काशी में मंगला आरती से जगन्नाथ रथ यात्रा मेले का भव्य आगाज़, प्रयागराज में संगम स्नान से उमड़ी आस्था
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी में 16 जुलाई को भोर की मंगला आरती के साथ जगन्नाथ रथ यात्रा मेले का शुभारंभ हुआ — डमरू की गूंज और शंखनाद से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। हज़ारों श्रद्धालु सूर्योदय से पहले ही भगवान जगन्नाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुँचने लगे। एक ही दिन वाराणसी और प्रयागराज — दोनों तीर्थनगरियों में इस महापर्व की धूम रही।
मंगला आरती और मेले का शुभारंभ
जगन्नाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष बृजेश सिंह और सचिव शैलेश त्रिपाठी ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ मंगला आरती में भाग लिया। बृजेश सिंह ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लें और अपने परिवार की सुख, समृद्धि तथा शांति के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बेहतर सुविधाएँ, उन्नत व्यवस्थाएँ और आकर्षक सजावट की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान
ट्रस्ट सचिव शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष व्यवस्थाओं में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया गया है कि कहीं भी भगदड़ जैसी स्थिति न उत्पन्न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का जगन्नाथ रथ यात्रा मेला पूर्व के वर्षों से अधिक भव्य और यादगार सिद्ध होगा।
काशीवासियों की आस्था और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
श्रद्धालु गणेश मिश्रा ने कहा कि काशीवासियों को इस रथ यात्रा का पूरे वर्ष बेसब्री से इंतज़ार रहता है और यह यात्रा काशी के जन-जन की आस्था से जुड़ी है। सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक शर्मा ने भी कहा कि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मेले में शामिल होते हैं और यह काशी की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है।
प्रयागराज में संगम स्नान और रथ यात्रा की तैयारी
प्रयागराज में भी जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। एक श्रद्धालु ने बताया कि वे गंगा स्नान के पश्चात रथ यात्रा में शामिल होंगे और भगवान से परिवार, समाज और समस्त प्राणियों की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। अन्य श्रद्धालुओं ने भी संगम स्नान और गंगा पूजन के बाद पूरे श्रद्धाभाव से रथ यात्रा में भाग लेने की बात कही।
दोनों तीर्थनगरियों में उत्साह का माहौल
वाराणसी और प्रयागराज — दोनों शहरों में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में असाधारण उत्साह देखा गया। भक्त धार्मिक अनुष्ठानों में सम्मिलित होकर भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते रहे। यह महापर्व उत्तर प्रदेश की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत का एक जीवंत प्रमाण है, जो हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को एकजुट करता है।