31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खंडवा-बुरहानपुर किसानों में भेदभाव नहीं: सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का आरोपों पर पलटवार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खंडवा-बुरहानपुर किसानों में भेदभाव नहीं: सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का आरोपों पर पलटवार

सारांश

BJP सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने खंडवा-बुरहानपुर किसानों में भेदभाव के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज किया। उन्होंने सोयाबीन संकट में ₹24 करोड़ मुआवजा दिलाने का हवाला देते हुए कहा कि वह सभी किसानों, मजदूरों और व्यापारियों के हित में काम करते हैं।

मुख्य बातें

BJP सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने 14 जून को खंडवा और बुरहानपुर के किसानों में भेदभाव के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया।
पिछले सोयाबीन संकट में खंडवा जिले के किसानों को लगभग ₹24 करोड़ का मुआवजा दिलाया गया था।
सांसद ने सोयाबीन, मिर्च, प्याज और अरबी किसानों की समस्याएँ मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखीं।
पाटिल ने लोकसभा में भी किसान मुद्दे उठाए और केले की खेती करने वाले किसानों की समस्याओं पर भी आवाज उठाने की बात कही।
भेदभाव के आरोपों को उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि किसान किसी के बहकावे में नहीं आएँगे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने रविवार, 14 जून को खंडवा में भेदभाव के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि खंडवा और बुरहानपुर दोनों जिलों के किसान उनके लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि वह बिना किसी भेदभाव के क्षेत्र के हर नागरिक के हित में काम करते हैं और जो लोग किसानों को बाँटने की कोशिश कर रहे हैं, वे कभी किसान-हितैषी नहीं हो सकते।

आरोपों का संदर्भ और सांसद का जवाब

कुछ हलकों में यह आरोप लगाए जा रहे थे कि बुरहानपुर के किसानों को सरकारी लाभ मिल रहा है जबकि खंडवा के किसान उपेक्षित हैं। सांसद पाटिल ने इसे राजनीति से प्रेरित भ्रम बताया। उनके अनुसार, दोनों जिलों के किसान उनके लिए 'अन्नदाता' हैं और उनके बीच किसी भी तरह का भेद करना उचित नहीं है।

सोयाबीन नुकसान में ₹24 करोड़ मुआवजे का हवाला

सांसद ने पिछले सोयाबीन संकट का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं, अपने विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर खेत-खेत जाकर नुकसान का जायजा लिया था। इसके बाद कलेक्टर और मुख्यमंत्री से आग्रह करके खंडवा जिले के किसानों को लगभग ₹24 करोड़ का मुआवजा दिलवाया गया था। यह तथ्य उन्होंने भेदभाव के आरोपों के खिलाफ प्रमुख प्रमाण के रूप में रखा।

मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के समक्ष उठाए मुद्दे

पाटिल ने बताया कि उन्होंने सोयाबीन, मिर्च, प्याज और अरबी सहित विभिन्न फसलों से जुड़ी किसानों की समस्याओं को मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने लोकसभा में भी इन मुद्दों को उठाया है। केले की खेती करने वाले किसानों को हुए नुकसान पर भी आवाज उठाना उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बताया।

सांसद का व्यापक दृष्टिकोण

पाटिल ने कहा कि वह केवल किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि क्षेत्र के सभी किसानों, मजदूरों और व्यापारियों की समस्याओं को उठाते हैं, क्योंकि जनता ने उन्हें इसी उद्देश्य के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की आवाज उठाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और सभी जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन इसी दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में किसानों की समस्याओं को और अधिक प्रभावी ढंग से उठाने का उन्होंने संकल्प दोहराया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ₹24 करोड़ का मुआवजा वास्तव में कितने किसानों तक पहुँचा और उसका वितरण कितना पारदर्शी था। खंडवा और बुरहानपुर जैसे कृषि-प्रधान क्षेत्रों में जब भी फसल नुकसान होता है, मुआवजे की राजनीति सक्रिय हो जाती है और जनप्रतिनिधि श्रेय लेने की होड़ में लग जाते हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी सांसद ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में 'समान व्यवहार' का दावा किया हो — ज़मीनी हकीकत जाँचने के लिए स्वतंत्र आकलन ज़रूरी है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भेदभाव के आरोपों पर क्या कहा?
सांसद पाटिल ने स्पष्ट किया कि खंडवा और बुरहानपुर दोनों जिलों के किसान उनके लिए समान हैं और वह बिना किसी भेदभाव के काम करते हैं। उन्होंने ऐसे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।
खंडवा के किसानों को सोयाबीन नुकसान में कितना मुआवजा मिला?
सांसद पाटिल के अनुसार, पिछले सोयाबीन संकट के दौरान कलेक्टर और मुख्यमंत्री से आग्रह करके खंडवा जिले के किसानों को लगभग ₹24 करोड़ का मुआवजा दिलाया गया था।
सांसद पाटिल ने किन फसलों के किसानों की समस्याएँ सरकार के सामने रखीं?
उन्होंने सोयाबीन, मिर्च, प्याज, अरबी और केले की खेती करने वाले किसानों की समस्याएँ मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखीं। इन मुद्दों को लोकसभा में भी उठाया गया।
क्या खंडवा और बुरहानपुर के किसानों में सरकारी लाभ को लेकर वाकई असमानता है?
कुछ हलकों से यह आरोप लगाए जा रहे थे कि बुरहानपुर के किसानों को अधिक लाभ मिल रहा है। सांसद पाटिल ने इन आरोपों को भ्रामक बताया और कहा कि इस तरह से किसानों को बाँटने की कोशिश करने वाले किसान-हितैषी नहीं हो सकते।
सांसद पाटिल का क्षेत्र में किसानों के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
पाटिल ने कहा कि वह केवल किसानों तक सीमित नहीं, बल्कि मजदूरों और व्यापारियों सहित सभी वर्गों की समस्याएँ उठाते हैं। उनके अनुसार, प्रभावित लोगों की आवाज उठाना जनप्रतिनिधि की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले