29 अक्टूबर 2026
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कमलादेवी चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर नितिन गडकरी समेत कई नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

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कमलादेवी चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर नितिन गडकरी समेत कई नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

सारांश

29 अक्टूबर 1988 को देश छोड़ने वाली कमलादेवी चट्टोपाध्याय — जो पहली भारतीय महिला थीं जिन्होंने विधायी सीट के लिए चुनाव लड़ा और ब्रिटिशों ने जिन्हें गिरफ्तार किया — की पुण्यतिथि पर नितिन गडकरी समेत दलगत सीमाओं से परे नेताओं ने उन्हें याद किया।

मुख्य बातें

29 अक्टूबर 1988 को निधन हुए स्वतंत्रता सेनानी कमलादेवी चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर 2026 में देशव्यापी श्रद्धांजलि दी गई।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी , दिल्ली मंत्री आशीष सूद , बिहार मंत्री विजय कुमार सिन्हा , छत्तीसगढ़ मंत्री रामविचार नेतम और कांग्रेस पार्टी ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
कमलादेवी भारत में विधायी सीट के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली भारतीय महिला थीं।
वे ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार होने वाली पहली भारतीय महिला भी थीं।
उन्हें पद्म भूषण , पद्म विभूषण और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से नवाज़ा गया था।
दांडी मार्च में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कराने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक मानी जाती है।

स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक कमलादेवी चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर 29 अक्टूबर 2026 को देशभर के नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। 29 अक्टूबर 1988 को उनके निधन की वर्षगाँठ पर केंद्रीय मंत्री से लेकर राज्यों के मंत्रियों और राजनीतिक दलों ने उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।

गडकरी और अन्य केंद्रीय नेताओं की श्रद्धांजलि

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'महान स्वतंत्रता सेनानी पद्म विभूषण कमलादेवी चट्टोपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें अभिवादन।' उनकी यह श्रद्धांजलि उस महिला को समर्पित थी जिन्होंने स्वाधीनता संग्राम में अपना जीवन होम कर दिया।

दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने एक्स पर लिखा कि 'स्वतंत्रता आंदोलन में उनका अतुलनीय योगदान, महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पण व भारतीय हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए उनके प्रयास सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे।' सूद ने उन्हें 'राष्ट्र निर्माण की अमूल्य धरोहर' बताया।

राज्य मंत्रियों ने भी किया नमन

बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उन्हें 'भारतीय समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी, रंगमंच कलाकार और गांधीवादी नेता' बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विशेष रूप से उनके पद्मभूषण और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित होने का उल्लेख किया।

छत्तीसगढ़ के मंत्री रामविचार नेतम ने भी एक्स पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कमलादेवी को 'पद्म भूषण व पद्म विभूषण से सम्मानित समाज सुधारक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी' कहा।

कांग्रेस ने भी किया स्मरण

कांग्रेस पार्टी ने भी एक्स पर पोस्ट कर कमलादेवी को याद किया और कहा कि 'भारत के स्वतंत्रता संग्राम, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करते रहते हैं।' गौरतलब है कि कमलादेवी कांग्रेस से गहराई से जुड़ी रहीं और गांधीजी की करीबी सहयोगी थीं।

कमलादेवी चट्टोपाध्याय: एक ऐतिहासिक विरासत

कमलादेवी चट्टोपाध्याय भारत में विधायी सीट के लिए चुनाव लड़ने वाली प्रथम भारतीय महिला थीं। इसके अलावा, वे ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार होने वाली प्रथम भारतीय महिला भी थीं — एक ऐसा तथ्य जो उनकी निर्भीकता और राष्ट्रभक्ति को रेखांकित करता है।

उन्होंने मद्रास प्रांतीय चुनाव लड़ा और दांडी मार्च के दौरान महात्मा गांधी को महिलाओं को समान रूप से भागीदार बनाने के लिए राज़ी किया। इसके बाद उन्होंने सेवादल से जुड़कर महिला कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया। भारतीय हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में उनका योगदान स्वतंत्रता के बाद भी जारी रहा।

यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब देश महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय एजेंडे के केंद्र में रखने की बात करता है — कमलादेवी ने उस विचार को दशकों पहले जीकर दिखाया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनके नाम पर नीतिगत प्रतिबद्धता की जाँच होनी चाहिए। भारत में महिला विधायी प्रतिनिधित्व और हस्तशिल्प क्षेत्र की दशा देखें तो स्पष्ट होगा कि उनके सपनों की राह अभी लंबी है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कमलादेवी चट्टोपाध्याय कौन थीं?
कमलादेवी चट्टोपाध्याय एक महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, रंगमंच कलाकार और गांधीवादी नेता थीं। वे भारत में विधायी सीट के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली भारतीय महिला थीं और ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार की जाने वाली पहली भारतीय महिला भी।
कमलादेवी चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि कब है?
कमलादेवी चट्टोपाध्याय का निधन 29 अक्टूबर 1988 को हुआ था। इसी तिथि को प्रतिवर्ष उनकी पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है।
कमलादेवी चट्टोपाध्याय को कौन-कौन से पुरस्कार मिले थे?
उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ये पुरस्कार उनके स्वतंत्रता संग्राम, महिला सशक्तिकरण और भारतीय हस्तशिल्प के संरक्षण में योगदान को मान्यता देते हैं।
दांडी मार्च में कमलादेवी की क्या भूमिका थी?
कमलादेवी चट्टोपाध्याय ने दांडी मार्च के दौरान महात्मा गांधी को महिलाओं को समान अवसर देने और मार्च में प्रमुखता से शामिल करने के लिए राज़ी किया। इसके बाद उन्होंने सेवादल से जुड़कर महिला कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया।
2026 में कमलादेवी की पुण्यतिथि पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
29 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली मंत्री आशीष सूद, बिहार मंत्री विजय कुमार सिन्हा, छत्तीसगढ़ मंत्री रामविचार नेतम और कांग्रेस पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्र प्रेस
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