16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

काशी में मंगला आरती से जगन्नाथ रथ यात्रा मेले का भव्य आगाज़, प्रयागराज में संगम स्नान से उमड़ी आस्था

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
काशी में मंगला आरती से जगन्नाथ रथ यात्रा मेले का भव्य आगाज़, प्रयागराज में संगम स्नान से उमड़ी आस्था

सारांश

काशी में भोर की मंगला आरती और शंखनाद के साथ जगन्नाथ रथ यात्रा मेले का आगाज़ हुआ, तो प्रयागराज में श्रद्धालुओं ने संगम की पवित्र धारा में डुबकी लगाई। जगन्नाथ ट्रस्ट ने इस बार भगदड़-रोधी इंतज़ाम और बेहतर सुविधाओं का वादा किया है।

मुख्य बातें

वाराणसी में 16 जुलाई को भोर की मंगला आरती के साथ जगन्नाथ रथ यात्रा मेले का शुभारंभ हुआ।
जगन्नाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष बृजेश सिंह और सचिव शैलेश त्रिपाठी ने मंगला आरती में हिस्सा लिया।
ट्रस्ट ने पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर सुविधाएँ और भगदड़-रोधी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं।
प्रयागराज में श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान कर रथ यात्रा में भाग लेने की तैयारी की।
वाराणसी और प्रयागराज — दोनों शहरों में हज़ारों भक्तों ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

वाराणसी में 16 जुलाई को भोर की मंगला आरती के साथ जगन्नाथ रथ यात्रा मेले का शुभारंभ हुआ — डमरू की गूंज और शंखनाद से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। हज़ारों श्रद्धालु सूर्योदय से पहले ही भगवान जगन्नाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुँचने लगे। एक ही दिन वाराणसी और प्रयागराज — दोनों तीर्थनगरियों में इस महापर्व की धूम रही।

मंगला आरती और मेले का शुभारंभ

जगन्नाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष बृजेश सिंह और सचिव शैलेश त्रिपाठी ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ मंगला आरती में भाग लिया। बृजेश सिंह ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लें और अपने परिवार की सुख, समृद्धि तथा शांति के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बेहतर सुविधाएँ, उन्नत व्यवस्थाएँ और आकर्षक सजावट की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान

ट्रस्ट सचिव शैलेश त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष व्यवस्थाओं में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया गया है कि कहीं भी भगदड़ जैसी स्थिति न उत्पन्न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का जगन्नाथ रथ यात्रा मेला पूर्व के वर्षों से अधिक भव्य और यादगार सिद्ध होगा।

काशीवासियों की आस्था और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

श्रद्धालु गणेश मिश्रा ने कहा कि काशीवासियों को इस रथ यात्रा का पूरे वर्ष बेसब्री से इंतज़ार रहता है और यह यात्रा काशी के जन-जन की आस्था से जुड़ी है। सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक शर्मा ने भी कहा कि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मेले में शामिल होते हैं और यह काशी की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है।

प्रयागराज में संगम स्नान और रथ यात्रा की तैयारी

प्रयागराज में भी जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। एक श्रद्धालु ने बताया कि वे गंगा स्नान के पश्चात रथ यात्रा में शामिल होंगे और भगवान से परिवार, समाज और समस्त प्राणियों की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। अन्य श्रद्धालुओं ने भी संगम स्नान और गंगा पूजन के बाद पूरे श्रद्धाभाव से रथ यात्रा में भाग लेने की बात कही।

दोनों तीर्थनगरियों में उत्साह का माहौल

वाराणसी और प्रयागराज — दोनों शहरों में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में असाधारण उत्साह देखा गया। भक्त धार्मिक अनुष्ठानों में सम्मिलित होकर भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते रहे। यह महापर्व उत्तर प्रदेश की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत का एक जीवंत प्रमाण है, जो हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को एकजुट करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश की दो सबसे बड़ी तीर्थनगरियों की सामूहिक आस्था का सार्वजनिक प्रदर्शन है। ट्रस्ट द्वारा भगदड़-रोधी उपायों का उल्लेख इस तथ्य की ओर संकेत करता है कि बड़े धार्मिक मेलों में भीड़ प्रबंधन अब प्रशासन की प्राथमिकता बन चुका है — खासकर हाल के वर्षों में देश के विभिन्न धार्मिक आयोजनों में हुई दुर्घटनाओं के मद्देनज़र। यह भी उल्लेखनीय है कि वाराणसी और प्रयागराज दोनों में एक साथ इस उत्सव का आयोजन उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालु-केंद्रित बुनियादी ढाँचे के विस्तार की व्यापक प्रवृत्ति को रेखांकित करता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में जगन्नाथ रथ यात्रा मेला कब शुरू हुआ?
वाराणसी में जगन्नाथ रथ यात्रा मेले की शुरुआत 16 जुलाई को भोर की मंगला आरती के साथ हुई। डमरू की गूंज और शंखनाद से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा और हज़ारों श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन के लिए पहुँचे।
जगन्नाथ ट्रस्ट वाराणसी ने इस बार क्या विशेष व्यवस्थाएँ की हैं?
जगन्नाथ ट्रस्ट ने पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर सुविधाएँ, आकर्षक सजावट और भगदड़-रोधी इंतज़ाम किए हैं। ट्रस्ट सचिव शैलेश त्रिपाठी के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर स्तर पर सुचारु प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
प्रयागराज में रथ यात्रा के अवसर पर क्या हुआ?
प्रयागराज में जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। इसके बाद वे रथ यात्रा में शामिल हुए और भगवान जगन्नाथ से परिवार व समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
काशी में जगन्नाथ रथ यात्रा का महत्व क्या है?
काशी की जगन्नाथ रथ यात्रा स्थानीय जन-जीवन की आस्था का प्रतीक है और काशीवासी पूरे वर्ष इसका इंतज़ार करते हैं। श्रद्धालु गणेश मिश्रा के अनुसार, यह यात्रा काशी के जन-जन की आस्था से गहराई से जुड़ी हुई है।
जगन्नाथ रथ यात्रा मेले में कौन-कौन से धार्मिक अनुष्ठान होते हैं?
मेले में भोर की मंगला आरती, शंखनाद, डमरू वादन, भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना और दर्शन प्रमुख अनुष्ठान हैं। प्रयागराज में श्रद्धालु संगम स्नान और गंगा पूजन के बाद रथ यात्रा में भाग लेते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 4 घंटे पहले
  3. 5 घंटे पहले
  4. 5 घंटे पहले
  5. कल
  6. 6 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले