1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

झारखंड में एसआईआर से वोटर लिस्ट छंटाई की कोशिश: झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय का केंद्र पर हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
झारखंड में एसआईआर से वोटर लिस्ट छंटाई की कोशिश: झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय का केंद्र पर हमला

सारांश

झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने एक साथ कई मोर्चों पर केंद्र को घेरा — झारखंड में एसआईआर को मताधिकार छीनने की साजिश बताया, नीट विवाद पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा माँगा और प्रधानमंत्री को 'टूरिज्म मोड' में बताकर विदेश नीति पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने 13 जून को रांची में कहा कि एसआईआर के ज़रिए बड़े पैमाने पर लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश हो रही है।
झामुमो ने माँग की कि उत्तराखंड की तरह झारखंड में भी मतदाता सूची खोज की सुगम व्यवस्था लागू हो।
नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की माँग; जवाबदेही तय करने पर जोर।
जयशंकर के अमेरिकी नौसेना कार्रवाई पर विरोध दर्ज कराने को नाकाफी बताया; ठोस कूटनीतिक कदम उठाने की माँग।
भाजपा पर दो समुदायों के बीच जानबूझकर तनाव पैदा करने का आरोप।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने 13 जून 2026 को रांची में कई राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) के ज़रिए मतदाता सूची सत्यापन का असली मकसद बड़ी संख्या में लोगों को उनके मताधिकार से वंचित करना है। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है।

एसआईआर पर झामुमो का आरोप

मनोज पांडेय ने कहा कि एसआईआर की आड़ में झारखंड में मतदाताओं के नाम सूची से काटने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने माँग की कि उत्तराखंड की तर्ज पर झारखंड में भी ऐसी व्यवस्था लागू की जाए, जिससे नागरिक सरलता से अपना नाम मतदाता सूची में खोज और सत्यापित कर सकें। झामुमो ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरी तरह सक्रिय है और सरकार पर दबाव बनाए रखेगी।

नीट विवाद पर शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की माँग

पांडेय ने नीट पेपर लीक मामले पर भी केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा कब देंगे। उनके अनुसार, लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले में जवाबदेही तय होनी ही चाहिए। गौरतलब है कि नीट विवाद को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं और मामला न्यायालय तक पहुँचा है।

भारत-अमेरिका संबंधों पर तीखा सवाल

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के विरुद्ध अमेरिका के समक्ष विरोध दर्ज कराने पर पांडेय ने कहा कि केवल निंदा या विरोध दर्ज कराने से कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने माँग की कि सरकार ठोस कूटनीतिक और राजनीतिक कदम उठाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री अपने विदेश दौरों में इतने व्यस्त रहे हैं कि दुनिया में शायद ही 10-15 देश बचे हों जहाँ उन्होंने यात्रा न की हो — और इस आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री को 'टूरिज्म मोड' में बताया।

भाजपा पर सांप्रदायिक तनाव का आरोप

झामुमो प्रवक्ता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यदि कोई राजनीतिक दल दो समुदायों के बीच जानबूझकर तनाव पैदा करता है, तो वह भाजपा है। हालाँकि उन्होंने किसी विशेष घटना का उल्लेख नहीं किया। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई।

आगे क्या

झामुमो के इन बयानों से झारखंड में एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद और गहराने के संकेत हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया आने वाले हफ्तों में विधानसभा और सड़क — दोनों स्तरों पर बहस का केंद्र बनी रह सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ आदिवासी और प्रवासी मजदूर आबादी का बड़ा हिस्सा है, एसआईआर की व्यावहारिक चुनौतियाँ वास्तविक हैं — लेकिन झामुमो का राजनीतिक आख्यान तथ्यात्मक साक्ष्य से ज़्यादा आरोप पर टिका है। असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, या यह विवाद अगले चुनाव तक सुलगता रहेगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में एसआईआर क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी विशेष सारांश पुनरीक्षण, मतदाता सूची को अद्यतन करने की चुनाव आयोग की प्रक्रिया है। झामुमो का आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल झारखंड में बड़े पैमाने पर लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए किया जा रहा है, जिससे उनका मताधिकार छिन सकता है।
झामुमो ने उत्तराखंड का उदाहरण क्यों दिया?
झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने माँग की कि उत्तराखंड की तरह झारखंड में भी ऐसी ऑनलाइन या सुगम व्यवस्था लागू हो, जिससे नागरिक आसानी से अपना नाम मतदाता सूची में खोज सकें। उनका तर्क है कि इससे गलत तरीके से नाम हटाए जाने की शिकायतें कम होंगी।
नीट पेपर लीक पर झामुमो की क्या माँग है?
झामुमो प्रवक्ता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा माँगा है। पांडेय के अनुसार, लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और केवल बयानबाजी पर्याप्त नहीं है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर झामुमो का क्या रुख है?
झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर केवल विरोध दर्ज कराना नाकाफी है और सरकार को ठोस कूटनीतिक व राजनीतिक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर भी सवाल उठाए।
झामुमो ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
मनोज पांडेय ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) दो समुदायों के बीच जानबूझकर तनाव पैदा करने का काम करती है। हालाँकि उन्होंने किसी विशेष घटना का हवाला नहीं दिया और भाजपा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले