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झारखंड छात्र आंदोलन: तीसरे दौर की वार्ता विफल, JSSC-CGL रद्द करना संभव नहीं — मंत्री सुदिव्य कुमार

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झारखंड छात्र आंदोलन: तीसरे दौर की वार्ता विफल, JSSC-CGL रद्द करना संभव नहीं — मंत्री सुदिव्य कुमार

सारांश

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षा धांधली पर छात्रों और सरकार के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी विफल। मंत्री सुदिव्य कुमार ने JSSC-CGL रद्द करने से साफ इनकार किया — सुप्रीम कोर्ट के आदेश और हो चुकी नियुक्तियों का हवाला दिया। छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान कायम रखा।

मुख्य बातें

झारखंड सरकार और आंदोलित छात्रों के बीच रांची में तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा — JSSC-CGL परीक्षा 2024 रद्द करना सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
सरकार ने 14वीं जेपीएससी पीटी व बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने, ED जांच और टीडीपीएल की सभी परीक्षाओं की जांच पर सहमति दी।
छात्र सीबीआई जांच और CGL रद्द करने की मांग पर अडिग रहे।
छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव का ऐलान बरकरार रखा।

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के विरोध में उतरे छात्रों और झारखंड राज्य सरकार के बीच 10 अगस्त 2025 को रांची में हुई तीसरे दौर की वार्ता भी बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। सरकार ने दावा किया कि छात्रों की अधिकांश प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली गई हैं, जबकि छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 को रद्द करने और सभी विवादित परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग पर अडिग रहे।

वार्ता का घटनाक्रम

वार्ता विफल होने के बाद चार मंत्रियों के समूह ने रविवार रात सूचना भवन, रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मंत्री समूह के नेतृत्वकर्ता सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा, "सरकार ने छात्रों की अधिकांश प्रमुख मांगें मान ली हैं। इसके बावजूद आंदोलन जारी रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।" उन्होंने छात्रों से हठधर्मिता छोड़कर वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील की और अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को आंदोलन से दूर रखें।

सरकार ने क्या माना

मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि सरकार ने निम्नलिखित मांगें स्वीकार की हैं:

14वीं जेपीएससी पीटी और सिविल सर्विसेज की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर पूर्ण सहमति दी गई है। परीक्षाओं में हुए वित्तीय लेन-देन और वसूली के मामलों की सीआईडी जांच के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) से भी जांच कराने के लिए सरकार पत्र लिखेगी। विवादित एजेंसी टीडीपीएल द्वारा संचालित अन्य सभी परीक्षाओं की व्यापक जांच होगी और सबूत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

CGL रद्द करने पर सरकार की स्थिति

मंत्री ने स्पष्ट किया कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 को रद्द करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, क्योंकि यह परीक्षा सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के तहत संपन्न हुई है और उसके आधार पर नियुक्तियाँ भी हो चुकी हैं। सरकार ने इस मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने का प्रस्ताव दिया था, परंतु छात्र इस पर भी सहमत नहीं हुए।

परीक्षा सुधार की पहल

सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का भी आश्वासन दिया। इसके लिए छात्रों सहित सभी हितधारकों के सुझाव लेने हेतु एक पोर्टल लॉन्च किया गया है। सुदिव्य कुमार ने दोहराया कि दोषियों को सजा अवश्य मिलेगी, लेकिन जब सरकार सभी जायज मांगें मान रही है, तब विधानसभा घेराव जैसे आंदोलन का रास्ता चुनना उचित नहीं है।

आगे क्या होगा

मांगें पूरी न होने पर छात्रों ने आंदोलन जारी रखने और 10 अगस्त को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार झारखंड विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर छात्रों में गहरा आक्रोश है। गौरतलब है कि यह तीसरी बार है जब सरकार और छात्रों के बीच वार्ता बेनतीजा रही — जो दोनों पक्षों के बीच गहरी खाई को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विश्वास की है। सरकार का 'अधिकांश मांगें मान लीं' का दावा तब खोखला लगता है जब केंद्रीय मांग — CGL रद्द करना — पर वह न्यायालय की आड़ लेती है। गौरतलब है कि सेवानिवृत्त जज की निगरानी में जांच का प्रस्ताव एक संतुलित विकल्प था, जिसे छात्रों ने अस्वीकार किया — यह दर्शाता है कि आंदोलन अब राजनीतिक आयाम भी ले चुका है। विधानसभा घेराव से स्थिति और जटिल होने की आशंका है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

JSSC-CGL परीक्षा 2024 विवाद क्या है?
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 पर धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिसके चलते झारखंड में छात्र इसे रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह परीक्षा सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के तहत पूरी हुई है, इसलिए इसे रद्द नहीं किया जा सकता।
सरकार ने छात्रों की कौन-सी मांगें मानी हैं?
सरकार ने 14वीं जेपीएससी पीटी और सिविल सर्विसेज बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने, सीआईडी के साथ प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने, और विवादित एजेंसी टीडीपीएल की सभी परीक्षाओं की व्यापक जांच की सहमति दी है। परीक्षा सुधार के लिए एक पोर्टल भी लॉन्च किया गया है।
छात्र अभी भी आंदोलन क्यों जारी रख रहे हैं?
छात्रों की दो प्रमुख मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं — JSSC-CGL परीक्षा 2024 को रद्द करना और सभी विवादित परीक्षाओं की सीबीआई जांच। सरकार ने CGL रद्द करने से इनकार कर दिया और सीबीआई की जगह सेवानिवृत्त जज की निगरानी में जांच का प्रस्ताव दिया, जिसे छात्रों ने अस्वीकार कर दिया।
झारखंड विधानसभा घेराव कब होगा?
छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है। यह कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और तीसरे दौर की वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने इसे जारी रखने की घोषणा की।
टीडीपीएल एजेंसी कौन है और इसका विवाद से क्या संबंध है?
टीडीपीएल वह एजेंसी है जिस पर झारखंड में कई प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करने का आरोप है। इस एजेंसी द्वारा संचालित परीक्षाओं में वित्तीय अनियमितताओं और वसूली के आरोप लगे हैं। सरकार ने इस एजेंसी से जुड़ी सभी परीक्षाओं की व्यापक जांच कराने पर सहमति दी है।
राष्ट्र प्रेस
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