किरन रिजिजू ने कहा: विपक्ष के 50 सांसदों ने स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया
सारांश
Key Takeaways
- किरन रिजिजू ने विपक्ष के 50 सांसदों का समर्थन न करने का उल्लेख किया।
- ओम बिरला के कार्यकाल में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं।
- राजनीतिक मजबूरियों के चलते सदस्य प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि बिरला को पार्टी लाइन से परे अपार 'गुडविल और सपोर्ट' प्राप्त है। इतना कि कई विपक्षी सदस्य इस प्रस्ताव को खारिज कर देते हैं, फिर भी 'राजनीतिक मजबूरी' के कारण वे इसका समर्थन करने के लिए मजबूर हैं।
रिजिजू ने सदन में बताया कि विपक्ष के लगभग 50 सांसद उनसे मिले हैं और कहा है कि वे इस प्रस्ताव के खिलाफ हैं, लेकिन अपनी राजनीतिक मजबूरियों के चलते समर्थन कर रहे हैं।
ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर और हमला करते हुए रिजिजू ने सदन को उनके कार्यकाल में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों और उपलब्धियों के बारे में बताया, जिसमें कागजी काम खत्म करना और सदन को डिजिटल संसद में बदलना शामिल है।
उन्होंने कहा कि ओम बिरला के कार्यकाल में अनेक बड़े सुधार हुए हैं, नए सदस्यों को सदन में बोलने के अधिक अवसर मिले हैं, और जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दे अब तक सबसे ज्यादा उठाए गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पेपरलेस पार्लियामेंट में बदलाव और इसे डिजिटल बनाना ओम बिरला का बड़ा योगदान है, जिसके लिए सांसद हमेशा उनके आभारी रहेंगे।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के दोहरेपन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सदन की प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, विपक्षी सदस्यों को सप्लीमेंट्री सवाल पूछने के अधिक अवसर मिले हैं, लेकिन इसके बजाय उन्होंने स्पीकर को हटाने के लिए हाथ मिला लिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें और कई अन्य सत्ताधारी सांसदों को गर्व है कि वे इस समय में संसद की सेवा कर रहे हैं।
रिजिजू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे स्पीकर के खिलाफ नफरत फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की 'खराब' रणनीति के तहत प्रस्ताव लाने का प्रयास कर रहे हैं।