जंतर-मंतर प्रदर्शन: शांतिपूर्ण छात्रों पर कार्रवाई नहीं होगी — शिक्षा मंत्री अशीष सूद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के शिक्षा मंत्री अशीष सूद ने 30 जुलाई को स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शांतिपूर्वक भाग लेने वाले छात्रों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पहले ही यह सुनिश्चित कर चुकी है कि केवल प्रदर्शन में उपस्थित रहने के आधार पर किसी छात्र पर मुकदमा दर्ज नहीं होगा।
सरकार का रुख: शांतिपूर्ण विरोध पर कोई कार्रवाई नहीं
मंत्री सूद ने गुरुवार को कहा कि जो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने आए हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की आशंका या भय रखने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पूरा सम्मान करती है।
हिंसा में शामिल लोगों पर होगी सख्त कार्रवाई
सूद ने स्पष्ट किया कि यह राहत उन व्यक्तियों पर लागू नहीं होगी जिन्होंने प्रदर्शन की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया है। जिन लोगों के विरुद्ध पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ रियायत नहीं बरती जाएगी।
गृह विभाग की प्रेस विज्ञप्ति से मिली स्पष्टता
गृह विभाग ने अपनी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भी यही रुख दोहराया है। सूद के अनुसार, विज्ञप्ति में साफ कहा गया है कि जिन व्यक्तियों के आपराधिक रिकॉर्ड हैं या जिन्होंने आंदोलन की आड़ में कानून अपने हाथ में लेने का प्रयास किया, उनके विरुद्ध उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र प्रदर्शनों को लेकर कार्रवाई की आशंका बनी हुई थी।
आगे क्या होगा
सरकार के इस बयान के बाद शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालाँकि, हिंसक घटनाओं की जाँच जारी रहेगी और दोषियों पर कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।