पीयूष मिश्रा रांची में छात्रों से मिले, बोले — 'सरकार को राज्य चलाना है, जल्द निकलेगा हल'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता और रंगमंच कलाकार पीयूष मिश्रा ने 9 अगस्त 2026 को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों से दूसरी बार मुलाकात की। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में चल रहे इस आंदोलन का यह 16वाँ दिन था। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मिलने के बाद उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और छात्रों के बीच यह विवाद जल्द सुलझ जाएगा।
पीयूष मिश्रा ने क्या कहा
मीडिया से बातचीत में पीयूष मिश्रा ने कहा, 'मुझे आप सबके साथ यहाँ आकर बहुत अच्छा लगा। मैं सबसे मिला और बहुत मज़ा आया, इसीलिए मैं आज फिर आया हूँ।' उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार दोपहर उनकी एक बैठक निर्धारित है और उन्हें उम्मीद है कि इस मुद्दे को बातचीत के ज़रिए सुलझाने की कोशिश होगी।
उन्होंने कहा, 'सरकार को भी राज्य चलाना है और उसके सामने अपनी मजबूरियाँ और संभावनाएँ हैं। इसलिए आशा करता हूँ कि सरकार छात्रों की माँगों पर कोई रास्ता निकालेगी।' मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण रवैये की सराहना भी की और कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से पूरे आंदोलन पर असर पड़ सकता है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र संगठनों का यह आंदोलन कई दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में लगातार देरी होती है और कई परीक्षाओं में पेपर लीक या अन्य गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में युवाओं के बीच सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर अविश्वास गहरा होता जा रहा है।
छात्रों की प्रमुख माँगें
प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच कराने और भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार की माँग कर रहे हैं। कुछ छात्र संगठनों ने पूरे मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराने की भी माँग रखी है।
सरकार की प्रतिक्रिया और बातचीत का दौर
सरकार और छात्र संगठनों के बीच अब तक कई दौर की बातचीत हो चुकी है। शनिवार, 8 अगस्त को सरकार की पाँच सदस्यीय समिति ने अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों और संबंधित पक्षों के सुझावों के आधार पर आगे की नीति तैयार की जाएगी। हालाँकि, अभी तक सभी माँगों पर सहमति नहीं बन पाई है।
धरनास्थल पर जोश का माहौल
पीयूष मिश्रा ने धरनास्थल पर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच अपनी चर्चित फिल्म 'गुलाल' का गीत 'आरंभ है प्रचंड' भी गाया। उनके गाना शुरू करते ही छात्र-छात्राओं ने भी सुर मिलाया, जिससे प्रदर्शन स्थल पर जोश और उत्साह का माहौल बन गया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया पर छात्रों के इंटरव्यू देखने के बाद उनकी स्थिति ने उन्हें प्रभावित किया और उनका यहाँ आने के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब किसी कलाकार या सार्वजनिक हस्ती ने छात्र आंदोलन को नैतिक समर्थन देने के लिए धरनास्थल का रुख किया हो। आने वाले दिनों में सोमवार की बैठक के नतीजे यह तय करेंगे कि आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।