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केरल सरकार ने कासरगोड एंडोसल्फान पीड़ितों के लिए ₹14.40 करोड़ का 'स्नेहसांतवनम' पैकेज मंजूर किया

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केरल सरकार ने कासरगोड एंडोसल्फान पीड़ितों के लिए ₹14.40 करोड़ का 'स्नेहसांतवनम' पैकेज मंजूर किया

सारांश

केरल की UDF सरकार ने कासरगोड के एंडोसल्फान पीड़ितों के लिए ₹14.40 करोड़ का 'स्नेहसांतवनम' पैकेज मंजूर किया है — जिसमें 5,208 मौजूदा और करीब 1,000 नए लाभार्थी शामिल हैं। दशकों पुरानी इस त्रासदी के पीड़ितों के लिए यह राशि शिक्षा, देखभाल और पुनर्वास केंद्रों तक पहुँचेगी।

मुख्य बातें

केरल की UDF सरकार ने 8 अगस्त 2026 को ₹14.40 करोड़ का 'स्नेहसांतवनम' पुनर्वास पैकेज स्वीकृत किया।
5,208 मौजूदा लाभार्थियों को ₹9.84 करोड़ और लगभग 1,000 नए लाभार्थियों को ₹2.64 करोड़ मिलेंगे।
'आश्वासकिरणम' योजना के तहत 771 देखभालकर्ताओं को ₹64.76 लाख की मासिक सहायता।
400 बच्चों को शिक्षा सहायता के लिए ₹10.05 लाख और 10 मॉडल पुनर्वास केंद्रों के उन्नयन पर ₹1.17 करोड़ आवंटित।
राशि सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से राज्य बजट से दी जाएगी; पैकेज अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक प्रभावी।

केरल सरकार ने कासरगोड के एंडोसल्फान पीड़ितों के लिए वित्त वर्ष 2026-27 हेतु ₹14.40 करोड़ के समग्र पुनर्वास एवं कल्याण पैकेज 'स्नेहसांतवनम' को जारी रखने की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय से 8 अगस्त 2026 को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, यह राशि सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से राज्य बजट से प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सरकार का यह निर्णय दशकों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पीड़ित परिवारों के लिए महत्त्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।

पैकेज का विस्तृत आवंटन

मंजूर की गई ₹14.40 करोड़ की राशि का बड़ा हिस्सा सीधे प्रभावित परिवारों तक पहुँचेगा। अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक 5,208 मौजूदा लाभार्थियों को ₹9.84 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, राहत सूची में जोड़े जाने वाले लगभग 1,000 नए लाभार्थियों के लिए ₹2.64 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

'आश्वासकिरणम' योजना के अंतर्गत एंडोसल्फान प्रभावित व्यक्तियों की देखभाल करने वाले 771 देखभालकर्ताओं को मासिक आर्थिक सहायता के रूप में ₹64.76 लाख स्वीकृत किए गए हैं। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में 400 बच्चों को शिक्षा सहायता के लिए ₹10.05 लाख दिए जाएंगे। प्रभावित क्षेत्रों में 10 मॉडल बाल पुनर्वास केंद्रों के बुनियादी ढाँचे और सेवाओं के उन्नयन पर ₹1.17 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

एंडोसल्फान त्रासदी: पृष्ठभूमि

एंडोसल्फान एक अत्यंत विषैला कीटनाशक है जिसे दशकों तक कासरगोड की काजू बागानों पर हवाई छिड़काव के जरिए इस्तेमाल किया गया। इस रासायनिक प्रदूषण के कारण क्षेत्र के हजारों निवासियों में गंभीर स्वास्थ्य विकार, जन्मजात विकलांगता और तंत्रिका संबंधी बीमारियाँ सामने आईं। यह ऐसे समय में आया है जब एंडोसल्फान को वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित किए जाने के बाद भी प्रभावित परिवार दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणामों से जूझ रहे हैं।

गौरतलब है कि पीड़ितों और उनके परिजनों के लंबे कानूनी एवं सामाजिक संघर्ष के बाद ही मुआवजे और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू हो सकी थी। तब से वे निरंतर स्थायी वित्तीय सहायता, सुलभ स्वास्थ्य सेवा और व्यापक पुनर्वास की माँग करते रहे हैं।

