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जंतर-मंतर विरोध पर BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य बोले — शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हक है, देशविरोधी गतिविधियाँ नहीं

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जंतर-मंतर विरोध पर BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य बोले — शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हक है, देशविरोधी गतिविधियाँ नहीं

सारांश

जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग और सोनम वांगचुक को हटाए जाने पर BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन किया, लेकिन देशविरोधी नारों और धार्मिक अपमान को अस्वीकार्य बताया। सपा सांसद नीरज मौर्य ने वांगचुक के साथ हुए व्यवहार पर असहमति जताई।

मुख्य बातें

BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य ने 19 जुलाई को जयपुर में जंतर-मंतर प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी।
आचार्य ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन किया, लेकिन देशविरोधी नारों और भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणियों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने पर विवाद जारी है।
सपा सांसद नीरज मौर्य ने वांगचुक के साथ हुए व्यवहार को लोकतांत्रिक दृष्टि से उचित नहीं बताया और सरकार से सीधे संवाद की अपील की।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है, जिसमें यह मुद्दा उठ सकता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक बालमुकुंद आचार्य ने 19 जुलाई 2026 को जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को वहाँ से हटाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन करते हुए देशविरोधी गतिविधियों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।

आचार्य का बयान: अधिकार और सीमा

BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि एक स्वतंत्र देश में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का अधिकार है और इस पर किसी को आपत्ति नहीं है। हालाँकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन के दौरान कुछ तत्वों ने देश के मूल्यों के विरुद्ध माहौल बनाने की कोशिश की। उनके अनुसार, इस तरह की घटनाएँ समय-समय पर होती रहती हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

सोनम वांगचुक और धार्मिक आस्था का प्रश्न

आचार्य ने स्पष्ट किया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रदर्शन से किसी को कोई एतराज नहीं है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कथित तौर पर देशविरोधी नारे लगाए गए और भगवान राम के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा, "राम-जानकी जी आस्था के केंद्र हैं — उनके बारे में इस तरह की बातें करना उचित नहीं है और इस पर नाराज़गी व्यक्त करना स्वाभाविक है।"

सपा सांसद नीरज मौर्य की अलग राय

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद नीरज मौर्य ने वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने को लेकर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक शांतिपूर्ण धरने पर बैठे और भूख हड़ताल कर रहे व्यक्ति के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह उचित नहीं लगता। सांसद मौर्य ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह वांगचुक से सीधे संवाद करे, क्योंकि बातचीत से ही समस्याओं का समाधान होता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जो लोग आज सत्ता में हैं, वे स्वयं विपक्ष में रहते हुए ऐसे प्रदर्शनों का समर्थन करते थे।

संसद मानसून सत्र पर सपा सांसद का रुख

सपा सांसद नीरज मौर्य ने 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र पर कहा कि विपक्ष सदन में जनता की समस्याओं और आवाज़ को सकारात्मक रूप से उठाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार यदि जवाब न देना चाहे या सदन न चलाना चाहे तो यह उसकी इच्छा है, लेकिन जनप्रतिनिधियों को जनता की बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।

आगे क्या

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से आरंभ होने वाला है। गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग और वांगचुक को हटाए जाने का मुद्दा सत्र में भी गूँज सकता है। राजनीतिक दलों की परस्पर विरोधी प्रतिक्रियाएँ इस बात का संकेत देती हैं कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तीखा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हर बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद उभरती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि सपा सांसद नीरज मौर्य ने सत्तारूढ़ दल की आलोचना करते हुए याद दिलाया कि विपक्ष में रहते हुए यही नेता ऐसे प्रदर्शनों के समर्थक थे — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर दब जाता है। सोनम वांगचुक जैसे अहिंसक प्रदर्शनकारी को हटाने की कार्रवाई और उस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का यह विभाजन दिखाता है कि मानसून सत्र से ठीक पहले विपक्ष के पास एक तैयार मुद्दा है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बालमुकुंद आचार्य ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर क्या कहा?
BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन जंतर-मंतर पर कथित तौर पर देशविरोधी नारे लगाए गए और भगवान राम के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं, जो बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने इसे देश के मूल्यों के विरुद्ध बताया।
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से क्यों हटाया गया?
स्रोत के अनुसार सोनम वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरने और भूख हड़ताल पर थे। उन्हें शनिवार को वहाँ से हटाया गया, जिस पर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है।
सपा सांसद नीरज मौर्य ने वांगचुक के मामले पर क्या कहा?
सपा सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि एक शांतिपूर्ण धरनाकारी के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया वह लोकतांत्रिक दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह वांगचुक से सीधे बातचीत करे, क्योंकि संवाद से ही समस्याओं का समाधान होता है।
संसद का मानसून सत्र 2026 कब शुरू होगा?
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होने वाला है। सपा सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि विपक्ष इस सत्र में जनता की समस्याओं को सकारात्मक रूप से उठाएगा।
जंतर-मंतर पर किस मंत्री के इस्तीफे की माँग की जा रही है?
जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसी प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक भी धरने पर बैठे थे।
राष्ट्र प्रेस
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