टीएमसी-कांग्रेस विलय की अटकलें बेबुनियाद — केसी वेणुगोपाल का स्पष्ट खंडन
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार, 11 जून को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के विलय की चर्चाओं को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ये खबरें महज अफवाहें हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
अटकलें उस वक्त तेज हुईं जब मंगलवार को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से एकांत में मुलाकात की, और बुधवार को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अलग बैठक की। इन दो दिनों की लगातार उच्चस्तरीय मुलाकातों ने दोनों दलों के पुनर्मिलन की अटकलों को हवा दे दी।
सरकार की प्रतिक्रिया
वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'ये पूरी तरह अफवाहें हैं। हमारी कम्युनिकेशन सेक्रेटरी पहले ही इस बारे में स्पष्ट कर चुकी हैं। इन बातों का कोई आधार नहीं है।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'यह इंडिया ब्लॉक से जुड़ी चर्चाओं का विस्तार था। सभी दल इंडिया ब्लॉक को मजबूत करना चाहते हैं और इस सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई को मजबूत करना चाहते हैं। चर्चा का विषय सिर्फ यही था, इसके अलावा कुछ नहीं।'
टीएमसी की ओर से भी खंडन आया। पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी विधायक दल के नए बहुमत वाले गुट के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने भी किसी भी विलय की संभावना को सिरे से नकार दिया।
कांग्रेस का देशव्यापी अभियान
वेणुगोपाल ने इस मौके पर कांग्रेस के आगामी कार्यक्रम का भी ऐलान किया। पार्टी अगले तीन महीनों में देशव्यापी जन-अभियान चलाएगी, जिसमें महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटाले, सामाजिक असमानता और खाड़ी क्षेत्र के संघर्ष के बाद कमजोर हुई कूटनीति जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा जाएगा। पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता इस अभियान में सड़कों पर उतरेंगे।
मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद
वेणुगोपाल ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला, एफआईआर या चार्जशीट दर्ज नहीं है। केवल अदालत के एक नोटिस की जानकारी न देने के आधार पर उनका नामांकन रद्द किया गया, जिसे पार्टी ने अनुचित बताया।
आगे क्या
गौरतलब है कि टीएमसी और कांग्रेस के बीच संबंध वर्षों से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं — दोनों दल पश्चिम बंगाल में सीधे प्रतिद्वंद्वी हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक के भागीदार भी हैं। इस विरोधाभास को देखते हुए विलय की अटकलें समय-समय पर उठती रहती हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के स्पष्ट खंडन के बाद इंडिया ब्लॉक की एकता और आंतरिक समन्वय पर नज़र बनी रहेगी।