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तवी नदी में फंसे चार बच्चों को जम्मू पुलिस और एसडीआरएफ ने सुरक्षित बचाया

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तवी नदी में फंसे चार बच्चों को जम्मू पुलिस और एसडीआरएफ ने सुरक्षित बचाया

सारांश

तवी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से चार बच्चे फँस गए — लेकिन जम्मू पुलिस और एसडीआरएफ की त्वरित प्रतिक्रिया ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। मानसून में नदियों के बढ़ते खतरे के बीच यह घटना जम्मू-कश्मीर में डूबने की बढ़ती घटनाओं की गंभीर याद दिलाती है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर पुलिस और एसडीआरएफ ने 4 जुलाई को तवी नदी में फँसे चार बच्चों को सुरक्षित बचाया।
घटना पीर खो मंदिर के निकट हुई, जहाँ नदी में स्नान के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ गया।
पुलिस नियंत्रण कक्ष पर आपातकालीन कॉल मिलते ही एसडीपीओ सिटी नॉर्थ और एसएचओ पक्का डांगा की टीम तुरंत मौके पर पहुँची।
सभी चार बच्चों को बिना किसी चोट के सुरक्षित निकाला गया।
अधिकारियों ने मानसून सीज़न में नदी किनारों से दूर रहने की सार्वजनिक अपील की।

जम्मू में 4 जुलाई को जम्मू-कश्मीर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने तवी नदी में फंसे चार बच्चों को सफलतापूर्वक बचा लिया। पीर खो मंदिर के निकट नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने के बाद बच्चे वहाँ फँस गए थे। त्वरित और समन्वित बचाव अभियान की बदौलत सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आई।

घटनाक्रम: कैसे मिली सूचना

अधिकारियों के अनुसार, पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) पर एक आपातकालीन कॉल आई, जिसमें बताया गया कि नदी में स्नान करने गए चार बच्चे अप्रत्याशित रूप से जलस्तर बढ़ने के कारण बीच धारा में फँस गए हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एसडीपीओ सिटी नॉर्थ, एसएचओ पुलिस स्टेशन पक्का डांगा और एसडीआरएफ की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुँच गई।

बचाव अभियान का विवरण

एक सुव्यवस्थित और समयबद्ध अभियान के ज़रिए सभी चार बच्चों को बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू पुलिस और एसडीआरएफ के बीच निर्बाध समन्वय ने एक संभावित त्रासदी को टाल दिया। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के कारण तवी नदी का जलस्तर लगातार अस्थिर बना हुआ है।

सार्वजनिक सुरक्षा अपील

बचाव अभियान के बाद एसडीपीओ सिटी नॉर्थ ने सार्वजनिक घोषणा प्रणाली के माध्यम से जनता को संबोधित किया और लोगों से आग्रह किया कि वे तवी नदी के किनारों से दूर रहें। माता-पिता को विशेष रूप से सलाह दी गई कि वे अपने बच्चों को नदी के समीप न जाने दें, क्योंकि जलस्तर में अचानक वृद्धि जीवन के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है।

व्यापक संदर्भ: बढ़ती डूबने की घटनाएँ

गौरतलब है कि हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में डूबने की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है, जिनमें विशेषकर बच्चे और युवा प्रभावित हुए हैं। जम्मू पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मानसून के मौसम में नदियों और अन्य जल निकायों के पास अत्यधिक सावधानी बरती जाए और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष या निकटतम पुलिस स्टेशन को दी जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मानसून के हर मौसम में तवी नदी के किनारे ऐसी घटनाएँ क्यों दोहराई जाती हैं। हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में डूबने से हुई मौतों की बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि केवल बचाव अभियान पर्याप्त नहीं — नदी किनारों पर स्थायी बैरिकेडिंग, चेतावनी साइनेज और सामुदायिक जागरूकता अभियानों की सख्त ज़रूरत है। जब तक ये ढाँचागत कदम नहीं उठाए जाते, ऐसी 'बाल-बाल बचने' की खबरें आती रहेंगी।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तवी नदी में चार बच्चे कैसे फँसे?
4 जुलाई को चार बच्चे जम्मू में पीर खो मंदिर के निकट तवी नदी में स्नान करने गए थे, जहाँ अचानक जलस्तर बढ़ने से वे बीच धारा में फँस गए। पुलिस नियंत्रण कक्ष पर आपातकालीन कॉल मिलने के बाद बचाव दल ने उन्हें सुरक्षित निकाला।
बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल था?
बचाव अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ टीम, एसडीपीओ सिटी नॉर्थ और एसएचओ पुलिस स्टेशन पक्का डांगा शामिल थे। सभी टीमें पुलिस नियंत्रण कक्ष से सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुँचीं।
क्या बचाए गए बच्चों को कोई चोट आई?
नहीं, अधिकारियों के अनुसार सभी चार बच्चों को बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय पर हस्तक्षेप से एक संभावित बड़ी त्रासदी टल गई।
जम्मू पुलिस ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
एसडीपीओ सिटी नॉर्थ ने सार्वजनिक घोषणा प्रणाली के माध्यम से लोगों से तवी नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की। माता-पिता को सलाह दी गई कि वे बच्चों को नदी के पास न जाने दें, विशेषकर मानसून के मौसम में जब जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
जम्मू-कश्मीर में डूबने की घटनाओं का क्या हाल है?
रिपोर्टों के अनुसार, हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में डूबने से कई मौतें हुई हैं, जिनमें बच्चे और युवा विशेष रूप से प्रभावित हैं। अधिकारियों ने मानसून सीज़न में नदियों और जल निकायों के पास अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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