8 अगस्त 2026
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जेपीएससी पेपर लीक आंदोलन: पीयूष मिश्रा रांची पहुंचे, बोले- 'आपकी आवाज़ जायज़', गाया 'आरंभ है प्रचंड'

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जेपीएससी पेपर लीक आंदोलन: पीयूष मिश्रा रांची पहुंचे, बोले- 'आपकी आवाज़ जायज़', गाया 'आरंभ है प्रचंड'

सारांश

पीयूष मिश्रा का रांची दौरा महज़ एक सेलिब्रिटी विज़िट नहीं था — यह उस चुप्पी पर सवाल था जो मुंबई फिल्म इंडस्ट्री ने जेपीएससी आंदोलन पर ओढ़ रखी है। 29 जुलाई से अनशन पर बैठे छात्रों के बीच 'आरंभ है प्रचंड' गूँजा, और एक कलाकार ने वह कह दिया जो सत्ता के करीबी अक्सर नहीं कहते।

मुख्य बातें

पीयूष मिश्रा 8 अगस्त को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुँचे और आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की।
उन्होंने छात्रों के बीच चर्चित गीत 'आरंभ है प्रचंड' गाया और संघर्ष को जायज़ बताया।
छात्र 29 जुलाई से 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की सीबीआई व ईडी जाँच और परीक्षा सुधार की माँग को लेकर आंदोलनरत हैं।
मिश्रा ने आंदोलन स्थल पर मेडिकल सहायता, भोजन और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
उन्होंने छात्रों को शांतिपूर्ण, अनुशासित रहने और राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहने की सलाह दी।

अभिनेता, गायक और लेखक पीयूष मिश्रा ने 8 अगस्त 2026 को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुँचकर झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ अनशन-सत्याग्रह कर रहे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों के संघर्ष को जायज़ ठहराया और उनके बीच अपना चर्चित गीत 'आरंभ है प्रचंड' गाकर माहौल में ऊर्जा भर दी।

रांची आने की वजह

पीयूष मिश्रा ने छात्रों से बातचीत में बताया कि उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों के कुछ साक्षात्कार देखे थे, जिनमें उनकी आँखों का दर्द और बेचैनी साफ़ दिखती थी। उन्होंने कहा कि उनके पास दो दिन का समय था और वह इस दौरान छात्रों के बीच आकर उनके साथ खड़े होना चाहते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री से इस आंदोलन को लेकर बहुत कम आवाज़ें उठी हैं, और इस पर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है।

फिल्म इंडस्ट्री पर संतुलित रुख

हालाँकि, मिश्रा ने यह भी कहा कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को एक ही नज़र से नहीं देखा जाना चाहिए — उद्योग में ऐसे लोग भी हैं जो छात्रों के साथ हैं। उन्होंने अपने साथियों से भी इस आंदोलन में मदद के लिए आगे आने की अपील की।

आंदोलन की मर्यादा बनाए रखने की अपील

पीयूष मिश्रा ने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए उनके संघर्ष की सराहना की, लेकिन साथ ही अनुशासन पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित होना चाहिए — किसी भी तरह की बदतमीज़ी, गाली-गलौज या अपशब्दों का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने छात्रों को राजनीतिक हस्तक्षेप से भी दूर रहने की सलाह दी।

व्यावहारिक मदद का भरोसा

मिश्रा ने स्पष्ट किया कि वह केवल प्रतीकात्मक समर्थन देने नहीं आए हैं। उन्होंने आंदोलन स्थल पर मेडिकल सहायता, भोजन, आर्थिक मदद और तिरपाल, गद्दे व दरियों जैसी ज़रूरी सामग्री उपलब्ध कराने की बात कही।

छात्रों की मांगें और आंदोलन की पृष्ठभूमि

झारखंड के छात्र 29 जुलाई से रांची में धरने पर बैठे हैं। वे 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं। इसके अलावा आंदोलनकारी परीक्षा व्यवस्था में आमूल सुधार और ईडी जाँच की भी माँग कर रहे हैं। यह आंदोलन ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब देशभर में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर युवाओं में गहरा असंतोष है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सेलिब्रिटी समर्थन से छात्रों की सीबीआई जाँच की माँग पर कोई ठोस असर पड़ेगा या नहीं। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का यह सिलसिला नया नहीं है — जेएसएसी और जेपीएससी विवाद बार-बार उठते रहे हैं, पर जवाबदेही तय होना अभी भी बाकी है। मिश्रा ने खुद स्वीकार किया कि फिल्म इंडस्ट्री की चुप्पी शर्मनाक है, जो यह भी दर्शाता है कि सांस्कृतिक जगत की सत्ता-निकटता किस हद तक जन-आंदोलनों से दूरी बनाती है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएसी आंदोलन क्या है और छात्र क्या माँग कर रहे हैं?
झारखंड के छात्र 29 जुलाई से रांची में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी व पेपर लीक के खिलाफ आंदोलनरत हैं। वे सीबीआई व ईडी जाँच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की माँग कर रहे हैं।
पीयूष मिश्रा रांची क्यों गए?
पीयूष मिश्रा ने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों के साक्षात्कारों में उनकी आँखों का दर्द देखकर उन्हें रांची आने की प्रेरणा मिली। उनके पास दो दिन का समय था और वह छात्रों के साथ व्यक्तिगत रूप से खड़े होना चाहते थे।
पीयूष मिश्रा ने आंदोलन स्थल पर क्या किया?
उन्होंने अनशन-सत्याग्रह कर रहे छात्रों से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया और अपना चर्चित गीत 'आरंभ है प्रचंड' गाया। उन्होंने मेडिकल सहायता, भोजन, आर्थिक मदद और ज़रूरी सामग्री उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिया।
पीयूष मिश्रा ने छात्रों को क्या सलाह दी?
उन्होंने छात्रों से आंदोलन शांतिपूर्ण और अनुशासित रखने की अपील की। उन्होंने किसी भी तरह की बदतमीज़ी या गाली-गलौज से बचने और राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहने की सलाह दी।
फिल्म इंडस्ट्री की इस आंदोलन पर क्या प्रतिक्रिया रही है?
पीयूष मिश्रा ने खुद स्वीकार किया कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री से इस आंदोलन को लेकर बहुत कम लोग बोल रहे हैं और इस पर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। हालाँकि उन्होंने कहा कि उद्योग में ऐसे लोग भी हैं जो छात्रों के साथ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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