रामलिंगा रेड्डी ने वापस लिया इस्तीफा, कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत के बाद मंत्री पद पर बने रहेंगे
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने 7 जून 2025 को अपना इस्तीफा वापस ले लिया, जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बेंगलुरु में मीडिया को यह जानकारी दी। सुरजेवाला ने स्पष्ट किया कि रेड्डी पार्टी के एक समर्पित सदस्य और मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियाँ निभाते रहेंगे।
इस्तीफे की पृष्ठभूमि
6 जून को रामलिंगा रेड्डी ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने उन्हें बेंगलुरु शहरी विकास विभाग सौंपने का जो आश्वासन दिया था, वह पूरा नहीं हुआ। इस घोषणा के तुरंत बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में आंतरिक कलह का आरोप लगाना शुरू कर दिया।
कांग्रेस नेतृत्व की त्वरित कार्रवाई
सुरजेवाला ने बताया कि इस्तीफे की खबर सामने आते ही मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और स्वयं उन्होंने रेड्डी से बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस चर्चा में यह स्पष्ट हो गया कि मामला महज एक गलतफहमी का था, जिसे आपसी संवाद से सुलझा लिया गया।
सुरजेवाला ने कहा, 'रामलिंगा रेड्डी 1989 से विधायक हैं और आठ बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। वह कई बार मंत्री रह चुके हैं और अनेक महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। उनका अनुभव और राजनीतिक समझ पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि रेड्डी 1973 से कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं।
BJP पर पलटवार
सुरजेवाला ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इस घटनाक्रम से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब उनके मंसूबे विफल हो गए हैं। उन्होंने BJP नेताओं बी.वाई. विजयेंद्र और आर. अशोक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता की अदालत में उन्हें बार-बार हार का सामना करना पड़ेगा।
गारंटी योजनाओं का उल्लेख
इस अवसर पर सुरजेवाला ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि शक्ति योजना के तहत 400 करोड़ से अधिक मुफ्त बस यात्राएँ हो चुकी हैं और लगभग 2 करोड़ छात्रों को इस योजना से जोड़ने की तैयारी है। इसके अलावा राज्य में 1.66 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली, 4.49 करोड़ लाभार्थियों को 10 किलो मुफ्त चावल तथा लाखों बच्चों को ₹3,000 और ₹1,500 की छात्रवृत्ति दी जा रही है।
आगे क्या होगा
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने रामलिंगा रेड्डी को एक अतिरिक्त विभाग देने का आश्वासन भी दिया है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही आधिकारिक तौर पर अपने इस्तीफे की वापसी की घोषणा करेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों और आंतरिक समन्वय की चुनौतियों से जूझ रही है।