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कर्नाटक विधानसभा सत्र एक दिन बढ़ा, 200 से अधिक तालुक भीषण सूखे की चपेट में

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कर्नाटक विधानसभा सत्र एक दिन बढ़ा, 200 से अधिक तालुक भीषण सूखे की चपेट में

सारांश

कर्नाटक में 200 से अधिक तालुक भीषण सूखे की चपेट में हैं और मुख्यमंत्री शिवकुमार ने विधानसभा सत्र एक दिन बढ़ा दिया है। केंद्र से मदद माँगने के लिए PM मोदी को पत्र लिखकर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी है।

मुख्य बातें

CM डीके शिवकुमार ने 23 सितंबर 2026 को घोषणा की कि विधानसभा सत्र एक दिन के लिए बढ़ाया गया है।
राज्य के 200 से अधिक तालुक भीषण सूखे से प्रभावित हैं और स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
केंद्र सरकार से राहत के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भेजने पर सर्वसम्मति बनी; PM मोदी से मिलने का समय माँगा गया है।
विधानसभा में मंत्री और उपमुख्यमंत्री विधायकों के प्रश्नों का आधिकारिक रूप से जवाब देंगे।
शिवकुमार ने कांग्रेस के आगामी चार विधानसभा उपचुनावों में जीत का भरोसा जताया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को घोषणा की कि राज्य में 200 से अधिक तालुकों में भीषण सूखे की बिगड़ती स्थिति पर विस्तृत विधायी चर्चा के लिए विधानसभा सत्र एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हालात गंभीर हो गए हैं और जन प्रतिनिधि इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखना चाहते हैं।

सूखे की गंभीर स्थिति

शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य में सूखे की तीव्रता लगातार बढ़ रही है और 200 से अधिक तालुक भीषण सूखे से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, 'स्थिति गंभीर है और इसीलिए सूखे पर चर्चा के लिए विधानसभा सत्र एक अतिरिक्त दिन के लिए बढ़ाया गया है।' यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं और किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

विधानसभा में चर्चा की रूपरेखा

मुख्यमंत्री ने बताया कि विधायक और जनप्रतिनिधि सूखे की स्थिति पर विस्तार से अपने विचार और सुझाव रखेंगे। मंत्री और उपमुख्यमंत्री सदन की कार्यवाही के दौरान विधायकों द्वारा उठाए गए प्रश्नों और सुझावों का आधिकारिक रूप से जवाब देंगे। यह प्रक्रिया राहत उपायों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

केंद्र से मदद के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल

सूखे से राहत और केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता पाने के लिए दिल्ली में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया गया है। शिवकुमार ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस कदम पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुलाकात का समय माँगा है और समय मिलते ही प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली ले जाया जाएगा। गौरतलब है कि केंद्र से राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) के तहत सहायता राशि मिलने में अक्सर देरी होती रही है, जिससे राज्यों को नुकसान उठाना पड़ता है।

विधानसभा उपचुनावों पर आत्मविश्वास

इस बीच, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) कार्यालय के नज़दीक मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि आगामी विधानसभा की चार सीटों पर उपचुनावों में कांग्रेस की जीत निश्चित है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने एक साल पहले ही उम्मीदवारों का चयन कर लिया था और पार्टी व सरकार मिलकर चुनावी मैदान में उतरेंगी। उन्होंने मंत्रियों और पार्टी विधायकों को चुनाव की जिम्मेदारी लेने का निर्देश भी दिया।

आगे क्या होगा

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात का समय मिलते ही सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल केंद्र के समक्ष कर्नाटक की सूखे की स्थिति और राहत की माँग रखेगा। विधानसभा की बढ़ी हुई बैठक में होने वाली चर्चा से राज्य सरकार की राहत नीति को एक व्यापक विधायी आधार मिलेगा, जो केंद्रीय सहायता की माँग को और मज़बूत करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि विधायी चर्चा के बाद राहत धरातल पर कितनी तेज़ी से पहुँचती है। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की अवधारणा राजनीतिक एकजुटता का प्रतीक है, पर केंद्र-राज्य संबंधों के इतिहास को देखें तो NDRF की रकम जारी होने में महीनों लग जाते हैं। शिवकुमार का चुनावी आत्मविश्वास उस समय सामने आया है जब सूखाग्रस्त किसानों की समस्या राज्य सरकार की परीक्षा बन चुकी है — राहत कार्य की गति ही असली चुनावी पैमाना होगी।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक विधानसभा सत्र क्यों बढ़ाया गया?
राज्य के 200 से अधिक तालुकों में भीषण सूखे की गंभीर होती स्थिति पर विस्तृत विधायी चर्चा के लिए विधानसभा सत्र एक दिन बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया कि विधायक और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर अपने सुझाव और प्रश्न सदन में रखना चाहते थे।
कर्नाटक में कितने तालुक सूखे से प्रभावित हैं?
मुख्यमंत्री शिवकुमार के बयान के अनुसार, 200 से अधिक तालुक भीषण सूखे से प्रभावित हैं और स्थिति को गंभीर बताया गया है। इससे राज्य में कृषि और पेयजल आपूर्ति पर बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है।
कर्नाटक सरकार केंद्र से सहायता के लिए क्या कदम उठा रही है?
CM शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुलाकात का समय माँगा है। सभी राजनीतिक दलों की सहमति से एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भेजा जाएगा, जो केंद्र सरकार के समक्ष सूखा राहत और वित्तीय सहायता की माँग रखेगा।
कर्नाटक विधानसभा सत्र में सूखे पर चर्चा कैसे होगी?
बढ़ाए गए सत्र में विधायक सूखे की स्थिति पर अपने प्रश्न और सुझाव रखेंगे। मंत्री और उपमुख्यमंत्री इन प्रश्नों का आधिकारिक रूप से जवाब देंगे, जिससे राहत उपायों की दिशा तय होगी।
कर्नाटक में आगामी विधानसभा उपचुनाव किन सीटों पर होंगे?
कर्नाटक में चार विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। CM शिवकुमार ने कहा है कि कांग्रेस को इन सभी चार सीटों पर जीत का पूरा भरोसा है और पार्टी एवं सरकार मिलकर चुनावी तैयारी करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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