कल्याण बनर्जी के बेटे का अभिषेक पर पलटवार: 'हम उनके कर्मचारी नहीं, शर्तें नहीं मानेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के बेटे सिरसान्या बंदोपाध्याय ने 11 जून को TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी के 'दबदबे वाले' रवैये पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके पिता अभिषेक के 'कर्मचारी' नहीं हैं और उन पर किसी प्रकार की शर्तें नहीं थोपी जा सकतीं। यह बयान उस वक्त आया जब कल्याण बनर्जी ने खुद पार्टी नेतृत्व को एक तरह की चुनौती देते हुए कहा था कि उन्हें 'घमंडी' अभिषेक और उनके बीच किसी एक को चुनना होगा।
मामले की पृष्ठभूमि
सिरसान्या बंदोपाध्याय ने बताया कि उनके पिता कल्याण बनर्जी विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने से जुड़े एक अदालती मामले में अभिषेक बनर्जी की ओर से पैरवी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह काम पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किया जा रहा था, लेकिन कलकत्ता हाई कोर्ट में कई मामलों के लंबित होने के कारण सुनवाई आगे की तारीखों पर टलती रही।
बंदोपाध्याय के अनुसार, बुधवार की रात अभिषेक बनर्जी की टीम की ओर से उन्हें सूचित किया गया कि उनकी कानूनी सेवाओं की अब आवश्यकता नहीं है, क्योंकि एक अन्य वकील को नियुक्त कर लिया गया है। उन्होंने इस सूचना को अपने पिता के लिए 'अपमानजनक' करार दिया।
सिरसान्या का सीधा हमला
अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में सिरसान्या बंदोपाध्याय ने कहा, 'हम अभिषेक बनर्जी के कर्मचारी नहीं हैं, जिन्हें वह यह बता सकें कि क्या करना है और क्या नहीं।' उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी के भरोसे और विश्वास की कमी के कारण ही मामला इस मोड़ पर पहुँचा।
बंदोपाध्याय ने आरोप लगाया कि अभिषेक वकीलों की एक समानांतर टीम तैयार कर रहे थे, जो काम करने का सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा, 'अभिषेक के साथ समस्या यह है कि वह किसी पर भरोसा नहीं कर सकते।'
कल्याण बनर्जी की भूमिका और वफादारी
कल्याण बनर्जी TMC के चार बार के सांसद और पार्टी के वरिष्ठतम चेहरों में से एक हैं। सिरसान्या ने अपने पिता की 'साफगोई' का बचाव करते हुए कहा कि जब कई बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके थे या मुश्किल वक्त में पीछे हट गए थे, तब भी कल्याण बनर्जी ममता बनर्जी के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ी पार्टी है — इसमें लाखों कार्यकर्ताओं और समर्थकों की आवाज़ शामिल है। यह टिप्पणी अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव पर एक सीधा कटाक्ष मानी जा रही है।
TMC में बढ़ती अंदरूनी दरार
यह ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर पुरानी और नई पीढ़ी के नेताओं के बीच तनाव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। अभिषेक बनर्जी, जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं, को पार्टी में दूसरी सबसे ताकतवर शख्सियत माना जाता है। आलोचकों का कहना है कि उनके कार्यशैली को लेकर वरिष्ठ नेताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि कल्याण बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व को खुलेआम यह चुनाव करने को कहा कि वे अभिषेक के साथ हैं या उनके साथ — यह स्तर का टकराव TMC में दुर्लभ है और आने वाले दिनों में पार्टी की एकजुटता के लिए एक परीक्षा बन सकता है।