झारखंड SIR 2026: 40 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कटने की आशंका, कांग्रेस ने चुनाव आयोग से समय-सीमा बढ़ाने की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 28 जुलाई 2026 को मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) 2026 के तहत तैयार की जा रही एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) सूची में 40,04,817 से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल होने पर गंभीर चिंता जताई है। पार्टी ने आशंका व्यक्त की है कि यदि समय-सीमा नहीं बढ़ाई गई तो लाखों पात्र मतदाता अपना नाम सूची से कटवाने से नहीं बचा पाएँगे।
प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात और ज्ञापन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को रांची में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव सूर्यकांत शुक्ला, लाल किशोर नाथ शाहदेव, लाल प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव, सुनील सिंह और राजेश चंद्र राजू सहित अन्य नेता शामिल थे। पार्टी ने SIR की समय-सीमा बढ़ाने की माँग करते हुए कहा कि मौजूदा प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहा।
मुख्य चिंताएँ: 'लापता' श्रेणी और विधानसभा क्षेत्र
कांग्रेस के अनुसार, 27 जुलाई 2026 तक एएसडीडी सूची में शामिल मतदाताओं की संख्या 40,04,817 तक पहुँच चुकी है। पार्टी का कहना है कि इस सूची में सबसे अधिक संख्या 'लापता' श्रेणी के मतदाताओं की है, जो चिंता का विषय है। रांची, हटिया, कांके, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर पश्चिम जैसे विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे मतदाताओं की संख्या 75 हजार से लेकर 1.15 लाख तक बताई जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि राज्य में डिजिटाइजेशन की व्यवस्था बेहतर होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का 'अनुपस्थित' श्रेणी में आना कई सवाल खड़े करता है।
बाबाधाम मेले का प्रशासनिक दबाव
पार्टी ने यह भी रेखांकित किया कि देवघर और दुमका समेत आसपास के जिलों में सावन के दौरान बाबाधाम मेले की वजह से आम जनता और प्रशासनिक तंत्र पर अतिरिक्त दबाव रहता है। इस कारण पुनरीक्षण कार्य भी प्रभावित हो सकता है और मतदाता अपनी आपत्ति दर्ज कराने से वंचित रह सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्यभर में SIR की प्रक्रिया अपने निर्णायक दौर में है।
बीएलओ पर आरोप और अनमैपिंग सूची का अभाव
ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कई स्थानों से शिकायतें मिली हैं कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मतदाताओं से फॉर्म लेने के बाद पावती रसीद उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि अब तक अनमैपिंग सूची प्रकाशित नहीं की गई है, जिससे मतदाताओं में भ्रम और अनावश्यक दबाव की स्थिति बन रही है।
चुनाव आयोग का आश्वासन और आगे की प्रक्रिया
कांग्रेस के अनुसार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने आश्वस्त किया कि 5 अगस्त के बाद पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को भेजा जाएगा। गौरतलब है कि यह प्रस्ताव अभी आयोग के विचाराधीन है और अंतिम निर्णय केंद्रीय निर्वाचन आयोग का होगा। इस पूरे घटनाक्रम का असर झारखंड की मतदाता सूची की विश्वसनीयता और आगामी चुनावों की तैयारियों पर पड़ सकता है।