24 जुलाई 2026
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जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्रों को जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की चेतावनी दी

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जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्रों को जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की चेतावनी दी

सारांश

जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय — दोनों ने एक्स पर आधिकारिक पोस्ट के ज़रिए अपने छात्रों को जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए दोनों संस्थाओं ने कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

जेएनयू ने 24 जुलाई को एक्स पर पोस्ट कर छात्रों को जंतर-मंतर पर होने वाली सभाओं और प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने एक दिन पहले गुरुवार को इसी आशय की चेतावनी जारी की थी।
दोनों विश्वविद्यालयों ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला दिया और नियम उल्लंघन पर कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने 'नकली और गुमराह करने वाली जानकारी' फैलाए जाने की भी चेतावनी दी।
कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हो रहे हैं।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने 24 जुलाई को अपने छात्रों और समुदाय के सभी सदस्यों को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और सभाओं में भाग न लेने की औपचारिक सलाह जारी की। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने पर लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई और विश्वविद्यालय की आचार संहिता के अंतर्गत अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

जेएनयू की आधिकारिक अपील

विश्वविद्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'जेएनयू समुदाय के सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और अपनी निजी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सार्वजनिक प्रदर्शनों पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप जंतर-मंतर, नई दिल्ली या उसके आस-पास होने वाली सभाओं में शामिल होने या वहाँ जाने से बचें।' इसके साथ ही जेएनयू ने सोशल मीडिया पर संयम बरतने की भी अपील की और कहा कि छात्रों से 'शैक्षणिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखने' की अपेक्षा की जाती है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की भी समान चेतावनी

जेएनयू से एक दिन पहले, गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने भी एक्स पर पोस्ट के माध्यम से अपने छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को इसी आशय की सलाह दी। डीयू ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'नई दिल्ली जंतर-मंतर पर किसी भी तरह की गैर-कानूनी सभा या प्रदर्शन पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कड़े नियम लागू होने के कारण कानूनी कार्रवाई हो सकती है।' विश्वविद्यालय ने यह भी चेताया कि ऐसी गतिविधियाँ छात्रों की पढ़ाई-लिखाई की प्रगति और करियर के अवसरों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।

फर्जी सूचनाओं की चेतावनी

दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपनी अपील में यह भी उल्लेख किया कि 'स्थिति को भड़काने के लिए काफी मात्रा में नकली और गुमराह करने वाली जानकारी बनाई और फैलाई जा रही है।' छात्रों से आग्रह किया गया कि वे किसी भी सूचना की सत्यता की जाँच किए बिना उस पर प्रतिक्रिया न दें।

पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विरोध-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हो रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में देश के प्रमुख विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थाएँ अपने छात्रों को इन प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दे रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत जंतर-मंतर पर सभाओं को लेकर कड़े प्रतिबंध लागू हैं। आगे यह देखना होगा कि विश्वविद्यालयों की इस अपील का छात्रों की भागीदारी पर क्या असर पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या संस्थाएँ कानूनी अनुपालन सुनिश्चित कर रही हैं या राजनीतिक दबाव में छात्र-भागीदारी को हतोत्साहित कर रही हैं। 'नकली सूचना' की चेतावनी बिना किसी ठोस उदाहरण के दी गई है, जो इसे और अस्पष्ट बनाती है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि ऐसी संस्थागत सलाहें स्वयं एक राजनीतिक संकेत बन जाती हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएनयू ने छात्रों को जंतर-मंतर से दूर रहने की सलाह क्यों दी?
जेएनयू ने सर्वोच्च न्यायालय के सार्वजनिक प्रदर्शनों संबंधी निर्देशों का हवाला देते हुए छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जंतर-मंतर पर होने वाली सभाओं से दूर रहने की सलाह दी। विश्वविद्यालय ने नियम उल्लंघन पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी चेतावनी दी।
क्या दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी ऐसी ही सलाह जारी की?
हाँ, दिल्ली विश्वविद्यालय ने जेएनयू से एक दिन पहले गुरुवार को एक्स पर पोस्ट कर छात्रों और फैकल्टी को जंतर-मंतर पर किसी भी सभा या प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दी। डीयू ने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियाँ छात्रों की पढ़ाई और करियर पर बुरा असर डाल सकती हैं।
जंतर-मंतर पर इस समय कौन-सा विरोध-प्रदर्शन हो रहा है?
कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हो रहे हैं। इसी के मद्देनज़र विभिन्न विश्वविद्यालयों ने अपने छात्रों को इन प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह जारी की है।
सर्वोच्च न्यायालय के जंतर-मंतर संबंधी क्या निर्देश हैं?
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत जंतर-मंतर पर सार्वजनिक सभाओं और प्रदर्शनों को लेकर कड़े नियम लागू हैं। जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय दोनों ने इन्हीं निर्देशों का हवाला देते हुए छात्रों को वहाँ जाने से मना किया है।
नियम उल्लंघन पर छात्रों को क्या परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं?
जेएनयू के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने पर लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई और विश्वविद्यालय की आचार संहिता के अंतर्गत अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी चेताया है कि ऐसी गतिविधियाँ छात्रों की शैक्षणिक प्रगति और करियर के अवसरों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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