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करोल बाग में 10,650 नकली यूएनओ मिंडा स्विच बरामद, तीन थोक व्यापारी गिरफ्तार

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करोल बाग में 10,650 नकली यूएनओ मिंडा स्विच बरामद, तीन थोक व्यापारी गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करोल बाग की तीन दुकानों से यूएनओ मिंडा के 10,650 नकली स्विच बरामद कर तीन थोक व्यापारियों को दबोचा। 15-20 साल पुराने कारोबारी विदेश से सस्ते स्विच मंगाकर नामी ब्रांड की आड़ में बेच रहे थे — जाँच में पूरे नेटवर्क पर नज़र है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 19 मई 2026 को करोल बाग की तीन थोक दुकानों पर छापा मारा।
कुल 10,650 नकली यूएनओ मिंडा स्विच बरामद — मल्होत्रा एंटरप्राइज से 8,500 , परी एंटरप्राइजेज से 1,500 और कनक ऑटो स्पेयर्स से 650 ।
गिरफ्तार आरोपी: राजेश मल्होत्रा , सोम भुटानी और कमल रसवंत — तीनों 15-20 वर्षों से ऑटो पार्ट्स कारोबार में।
एफआईआर संख्या 133/2026 दर्ज; बीएनएस धारा 318(4) , 336(3) और कॉपीराइट अधिनियम धारा 63 के तहत मामला।
पुलिस के अनुसार रैकेट करोल बाग से परे फैला है; सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों की जाँच जारी।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम ने 19 मई 2026 को करोल बाग की तीन थोक दुकानों पर छापेमारी कर यूएनओ मिंडा ब्रांड के 10,650 नकली ऑटो स्विच जब्त किए और तीन व्यापारियों को गिरफ्तार किया। आरोपी विदेश से सस्ते स्विच आयात कर उन पर प्रतिष्ठित ब्रांड का फर्जी ट्रेडमार्क अंकित करके उन्हें असली उत्पाद के रूप में बाजार में बेच रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

एसीपी संजय कुमार नागपाल की देखरेख में इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी के नेतृत्व वाली टीम को 19 मई 2026 को विश्वसनीय सूचना मिली। इसके बाद टीम ने यूएनओ मिंडा कंपनी के कानूनी प्रतिनिधियों के साथ समन्वय करते हुए करोल बाग में एक साथ तीन प्रतिष्ठानों पर छापा मारा।

बरामदगी का विवरण इस प्रकार है — मल्होत्रा एंटरप्राइज से 8,500 स्विच, कनक ऑटो स्पेयर्स से 650 स्विच और परी एंटरप्राइजेज से 1,500 स्विच जब्त किए गए।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

पुलिस ने तीन प्रोप्राइटरों को हिरासत में लिया — राजेश मल्होत्रा (मल्होत्रा एंटरप्राइज), सोम भुटानी (कनक ऑटो स्पेयर्स) और कमल रसवंत (परी एंटरप्राइजेज)। तीनों पिछले 15 से 20 वर्षों से ऑटो पार्ट्स के थोक कारोबार में सक्रिय थे। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि विदेश से सस्ते स्विच मंगाकर उन पर यूएनओ मिंडा का ब्रांड नाम लगाकर असली माल के रूप में बेचा जाता था।

कानूनी कार्रवाई

20 मई 2026 को क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर संख्या 133/2026 दर्ज की गई। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 336(3) के साथ-साथ कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आम जनता और उद्योग पर असर

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार यह रैकेट केवल करोल बाग तक सीमित नहीं है। जाँच में पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों की पहचान की जा रही है। नकली ऑटो पार्ट्स न केवल ब्रांडेड कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया

पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) संजीव कुमार यादव ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि नकली सामान के कारोबार पर सख्ती से नकेल कसी जाएगी। दिल्ली पुलिस ने नकली और डुप्लीकेट उत्पादों के विरुद्ध अपना अभियान तेज कर दिया है। आगे की जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नियामकीय निगरानी का ढाँचा प्रतिक्रियात्मक बना हुआ है — पहले घटना, फिर कार्रवाई। जब तक आयात-स्तर पर जाँच और बाजार में नियमित ऑडिट नहीं होता, ऐसे रैकेट नए नामों और नई दुकानों के साथ फिर उभरते रहेंगे।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करोल बाग में नकली यूएनओ मिंडा स्विच रैकेट क्या है?
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने करोल बाग की तीन थोक दुकानों से यूएनओ मिंडा ब्रांड के 10,650 नकली ऑटो स्विच बरामद किए। आरोपी विदेश से सस्ते स्विच आयात कर उन पर फर्जी ट्रेडमार्क लगाकर असली उत्पाद की कीमत पर बेच रहे थे।
इस मामले में किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
तीन थोक व्यापारियों को गिरफ्तार किया गया है — राजेश मल्होत्रा (मल्होत्रा एंटरप्राइज), सोम भुटानी (कनक ऑटो स्पेयर्स) और कमल रसवंत (परी एंटरप्राइजेज)। तीनों 15 से 20 वर्षों से ऑटो पार्ट्स के थोक कारोबार में सक्रिय थे।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
20 मई 2026 को दर्ज एफआईआर संख्या 133/2026 में आरोपियों पर बीएनएस की धारा 318(4) और 336(3) के साथ-साथ कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या यह रैकेट केवल करोल बाग तक सीमित है?
नहीं, क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क करोल बाग से परे फैला हो सकता है। पूरी सप्लाई चेन और अन्य संदिग्ध सहयोगियों की पहचान के लिए जाँच जारी है।
नकली ऑटो पार्ट्स उपभोक्ताओं के लिए क्यों खतरनाक हैं?
स्विच जैसे सुरक्षा-संवेदनशील ऑटो पुर्जों में घटिया गुणवत्ता वाहन की विद्युत प्रणाली को नुकसान पहुँचा सकती है और दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसके अलावा ये नकली उत्पाद मूल ब्रांड को आर्थिक नुकसान भी पहुँचाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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