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झारखंड राज्यसभा चुनाव: सुप्रियो भट्टाचार्य बोले — राहुल गांधी और हेमंत सोरेन 50 विधायकों के नेता, 56 के नहीं

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झारखंड राज्यसभा चुनाव: सुप्रियो भट्टाचार्य बोले — राहुल गांधी और हेमंत सोरेन 50 विधायकों के नेता, 56 के नहीं

सारांश

झारखंड राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के 56 विधायक होने के बावजूद सिर्फ 50 मत मिले। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सीधे शब्दों में कह दिया — राहुल गांधी और हेमंत सोरेन 56 के नहीं, उन्हीं 50 के नेता हैं जिन्होंने वफादारी दिखाई। गठबंधन में दरार अब खुलकर सामने है।

मुख्य बातें

झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने 22 जून को रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी और हेमंत सोरेन केवल 50 विधायकों के नेता हैं।
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के 56 विधायक हैं, फिर भी राज्यसभा चुनाव में गठबंधन को मात्र 50 मत मिले।
झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम 30 वोट पाकर निर्वाचित हुए; कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा 20 वोट पर हारे।
एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी को 28 विधायकों का समर्थन मिला; 3 मत रद्द घोषित।
कांग्रेस , राजद और भाकपा माले के बीच हार के बाद आरोप-प्रत्यारोप जारी।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने 22 जून को रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महागठबंधन के 56 नहीं, बल्कि उन 50 विधायकों के नेता हैं, जिन्होंने हालिया राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। उनका यह बयान राज्यसभा चुनाव के बाद गठबंधन के भीतर उभरे आरोप-प्रत्यारोप की पृष्ठभूमि में आया है।

मुख्य घटनाक्रम

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, फिर भी राज्यसभा चुनाव में गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों को मिलाकर कुल 50 मत ही प्राप्त हुए। झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम 30 वोट हासिल कर राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 वोट मिले और वे चुनाव हार गए। इसके अतिरिक्त 3 विधायकों के मत रद्द घोषित किए गए।

विपक्षी खेमे का गणित

एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को 28 विधायकों का समर्थन मिला। भट्टाचार्य ने कहा कि इन विधायकों का राजनीतिक नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास है। गौरतलब है कि यह संख्या इंडिया गठबंधन की सैद्धांतिक ताकत और वास्तविक मतों के बीच 6 मतों के अंतर को उजागर करती है।

रद्द मतों पर तीखी टिप्पणी

झामुमो महासचिव ने जिन 3 विधायकों के मत रद्द हुए, उन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे विधायकों के नेता 'विचारहीन' हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा होनी चाहिए।

गठबंधन में आरोप-प्रत्यारोप

कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (भाकपा माले) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने सहयोगी दलों पर अपेक्षित समर्थन न देने का आरोप लगाया है। वहीं, राजद और भाकपा माले ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि उनके सभी विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में ही मतदान किया था।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं और गठबंधन की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठना राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। भट्टाचार्य की माँग के अनुसार, यदि गठबंधन के भीतर समीक्षा बैठक होती है, तो इससे स्पष्ट होगा कि वे 6 'लापता' मत किसके खाते में गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह गठबंधन प्रबंधन की विफलता है, न केवल मतदान की तकनीकी चूक। विशेष रूप से चिंताजनक यह है कि कांग्रेस, राजद और भाकपा माले परस्पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं, जबकि असली सवाल — वे 6 वोट कहाँ गए — अनुत्तरित है। झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में यह दरार गठबंधन के लिए एक चेतावनी संकेत है जिसे नज़रअंदाज़ करना महंगा पड़ सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को कितने मत मिले?
इंडिया गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों को मिलाकर कुल 50 मत मिले — झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम को 30 और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20। यह तब है जब गठबंधन के पास 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 विधायक हैं।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने राहुल गांधी और हेमंत सोरेन के बारे में क्या कहा?
झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने 22 जून को कहा कि राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महागठबंधन के 56 नहीं, बल्कि उन 50 विधायकों के नेता हैं जिन्होंने गठबंधन उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने चुनाव परिणामों की समीक्षा की माँग भी की।
एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को कितने वोट मिले?
एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को 28 विधायकों का समर्थन मिला। भट्टाचार्य के अनुसार, इन विधायकों का राजनीतिक नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पास है।
कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद गठबंधन में क्या हुआ?
प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस, राजद और भाकपा माले के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। कांग्रेस ने सहयोगियों पर समर्थन न देने का आरोप लगाया, जबकि राजद और भाकपा माले ने दावा किया कि उनके सभी विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में ही मतदान किया।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में रद्द मतों पर झामुमो का क्या रुख है?
झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जिन 3 विधायकों के मत रद्द हुए, उनके नेता 'विचारहीन' हैं। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता बताई।
राष्ट्र प्रेस
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