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जाट आरक्षण हुंकार सभा भरतपुर: हनुमान बेनीवाल के साथ 4 राज्यों से 1 लाख लोग जुटने की उम्मीद

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जाट आरक्षण हुंकार सभा भरतपुर: हनुमान बेनीवाल के साथ 4 राज्यों से 1 लाख लोग जुटने की उम्मीद

सारांश

भरतपुर में जाट आरक्षण हुंकार सभा — केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की दशकों पुरानी माँग एक बार फिर सड़कों पर। RLP सांसद हनुमान बेनीवाल की अगुवाई में 4 राज्यों से 1 लाख लोगों के जुटने का दावा, और 'पीले चावल' की परंपरा से बुलाया गया जन-आह्वान — यह रैली आंदोलन की अगली रणनीति भी तय करेगी।

मुख्य बातें

भरतपुर के नुमाइश मैदान में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 'हुंकार सभा' आयोजित की जा रही है।
RLP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल रैली में शामिल होंगे।
राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से लगभग 1 लाख लोगों के जुटने का अनुमान।
माँग: भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों के जाट समुदाय को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल किया जाए।
गाँवों में 'पीले चावल' बाँटकर पारंपरिक तरीके से आमंत्रण दिया गया।
बड़ी भीड़ के मद्देनज़र भरतपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए।

भरतपुर के नुमाइश मैदान में सोमवार, 23 जून को जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से एक विशाल 'हुंकार सभा' आयोजित की जा रही है, जिसमें केंद्रीय ओबीसी सूची में जाट समुदाय को शामिल करने की माँग को नए सिरे से उठाया जाएगा। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल अपने समर्थकों के साथ इस रैली में शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से लगभग 1 लाख लोगों के जुटने की संभावना है।

रैली की पृष्ठभूमि और माँग

भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों के जाट समुदाय की केंद्रीय ओबीसी आरक्षण की माँग वर्षों से अनुत्तरित है। समुदाय के नेताओं का कहना है कि अलग-अलग सरकारों से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद यह माँग आज तक पूरी नहीं हुई। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वी राजस्थान में सामाजिक-राजनीतिक गोलबंदी तेज़ हो रही है और आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है।

सांसद बेनीवाल का बयान

हनुमान बेनीवाल ने कहा, "यह रैली धौलपुर, भरतपुर और डीग जिलों में जाट समुदाय के लिए केंद्र स्तर पर ओबीसी आरक्षण की माँग करने के लिए आयोजित की जा रही है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रैली केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि आंदोलन को नई दिशा देने का मंच होगी।

आयोजन की तैयारियाँ

समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर बड़ा डोम (मंडप), पेयजल सुविधा, चिकित्सा सहायता और एम्बुलेंस सेवाएँ सुनिश्चित की गई हैं। गौरतलब है कि समुदाय की व्यापक भागीदारी के लिए राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के गाँवों में पारंपरिक तरीके से 'पीले चावल' बाँटकर लोगों को आमंत्रित किया गया — जो ग्रामीण उत्तर भारत में सामूहिक आह्वान की एक पुरानी परंपरा है।

प्रशासन की तैयारी

बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए भरतपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम बढ़ा दिए हैं। इस रैली को जाट समुदाय की ओर से ताकत के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

आगे की रणनीति

फौजदार ने बताया कि भरतपुर की यह सभा न केवल समुदाय की चिंताओं को उठाने का मंच बनेगी, बल्कि आरक्षण आंदोलन की भविष्य की रणनीति भी तय करेगी। आने वाले महीनों में इस क्षेत्र में आंदोलन की दिशा इस सभा के परिणामों पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

आश्वासन मिले, लेकिन नीतिगत बदलाव नहीं हुआ। हनुमान बेनीवाल का इस मंच पर आना इस आंदोलन को संसदीय राजनीति से जोड़ने की कोशिश है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह गोलबंदी केंद्र सरकार पर ठोस दबाव बना पाएगी या चुनावी मौसम तक सिमट जाएगी। 4 राज्यों से भागीदारी का दावा इस माँग की भौगोलिक व्यापकता को रेखांकित करता है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर स्थानीय मुद्दा मानकर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरतपुर में जाट आरक्षण हुंकार सभा क्या है?
यह जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा भरतपुर के नुमाइश मैदान में आयोजित एक विशाल रैली है, जिसमें भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों के जाट समुदाय के लिए केंद्रीय ओबीसी आरक्षण की माँग उठाई जाएगी। RLP सांसद हनुमान बेनीवाल इस रैली का नेतृत्व करेंगे।
जाट समुदाय केंद्रीय ओबीसी आरक्षण क्यों माँग रहा है?
भरतपुर, धौलपुर और डीग क्षेत्रों के जाट समुदाय का कहना है कि वे केंद्रीय ओबीसी सूची से बाहर हैं, जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। समुदाय के नेताओं के अनुसार, कई सरकारों से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद यह माँग अब तक पूरी नहीं हुई।
हनुमान बेनीवाल कौन हैं और इस रैली में उनकी क्या भूमिका है?
हनुमान बेनीवाल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर से सांसद हैं। वे अपने समर्थकों के साथ हुंकार सभा में शामिल होंगे और जाट आरक्षण की माँग को संसदीय स्तर पर उठाने की वकालत करते रहे हैं।
इस रैली में कितने लोगों के शामिल होने की उम्मीद है?
आयोजकों का दावा है कि रैली में लगभग 1 लाख लोग शामिल हो सकते हैं। राजस्थान के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी जाट समुदाय के लोगों के आने की उम्मीद है।
'पीले चावल' बाँटने की परंपरा क्या है?
'पीले चावल' बाँटना उत्तर भारत के ग्रामीण समुदायों में सामूहिक आयोजनों के लिए आमंत्रण देने की एक पुरानी परंपरा है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के गाँवों में इसी परंपरा के ज़रिये लोगों को हुंकार सभा में बुलाया है।
राष्ट्र प्रेस
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