जेवर एयरपोर्ट: जुलाई 2026 में 33,446 यात्री, जून के 27,841 से 20% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) ने जुलाई 2026 में 33,446 यात्रियों की आवाजाही दर्ज कर एक नया परिचालन रिकॉर्ड बनाया है — जो जून 2026 के 27,841 यात्रियों की तुलना में एक महीने में 5,600 से अधिक की वृद्धि है। ताजा ऑपरेशनल पैसेंजर काउंट (S26) के आंकड़े संकेत देते हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के यात्री अब दिल्ली के बजाय जेवर को प्राथमिकता देने लगे हैं।
जून और जुलाई के आंकड़ों की तुलना
जून 2026 में एयरपोर्ट से कुल 27,841 यात्री गुजरे, जिनमें 9,342 स्थानीय प्रस्थान, 8,757 स्थानीय आगमन, 2,398 ट्रांसफर और 7,344 ट्रांजिट यात्री शामिल थे।
जुलाई 2026 में यह संख्या बढ़कर 33,446 हो गई — 9,082 स्थानीय प्रस्थान, 9,332 स्थानीय आगमन, 9,334 ट्रांसफर और 5,698 ट्रांजिट यात्री। उल्लेखनीय है कि ट्रांसफर यात्रियों की संख्या जून के 2,398 से बढ़कर जुलाई में 9,334 हो गई — यह चार गुना से अधिक की छलांग है, जो एयरपोर्ट की कनेक्टिंग फ्लाइट क्षमता में तेज विस्तार को दर्शाती है।
संचयी आंकड़े: दो महीनों में 61,287 यात्री
ऑपरेशनल रिपोर्ट के अनुसार जून और जुलाई को मिलाकर अब तक एयरपोर्ट से कुल 61,287 यात्री गुजर चुके हैं। इनमें 18,424 स्थानीय प्रस्थान, 18,089 स्थानीय आगमन, 11,732 ट्रांसफर और 13,042 ट्रांजिट यात्री शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भीड़ और यात्रा समय को लेकर यात्रियों की शिकायतें बढ़ती रही हैं। जेवर एयरपोर्ट इस रिक्तता को भरने की स्थिति में तेजी से आता दिख रहा है।
लोकप्रियता के पीछे के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, आधुनिक टर्मिनल सुविधाएं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों — जैसे गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और आगरा — से सुगम पहुंच जेवर की बढ़ती स्वीकार्यता के प्रमुख कारण हैं। गौरतलब है कि इन क्षेत्रों के यात्रियों को पहले दिल्ली तक घंटों की यात्रा करनी पड़ती थी।
आंकड़ों के अनुसार ट्रांसफर यात्रियों में असाधारण वृद्धि यह भी बताती है कि एयरलाइंस जेवर को एक हब के रूप में इस्तेमाल करने लगी हैं, जो दीर्घकालिक परिचालन स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत है।
आगे की संभावनाएं
यदि वर्तमान वृद्धि दर बनी रहती है तो आने वाले महीनों में मासिक यात्री संख्या 40,000 के पार जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट धीरे-धीरे एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है — और यह रफ्तार इसे आने वाले वर्षों में क्षेत्र के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल कर सकती है।