30 अक्टूबर 2026
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जेपी नड्डा का कांग्रेस पर हमला: 'लोकतंत्र की रक्षक बनने का ढोंग', दुर्ग में SIR और EVM विवाद पर दिया जवाब

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जेपी नड्डा का कांग्रेस पर हमला: 'लोकतंत्र की रक्षक बनने का ढोंग', दुर्ग में SIR और EVM विवाद पर दिया जवाब

सारांश

दुर्ग में 'लोकतंत्र बचाओ' यात्रा में जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर आपातकाल से लेकर SIR विरोध तक के 'दोहरे मापदंड' उजागर किए। 13 करोड़ वोट कटने का वर्गवार हिसाब दिया, राहुल गांधी को 477 दिन पुरानी एफिडेविट चुनौती याद दिलाई — और घुसपैठ बनाम जनादेश की लड़ाई को चुनावी केंद्रबिंदु बना दिया।

मुख्य बातें

जेपी नड्डा ने 30 अक्टूबर 2026 को दुर्ग, छत्तीसगढ़ में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' यात्रा को संबोधित किया।
SIR में कटे 13 करोड़ वोटों का वर्गवार विवरण दिया — 3 करोड़ अनुपस्थित, 6.3 करोड़ निवास-बदलने वाले, 1 करोड़ डुप्लीकेट और 2.8 करोड़ दिवंगत मतदाता।
देश में 12 में से 10 बार SIR कांग्रेस शासन में हुआ; इस बार 12 लाख 62 हज़ार BLO लगाए गए।
पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में मतदाता संख्या 70 से 105 प्रतिशत तक बढ़ने का दावा।
राहुल गांधी पर महादेवपुरा में 1 लाख गलत वोटों का आरोप लगाने के 477 दिन बाद भी एफिडेविट न दाखिल करने का आरोप।
MLC चुनाव में 28 में से 27 सीटों पर कांग्रेस की जमानत जब्त।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 30 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' यात्रा को संबोधित करते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और चुनाव आयोग पर निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि जो दल आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को कुचल चुका है, वही आज उसका सबसे बड़ा रक्षक बनने का दिखावा कर रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, केदार कश्यप, श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद विजय बघेल और प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही सहित बड़ी संख्या में नेता उपस्थित रहे। नड्डा ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांवों, चौपालों और मोहल्लों में तथ्यों एवं तर्कों के साथ जनजागरण अभियान चलाएँ।

उन्होंने बस्तर के चांदामेटा का उदाहरण देते हुए कहा कि 2023 तक जहाँ मतदान ही नहीं होता था, वहाँ नक्सलवाद पर नियंत्रण के बाद पहली बार मतदान केंद्र स्थापित हुआ और लगभग 300 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव आयोग के 10 कर्मचारी मीलों पैदल चलकर वहाँ पहुँचे।

SIR और मतदाता सूची विवाद पर नड्डा का जवाब

नड्डा ने विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि देश में अब तक 12 बार SIR हो चुका है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के कार्यकाल में हुआ। उन्होंने बताया कि इस बार की प्रक्रिया में 12 लाख 62 हज़ार बूथ लेवल ऑफिसर लगाए गए और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि — जिनमें कांग्रेस भी शामिल थी — ने घर-घर जाकर 96 करोड़ लोगों के मतदाता पहचान पत्र बनाए।

जिन 13 करोड़ वोटों के कटने की चर्चा हो रही है, उनके बारे में नड्डा ने श्रेणीवार विवरण दिया: 3 करोड़ अनुपस्थित (Absentee), 6 करोड़ 30 लाख निवास-स्थान बदलने वाले, लगभग 1 करोड़ डुप्लीकेट नाम और 2 करोड़ 80 लाख दिवंगत मतदाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी का वोट गलत तरीके से कटा है, तो वह फॉर्म भरकर दावा प्रस्तुत कर सकता है।

पश्चिम बंगाल और घुसपैठ का मुद्दा

नड्डा ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश की सीमा से लगे नौ जिलों में मतदाताओं की संख्या में 70 से 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, उत्तर दिनाजपुर में 105 प्रतिशत, मालदा में 94 प्रतिशत, मुर्शिदाबाद में 87 प्रतिशत और दक्षिण 24 परगना व जलपाईगुड़ी में 83-83 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कई आधार कार्ड मुर्शिदाबाद में बने हैं।

