धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो बातचीत नहीं — सपा का साफ ऐलान, जंतर-मंतर आंदोलन जारी रहेगा
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) ने 24 जुलाई को स्पष्ट कर दिया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक न तो सरकार से कोई बातचीत होगी और न ही जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन समाप्त किया जाएगा। पार्टी की यह प्रतिक्रिया एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक द्वारा अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद आई है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर सपा की प्रतिक्रिया
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत करते हुए कहा, 'उन्होंने अनशन खत्म किया है, जो सही है और इसके लिए बधाई देता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि जल्द उनका स्वास्थ्य ठीक हो।' उन्होंने यह भी बताया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की थी और इस उद्देश्य से पार्टी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भी भेजा था।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि अखिलेश यादव का संदेश था — 'जिंदगी बहुत कीमती है।' उनके अनुसार, वांगचुक जैसे व्यक्ति की जान किसी भी सरकार से बढ़कर है।
भूख हड़ताल और मौजूदा सरकार पर सपा का रुख
अवधेश प्रसाद ने तीखे शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर भूख हड़ताल जैसे विरोध-प्रदर्शन का कोई असर नहीं होता। उन्होंने कहा, 'विरोध का यह तरीका राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्याग्रह के एक साधन के तौर पर दिया था, लेकिन मौजूदा सरकार पर इसका कोई असर होता नहीं दिखता।'
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन की घोषणा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश सामने आया है — जिसे विपक्ष पर्याप्त नहीं मानता।
सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल
सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल से सरकार की बातचीत के सवाल पर अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में दखल नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा, 'इसी वजह से देश के हर कोने से लोग जंतर-मंतर पर जमा हो रहे हैं। सरकार के कोई ठोस कदम न उठाने की वजह से हालात इस मोड़ पर पहुंच गए हैं।'
प्रधानमंत्री मोदी के संदेश और फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने पूछा, 'शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया? सबसे पहले प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगना चाहिए। उसके बाद ही उन्हें देश, छात्रों और जनता के सामने आकर इस मुद्दे पर बात करनी चाहिए।'
सपा प्रवक्ता की दो टूक — आंदोलन जारी रहेगा
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने पार्टी की स्थिति और भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा, 'हमने बार-बार कहा है कि सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति की जान इस वर्तमान सरकार से अधिक कीमती है। उन्हें भी अपनी जान देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये युवा आंदोलन है। युवाओं के होने से आंदोलन को मजबूती मिलती है।'
आशुतोष वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हमारी मांग बदली नहीं है। जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है, तब तक न बातचीत हो सकती है और न ही आंदोलन खत्म होगा।' गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर देश के विभिन्न हिस्सों से प्रदर्शनकारी जुटते जा रहे हैं और विपक्ष इसे व्यापक जन समर्थन का प्रतीक बता रहा है।
आगे क्या होगा
सपा के इस कड़े रुख के बाद यह स्पष्ट है कि जब तक केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई निर्णय नहीं लेती, तब तक विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों के बीच किसी सार्थक संवाद की संभावना नहीं दिखती। जंतर-मंतर पर आंदोलन का दायरा बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में राजनीतिक दबाव और तेज होने के संकेत हैं।