6 अगस्त 2026
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झारखंड अग्निशमन विभाग को मिले 58 मिस्ट टेक्नोलॉजी फायर टेंडर, CM हेमंत सोरेन ने दिखाई हरी झंडी

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झारखंड अग्निशमन विभाग को मिले 58 मिस्ट टेक्नोलॉजी फायर टेंडर, CM हेमंत सोरेन ने दिखाई हरी झंडी

सारांश

झारखंड में दमकल सेवा को मिली नई ताकत — मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 अगस्त को 58 मिस्ट टेक्नोलॉजी मिनी फायर टेंडर को हरी झंडी दिखाई। ये छोटे, फुर्तीले वाहन संकरी गलियों और दुर्गम इलाकों तक पहुँचेंगे और कम पानी में भी आग बुझाने में सक्षम हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 अगस्त 2026 को 58 मिनी फायर टेंडर को हरी झंडी दिखाकर झारखंड के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया।
नए वाहन मिस्ट टेक्नोलॉजी से लैस हैं, जो कम पानी में भी आग पर प्रभावी नियंत्रण पाने में सक्षम है।
छोटे आकार के कारण ये वाहन संकरी गलियों, घनी बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आसानी से पहुँच सकेंगे।
भाटिया के अनुसार, भविष्य में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, फोम टेंडर और आर्टिकुलेटिंग टावर भी बेड़े में जोड़े जाएँगे।
अग्निशमन कर्मियों के प्रशिक्षण और जनता में अग्नि सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

झारखंड के अग्निशमन विभाग को 6 अगस्त 2026 को बड़ी मजबूती मिली, जब मिस्ट टेक्नोलॉजी से लैस 58 नए मिनी फायर टेंडर राज्य के दमकल बेड़े में शामिल किए गए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में आयोजित समारोह में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर राज्य के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। सरकार के अनुसार, इन अत्याधुनिक वाहनों से आगजनी की घटनाओं पर तेज़ी से काबू पाना और दुर्गम इलाकों तक राहत पहुँचाना पहले से कहीं अधिक आसान होगा।

मिस्ट टेक्नोलॉजी: क्या है खासियत

नए फायर टेंडर पारंपरिक दमकल वाहनों की तुलना में आकार में छोटे हैं, जिससे ये शहरों की संकरी गलियों, घनी आबादी वाले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आसानी से पहुँच सकते हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मिस्ट टेक्नोलॉजी कम पानी में भी आग पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाने में सक्षम है — यह उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जहाँ पानी की आपूर्ति सीमित होती है।

मुख्यमंत्री की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बदलते समय के साथ अग्निशमन सेवाओं को भी आधुनिक बनाना ज़रूरी है। उन्होंने गैस सिलेंडर विस्फोट, शॉर्ट सर्किट और बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 'आपदा के समय अपनी जान जोखिम में डालने वाले अग्निशमन कर्मियों को बेहतर उपकरण और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।'

आगे और आधुनिकीकरण की योजना

अग्निशमन विभाग एवं होमगार्ड के महानिदेशक एम.एस. भाटिया ने कहा कि यह विभाग के आधुनिकीकरण की महज शुरुआत है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ऊँची इमारतों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, फोम टेंडर और आर्टिकुलेटिंग टावर जैसे उपकरण भी बेड़े में जोड़े जाएँगे। इसके साथ ही अग्निशमन कर्मियों के प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरणों और आम जनता में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के कई शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। छोटे और फुर्तीले मिनी फायर टेंडर का मतलब है कि घटनास्थल तक पहुँचने में लगने वाला समय घटेगा — जो आग नियंत्रण में सबसे निर्णायक कारक माना जाता है। समारोह में गृह, पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सरकार का यह कदम झारखंड की आपदा प्रबंधन क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल तैनाती की रणनीति का है — क्या ये वाहन उन जिलों को प्राथमिकता से मिलेंगे जहाँ आगजनी की घटनाएँ सबसे अधिक हैं? झारखंड में अग्निशमन केंद्रों की संख्या और कर्मियों की कमी एक पुरानी समस्या है; नए वाहन तभी असरदार होंगे जब उन्हें चलाने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित कर्मी भी उपलब्ध हों। महानिदेशक ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आर्टिकुलेटिंग टावर की बात कही, लेकिन इनकी समयसीमा और बजट अभी स्पष्ट नहीं है। बिना ठोस क्रियान्वयन ढाँचे के, यह आधुनिकीकरण अभियान महज घोषणाओं तक सिमटने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड को मिले 58 नए फायर टेंडर में क्या खास है?
ये वाहन मिस्ट टेक्नोलॉजी से लैस हैं, जो कम पानी में भी आग पर प्रभावी नियंत्रण पाने में सक्षम है। आकार में छोटे होने के कारण ये संकरी गलियों, घनी बस्तियों और ग्रामीण इलाकों तक आसानी से पहुँच सकते हैं, जहाँ पारंपरिक बड़े दमकल वाहन नहीं जा पाते।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फायर टेंडर को हरी झंडी कब दिखाई?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 अगस्त 2026 को रांची में आयोजित समारोह में इन 58 मिनी फायर टेंडर को हरी झंडी दिखाकर राज्य के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया।
मिस्ट टेक्नोलॉजी आग बुझाने में कैसे काम करती है?
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मिस्ट टेक्नोलॉजी पानी को अत्यंत बारीक कणों (धुंध) के रूप में छोड़ती है, जिससे आग की लपटें तेज़ी से बुझती हैं और पानी की खपत भी कम होती है। यह उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी है जहाँ पानी की आपूर्ति सीमित होती है।
झारखंड अग्निशमन विभाग में आगे और क्या सुधार होंगे?
महानिदेशक एम.एस. भाटिया के अनुसार, भविष्य में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, फोम टेंडर और आर्टिकुलेटिंग टावर जैसे उपकरण भी बेड़े में शामिल किए जाएँगे। इसके अलावा अग्निशमन कर्मियों के प्रशिक्षण और जनता में अग्नि सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इन नए फायर टेंडर से झारखंड की जनता को क्या फायदा होगा?
नए वाहनों के शामिल होने से घटनास्थल तक दमकल की पहुँच का समय घटेगा, जो आग नियंत्रण में सबसे अहम कारक है। खासतौर पर दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी संकरी गलियों में रहने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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