30 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर प्रदर्शन: शांतिपूर्ण छात्रों पर कार्रवाई नहीं होगी — शिक्षा मंत्री अशीष सूद

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जंतर-मंतर प्रदर्शन: शांतिपूर्ण छात्रों पर कार्रवाई नहीं होगी — शिक्षा मंत्री अशीष सूद

सारांश

दिल्ली के शिक्षा मंत्री अशीष सूद ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन हिंसा या तोड़फोड़ में शामिल लोगों को कानून का सामना करना पड़ेगा। गृह विभाग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति ने भी इस रुख की पुष्टि की है।

मुख्य बातें

शिक्षा मंत्री अशीष सूद ने 30 जुलाई को कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन में शांतिपूर्वक शामिल छात्रों पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं होगा।
भारत सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया था कि केवल प्रदर्शन में उपस्थिति के आधार पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
हिंसा, तोड़फोड़ या आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।
गृह विभाग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में भी यही रुख दोहराया गया है।
सरकार ने कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करती है, परंतु कानून व्यवस्था भंग करने पर कोई रियायत नहीं।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री अशीष सूद ने 30 जुलाई को स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शांतिपूर्वक भाग लेने वाले छात्रों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पहले ही यह सुनिश्चित कर चुकी है कि केवल प्रदर्शन में उपस्थित रहने के आधार पर किसी छात्र पर मुकदमा दर्ज नहीं होगा।

सरकार का रुख: शांतिपूर्ण विरोध पर कोई कार्रवाई नहीं

मंत्री सूद ने गुरुवार को कहा कि जो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने आए हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की आशंका या भय रखने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पूरा सम्मान करती है।

हिंसा में शामिल लोगों पर होगी सख्त कार्रवाई

सूद ने स्पष्ट किया कि यह राहत उन व्यक्तियों पर लागू नहीं होगी जिन्होंने प्रदर्शन की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया है। जिन लोगों के विरुद्ध पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ रियायत नहीं बरती जाएगी।

गृह विभाग की प्रेस विज्ञप्ति से मिली स्पष्टता

गृह विभाग ने अपनी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भी यही रुख दोहराया है। सूद के अनुसार, विज्ञप्ति में साफ कहा गया है कि जिन व्यक्तियों के आपराधिक रिकॉर्ड हैं या जिन्होंने आंदोलन की आड़ में कानून अपने हाथ में लेने का प्रयास किया, उनके विरुद्ध उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र प्रदर्शनों को लेकर कार्रवाई की आशंका बनी हुई थी।

आगे क्या होगा

सरकार के इस बयान के बाद शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालाँकि, हिंसक घटनाओं की जाँच जारी रहेगी और दोषियों पर कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'शांतिपूर्ण' और 'हिंसक' प्रदर्शनकारियों के बीच की रेखा कौन तय करेगा — यह सवाल अनुत्तरित है। अतीत में ऐसे आश्वासनों के बावजूद छात्रों पर मुकदमे दर्ज होने के उदाहरण मौजूद हैं। गृह विभाग की प्रेस विज्ञप्ति को कानूनी गारंटी नहीं माना जा सकता, और जब तक स्पष्ट प्रक्रियागत दिशानिर्देश नहीं आते, तब तक छात्रों की आशंकाएँ पूरी तरह दूर नहीं होंगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर मुकदमा दर्ज होगा?
शिक्षा मंत्री अशीष सूद के अनुसार, शांतिपूर्वक प्रदर्शन में भाग लेने वाले छात्रों पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। भारत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल प्रदर्शन में उपस्थिति कार्रवाई का आधार नहीं बनेगी।
किन छात्रों या लोगों पर कार्रवाई होगी?
जिन व्यक्तियों ने प्रदर्शन की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य गैरकानूनी गतिविधियाँ की हैं, उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जिनके विरुद्ध पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।
गृह विभाग ने इस मामले में क्या कहा है?
गृह विभाग ने अपनी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी छात्रों को किसी प्रकार के भय की आवश्यकता नहीं है। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले या हिंसा में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध विधि सम्मत प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अशीष सूद कौन हैं और उनका यह बयान क्यों महत्वपूर्ण है?
अशीष सूद दिल्ली के शिक्षा मंत्री हैं। जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद छात्रों में कार्रवाई की आशंका फैली हुई थी, ऐसे में उनका यह बयान सरकार की आधिकारिक स्थिति को स्पष्ट करता है और छात्रों को आश्वस्त करने का प्रयास करता है।
क्या सरकार छात्रों के प्रदर्शन के अधिकार को मान्यता देती है?
हाँ, मंत्री सूद ने कहा कि सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करती है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना छात्रों का अधिकार है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था भंग करने पर किसी को भी छूट नहीं मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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