सरकार की प्राथमिकताएँ

सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस पैकेज का उद्देश्य तीन स्तरों पर काम करना है — मौजूदा लाभार्थियों को निर्बाध सहायता जारी रखना, नए पात्र पीड़ितों को राहत सूची में शामिल करना, और प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास एवं शैक्षणिक सुविधाओं को सुदृढ़ करना। सामाजिक न्याय विभाग इस पूरी योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।

आम जनता और पीड़ितों पर असर

इस निर्णय से कासरगोड के 6,200 से अधिक प्रत्यक्ष लाभार्थी परिवारों को वित्तीय स्थिरता मिलने की उम्मीद है। 400 बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने और 10 पुनर्वास केंद्रों के उन्नयन से आने वाली पीढ़ी के लिए भी बेहतर अवसर बनाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित संगठनों ने इस कदम का स्वागत करते हुए दीर्घकालिक स्वास्थ्य निगरानी तंत्र की माँग भी दोहराई है।

आगे की राह

यह पैकेज वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत है और इसका क्रियान्वयन अप्रैल 2026 से प्रारंभ माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि एंडोसल्फान प्रभावितों की समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है जब वार्षिक वित्तीय आवंटन के साथ-साथ विशेष चिकित्सा अनुसंधान और पर्यावरण पुनरुद्धार को भी प्राथमिकता दी जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

या इसके साथ दीर्घकालिक चिकित्सा निगरानी और पर्यावरण पुनरुद्धार की कोई ठोस योजना भी है। नए लाभार्थियों को जोड़ने का प्रावधान सकारात्मक है, लेकिन पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए — अन्यथा वास्तविक पीड़ित छूटते रहेंगे। केरल में सत्ता-परिवर्तन के बावजूद 'स्नेहसांतवनम' की निरंतरता बताती है कि यह मुद्दा राजनीतिक सीमाओं से ऊपर है, पर जवाबदेही का ढाँचा अभी भी अधूरा है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्नेहसांतवनम' पैकेज क्या है और यह किसके लिए है?
'स्नेहसांतवनम' केरल सरकार की समग्र पुनर्वास एवं कल्याण योजना है जो कासरगोड के एंडोसल्फान पीड़ितों के लिए चलाई जाती है। 2026-27 के लिए इसके तहत ₹14.40 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जिससे 5,208 मौजूदा और लगभग 1,000 नए लाभार्थी परिवार लाभान्वित होंगे।
एंडोसल्फान से कासरगोड के लोगों को क्या नुकसान हुआ?
एंडोसल्फान कीटनाशक को दशकों तक कासरगोड की काजू बागानों पर हवाई छिड़काव के जरिए इस्तेमाल किया गया, जिससे हजारों निवासियों में जन्मजात विकलांगता, तंत्रिका संबंधी बीमारियाँ और गंभीर स्वास्थ्य विकार उत्पन्न हुए। यह त्रासदी भारत की सबसे बड़ी कीटनाशक-जनित स्वास्थ्य आपदाओं में से एक मानी जाती है।
इस पैकेज की राशि कैसे वितरित होगी?
₹9.84 करोड़ 5,208 मौजूदा लाभार्थियों को, ₹2.64 करोड़ नए लाभार्थियों को, ₹64.76 लाख 771 देखभालकर्ताओं को, ₹10.05 लाख 400 बच्चों की शिक्षा के लिए और ₹1.17 करोड़ 10 मॉडल पुनर्वास केंद्रों के उन्नयन पर खर्च होंगे। यह पूरी राशि सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से राज्य बजट से दी जाएगी।
'आश्वासकिरणम' योजना क्या है?
'आश्वासकिरणम' केरल सरकार की उप-योजना है जो एंडोसल्फान प्रभावित व्यक्तियों की देखभाल करने वाले परिजनों को मासिक आर्थिक सहायता प्रदान करती है। 2026-27 में इस योजना के तहत 771 देखभालकर्ताओं को ₹64.76 लाख आवंटित किए गए हैं।
यह पैकेज कब से लागू होगा और इसकी निगरानी कौन करेगा?
यह पैकेज अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक के वित्त वर्ष के लिए स्वीकृत है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी केरल के सामाजिक न्याय विभाग पर है, जो सरकारी आदेश के अनुसार धनराशि वितरण और लाभार्थी सूची के प्रबंधन की देखरेख करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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