किरोड़ी लाल मीणा ने मीणा-गुर्जर को बताया 'राम-लक्ष्मण', दौसा में विश्व आदिवासी दिवस पर बड़ा संदेश
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने 10 अगस्त 2026 को दौसा जिले के नांगल प्यारिवस स्थित ऐतिहासिक पंच-अथाई कॉम्प्लेक्स में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह में मीणा और गुर्जर समुदायों की तुलना भगवान राम और लक्ष्मण से करते हुए आपसी एकता का आह्वान किया। दो दिवसीय इस समारोह के दूसरे दिन हजारों की संख्या में लोग उमड़े, जिससे लगभग 125 बीघा जमीन पर बने विशाल गुंबद के भीतर की व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं और कई श्रोताओं को बाहर खुले में बैठना पड़ा।
मुख्य संदेश: एकता और पूरकता
मंत्री मीणा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मीणा और गुर्जर समुदायों की जड़ें खेती से जुड़ी हैं और उनकी सामाजिक-आर्थिक चिंताएं भी एक जैसी हैं। उन्होंने हिंदू पौराणिक कथाओं का संदर्भ देते हुए दोनों समुदायों के रिश्ते की तुलना राम और लक्ष्मण से की और चेतावनी दी कि आपसी टकराव से दोनों को नुकसान होगा।
उन्होंने गुर्जर समुदाय से कहा कि यदि वे अपने किसी नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचते देखना चाहते हैं, तो उन्हें 'राम' के महत्व को भी स्वीकार करना होगा — एक राजनीतिक रूप से सांकेतिक टिप्पणी जिसे मीणा समुदाय के समर्थन की अनिवार्यता के रूप में देखा जा रहा है।
सचिन पायलट और दौसा का राजनीतिक संदर्भ
अपने भाषण में मीणा ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके दिवंगत पिता, पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट का उल्लेख किया। उन्होंने दौसा के राजनीतिक इतिहास को याद करते हुए पायलट परिवार की राजनीतिक यात्रा में मीणा समुदाय की भूमिका को रेखांकित किया। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राजस्थान में जातीय समीकरण आगामी चुनावी राजनीति के लिहाज से निर्णायक माने जा रहे हैं।
भाजपा के प्रति प्रतिबद्धता
मीणा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति अपनी अटूट निष्ठा भी दोहराई। उन्होंने एक घटना का उल्लेख किया जिसमें कुछ समर्थकों ने कहा था कि 'पार्टी गलत है और आप सही हैं।' मीणा ने इसका खंडन करते हुए कहा कि पार्टी सही है और इस बात पर जोर दिया कि भाजपा ने ही उन्हें राजनीतिक पहचान और वैचारिक दिशा दी है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनना अंततः किस्मत और जनता के आशीर्वाद पर निर्भर करता है, और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए सामाजिक सद्भाव की बलि नहीं दी जानी चाहिए।
पंच-अथाई परिसर में मूर्ति स्थापना की घोषणा
समारोह में मंत्री मीणा ने घोषणा की कि पंच-अथाई परिसर में मुख्य देवता और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों की औपचारिक प्राण-प्रतिष्ठा 9 अगस्त 2027 को — अगले विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर — की जाएगी।
अन्य वक्ता और व्यापक भागीदारी
इस सभा को संयोजक लाल मीणा, स्थानीय विधायक रामविलास मीणा, राजेंद्र मीणा, महेंद्रपाल और मांगीलाल सहित अनेक सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने भी संबोधित किया। समारोह की व्यापक भागीदारी यह संकेत देती है कि जातीय एकता का यह मंच राजस्थान की राजनीति में आगे भी प्रासंगिक बना रहेगा।