गौरतलब है कि बिहार में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 89 लाख से घटकर 7 करोड़ 42 लाख रह गई, फिर भी मतदान प्रतिशत बढ़कर 66.9% हो गया और 243 में से 202 सीटें NDA को मिलीं।

कांग्रेस के इतिहास पर हमला

नड्डा ने आपातकाल का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान 1 लाख लोगों को बिना मुकदमे के दो साल तक जेल में रखा गया। उनके अनुसार, इंदिरा गांधी ने धारा 356 के तहत चुनी हुई सरकारों को 50 बार गिराया, जबकि कुल मिलाकर कांग्रेस के शासनकाल में 100 बार ऐसा हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जगमोहन लाल सिन्हा ने रायबरेली मामले में इंदिरा गांधी को दोषी पाने के बाद उन्हें छह साल तक चुनाव लड़ने से रोका था, जिसके बाद कांग्रेस ने कानून ही बदल दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 'बंच ऑफ जोकर्स' वाले विवादित बयान और राहुल गांधी द्वारा डॉ. मनमोहन सिंह सरकार के अध्यादेश को सार्वजनिक रूप से फाड़ने की घटना का भी उल्लेख किया।

राहुल गांधी पर एफिडेविट की चुनौती

नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने कर्नाटक के महादेवपुरा में 1 लाख गलत वोट होने का आरोप लगाया था और उस आरोप को 477 दिन बीत चुके हैं, लेकिन वे अभी तक चुनाव आयोग में एफिडेविट दाखिल नहीं कर सके। उन्होंने महाराष्ट्र और हरियाणा के संदर्भ में भी यही चुनौती दोहराई।

नड्डा ने एमएलसी चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि 28 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को केवल एक सीट मिली और बाकी सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। कर्नाटक में भी कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद चार MLC सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा।

यह भाषण ऐसे समय में आया है जब SIR के तहत मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच देशभर में तीखी बहस छिड़ी हुई है, और आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह मुद्दा और गर्म होने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' यात्रा क्या है?
यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा आयोजित एक जनजागरण यात्रा है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के समर्थन में जनमत तैयार करना और विपक्ष के आरोपों का जवाब देना है। 30 अक्टूबर 2026 को इसका एक प्रमुख कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के दुर्ग में हुआ, जिसे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने संबोधित किया।
SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) में 13 करोड़ वोट क्यों काटे गए?
नड्डा के अनुसार इन 13 करोड़ वोटों में 3 करोड़ अनुपस्थित मतदाता, 6 करोड़ 30 लाख निवास बदलने वाले, लगभग 1 करोड़ डुप्लीकेट नाम और 2 करोड़ 80 लाख दिवंगत मतदाता शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2010 के बाद से कोई वोट नहीं काटा गया था, जिसके कारण यह संचित सफाई ज़रूरी हो गई थी।
राहुल गांधी पर एफिडेविट की चुनौती क्या है?
नड्डा के अनुसार, राहुल गांधी ने कर्नाटक के महादेवपुरा में 1 लाख गलत वोट होने का आरोप लगाया था, लेकिन 477 दिन बीत जाने के बाद भी उन्होंने चुनाव आयोग में एफिडेविट दाखिल नहीं किया। भाजपा का कहना है कि महाराष्ट्र और हरियाणा में भी इसी तरह के आरोप बिना दस्तावेज़ के लगाए गए।
पश्चिम बंगाल में मतदाता वृद्धि को लेकर क्या दावा किया गया?
नड्डा ने दावा किया कि बांग्लादेश सीमा से लगे पश्चिम बंगाल के नौ जिलों में मतदाताओं की संख्या में 70 से 105 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है — उत्तर दिनाजपुर में 105%, मालदा में 94% और मुर्शिदाबाद में 87%। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कई आधार कार्ड मुर्शिदाबाद में बने हैं, जो कथित तौर पर घुसपैठ की ओर संकेत करते हैं। ये दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
MLC चुनाव परिणामों का भाजपा ने क्या संदेश दिया?
नड्डा ने कहा कि हाल के MLC चुनाव में 28 सीटों पर कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली और बाकी सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। कर्नाटक में, जहाँ कांग्रेस की सरकार है, वहाँ भी चार MLC सीटों पर पार्टी को हार मिली — जिसे भाजपा ने EVM विरोध की 'खोखली राजनीति' के विरुद्ध जनादेश बताया।
राष्ट्र प्रेस
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