पीछे सुनियोजित साजिश थी।
यादव के अनुसार दिल्ली पुलिस जाँच में सोशल मीडिया गतिविधियों का पाकिस्तान से संभावित संबंध सामने आया है — स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के स्वेच्छा से इस्तीफे के बाद मामला शांत हुआ, यादव के अनुसार।
तेज प्रताप यादव के उम्मीदवार का नामांकन उम्मीदवार से जुड़े कारणों से रद्द हुआ।
विपक्षी दलों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी बाकी है।

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने 26 जुलाई को दावा किया कि जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के पीछे एक सुनियोजित साजिश थी, जिसका मकसद देश को कमज़ोर करना और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना था। यह बयान पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आया है, जिसके बाद से राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

मुख्य आरोप और दावे

मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि वह पहले दिन से यह कहते आ रहे हैं कि छात्र किसी बाहरी साजिश का शिकार हुए। उनके अनुसार, दिल्ली पुलिस की जाँच में सोशल मीडिया गतिविधियों का संबंध पाकिस्तान से जुड़ा होने की बात सामने आई है। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

यादव ने कहा कि ऐसी गतिविधियों का उद्देश्य देश में अस्थिरता पैदा करना, लोगों के बीच विभाजन बढ़ाना और शांति व्यवस्था को नुकसान पहुँचाना हो सकता है। उनके अनुसार, सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और किसी भी साजिश में फँसने से बचने के लिए समय रहते कदम उठाए।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया

पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने कहा कि प्रधान ने प्रधानमंत्री के सामने स्वेच्छा से पद छोड़ा, जिसके बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने कहा कि अब छात्रों को भी यह समझ आ रहा होगा कि पूरे घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ था।

आंदोलन में भाषा और सोशल मीडिया पर सवाल

मंत्री ने आंदोलन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी मांग को लोकतांत्रिक और सम्मानजनक तरीके से रखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कुछ तत्वों ने सोशल मीडिया के ज़रिये प्रधानमंत्री के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जो स्वीकार्य नहीं है।

तेज प्रताप यादव और जन सुराज पार्टी पर टिप्पणी

तेज प्रताप यादव के बारे में रामकृपाल यादव ने कहा कि वह एक राजनीतिक दल के नेता हैं और उन्होंने हाल ही में नई पार्टी बनाई है। उनके उम्मीदवार का नामांकन उम्मीदवार से जुड़े कारणों से रद्द हुआ था। जन सुराज पार्टी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से प्रतिबंधित क्षेत्र में हंगामा करने वालों के साथ शामिल हो गए, जिसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

आगे की राजनीतिक स्थिति

रामकृपाल यादव के इन बयानों के बाद राजनीतिक बहस और गहरी हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से इन आरोपों पर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया आनी बाकी है, और यह देखना होगा कि क्या जाँच एजेंसियाँ इन दावों को आगे की कार्रवाई का आधार बनाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि का अभाव इसे एक आरोप से आगे नहीं जाने देता। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से उपजी छवि-क्षति को संभालने की कोशिश कर रही है। छात्र आंदोलनों को 'बाहरी साजिश' बताने का यह पैटर्न नया नहीं है — लेकिन बिना सत्यापित साक्ष्य के ऐसे बयान असहमति को दबाने का औज़ार भी बन सकते हैं, जो लोकतांत्रिक विमर्श के लिए चिंताजनक है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामकृपाल यादव ने जंतर मंतर आंदोलन को लेकर क्या दावा किया?
बिहार मंत्री रामकृपाल यादव ने दावा किया कि जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के पीछे एक सुनियोजित साजिश थी जिसका उद्देश्य देश को कमज़ोर करना और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना था। उनके अनुसार दिल्ली पुलिस जाँच में सोशल मीडिया गतिविधियों का पाकिस्तान से संभावित संबंध सामने आया है, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर रामकृपाल यादव का क्या कहना है?
यादव ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के सामने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। उनका मानना है कि अब छात्रों को भी पूरे घटनाक्रम की सच्चाई समझ आ रही होगी।
क्या पाकिस्तान से सोशल मीडिया लिंक के दावे की पुष्टि हुई है?
नहीं। रामकृपाल यादव ने दिल्ली पुलिस जाँच का हवाला दिया है, लेकिन इन आरोपों की कोई स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। ये दावे अभी आरोप के स्तर पर हैं।
तेज प्रताप यादव के उम्मीदवार का नामांकन क्यों रद्द हुआ?
रामकृपाल यादव के अनुसार तेज प्रताप यादव के उम्मीदवार का नामांकन उम्मीदवार से जुड़े कारणों से रद्द किया गया था, न कि किसी राजनीतिक दबाव के चलते। हालाँकि उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
इस मामले में जन सुराज पार्टी की क्या भूमिका बताई गई?
रामकृपाल यादव ने आरोप लगाया कि जन सुराज पार्टी के कुछ लोग राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से प्रतिबंधित क्षेत्र में हंगामा करने वालों के साथ शामिल हो गए, जिसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
राष्ट्र प्रेस
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