10 अगस्त 2026
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संयुक्त किसान मोर्चा ने राज्यपाल कटारिया को सौंपा ज्ञापन, पानी में यूरेनियम और कर्जमाफी पर उठाई आवाज़

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संयुक्त किसान मोर्चा ने राज्यपाल कटारिया को सौंपा ज्ञापन, पानी में यूरेनियम और कर्जमाफी पर उठाई आवाज़

सारांश

संयुक्त किसान मोर्चा ने पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर पानी में यूरेनियम, कैंसर के बढ़ते मामले, किसानों की कर्जमाफी और डैम सेफ्टी एक्ट जैसे मुद्दे उठाए। राज्यपाल ने 26 जून को दिल्ली में इन मुद्दों को उठाने का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

संयुक्त किसान मोर्चा ने 19 जून को चंडीगढ़ में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि पंजाब के पानी में यूरेनियम और हेवी मेटल पाए गए हैं।
पिछले वर्ष जल मंत्री ने स्वयं कहा था कि पंजाब 'कैंसर स्टेट' बनता जा रहा है।
मोर्चे ने डैम सेफ्टी एक्ट वापस लेने और BBMB में पंजाब की पुनर्बहाली की माँग की।
राज्यपाल ने 26 जून को दिल्ली में किसानों के मुद्दे उठाने का आश्वासन दिया।
किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का सरकारी वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।

संयुक्त किसान मोर्चा ने 19 जून को चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें पेयजल में यूरेनियम की मौजूदगी, किसानों पर बढ़ता कर्ज, कैंसर के बढ़ते मामले और डैम सेफ्टी एक्ट जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक बलबीर सिंह राजेवाल ने पत्रकारों से बातचीत में इस मुलाकात का ब्यौरा दिया।

पानी में यूरेनियम और कैंसर का संकट

राजेवाल ने बताया कि किसानों को मिलने वाले पानी में यूरेनियम और हेवी मेटल की मौजूदगी पाई गई है, जिसे ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और पिछले वर्ष स्वयं जल मंत्री ने अपने भाषण में स्वीकार किया था कि 'पंजाब कैंसर स्टेट' के रूप में तब्दील हो रहा है। मोर्चे की माँग है कि हर शहर और हर गाँव में स्वच्छ पेयजल और कृषि के लिए पर्याप्त पानी सुनिश्चित किया जाए।

किसानों के कर्ज और सरकारी नीतियों पर सवाल

राजेवाल ने कहा कि किसानों पर कर्ज का बोझ कोई नई समस्या नहीं है — आज़ादी से पहले लिखी एक किताब में भी यह दर्ज था कि 'यहाँ का किसान कर्ज में पैदा होता है और कर्ज में ही मर जाता है।' उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार कॉरपोरेट घरानों के कर्ज माफ कर सकती है, तो किसानों और मजदूरों के कर्ज क्यों नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2007-2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के कार्यकाल में गठित कृषि अर्थशास्त्रियों की समिति की रिपोर्ट के बावजूद केंद्र सरकार ने गेहूँ और धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य कम रखकर किसानों का नुकसान किया।

डैम सेफ्टी एक्ट और बीबीएमबी विवाद

मोर्चे ने डैम सेफ्टी एक्ट को वापस लेने की माँग दोहराई। राजेवाल ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में पंजाब और हरियाणा के किसानों का प्रतिनिधित्व रहा है, लेकिन अब पंजाब को बाहर कर राजस्थान को शामिल किया गया है, जिसका वे विरोध करते हैं। इसके अलावा, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के सरकारी वादे का अब तक पालन न होने पर भी ज्ञापन में आपत्ति जताई गई है।

राज्यपाल का आश्वासन

राजेवाल के अनुसार, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उन्हें बताया कि वे 26 जून को दिल्ली जाएँगे और वहाँ किसानों के ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों का उल्लेख करके समाधान की दिशा में प्रयास करेंगे। यह देखना होगा कि इस आश्वासन के बाद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा 1984 में भी राजभवन का घेराव कर चुका है, जिसके बाद जवाहर कमेटी का गठन हुआ था। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार फ्री ट्रेड समझौतों की दिशा में कदम बढ़ा रही है और किसान संगठनों को आशंका है कि इससे कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे राज्य सरकार ने स्वयं स्वीकार किया है, फिर भी ठोस कार्रवाई का अभाव चिंताजनक है। कॉरपोरेट कर्जमाफी और किसान कर्जमाफी के बीच की खाई पर उठाया गया सवाल नीतिगत प्राथमिकताओं की विसंगति को उजागर करता है। राज्यपाल का 26 जून वाला आश्वासन तब तक महज़ औपचारिकता है, जब तक केंद्र सरकार की ओर से किसी ठोस तंत्र की घोषणा न हो।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संयुक्त किसान मोर्चा ने राज्यपाल को किन मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा?
मोर्चे ने पानी में यूरेनियम और हेवी मेटल की मौजूदगी, कैंसर के बढ़ते मामले, किसानों की कर्जमाफी, डैम सेफ्टी एक्ट को वापस लेने और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने जैसी प्रमुख माँगें उठाई हैं।
पंजाब के पानी में यूरेनियम का मुद्दा क्यों उठाया गया?
बलबीर सिंह राजेवाल के अनुसार, किसानों को मिलने वाले पानी में यूरेनियम और हेवी मेटल पाए गए हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। इसे पंजाब में बढ़ते कैंसर मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसे खुद जल मंत्री ने भी स्वीकार किया था।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किसानों को क्या आश्वासन दिया?
राज्यपाल ने किसान प्रतिनिधियों को बताया कि वे 26 जून को दिल्ली जाएँगे और वहाँ ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों का उल्लेख करके समाधान की कोशिश करेंगे।
डैम सेफ्टी एक्ट का विरोध क्यों किया जा रहा है?
किसान मोर्चे का कहना है कि BBMB में पंजाब को बाहर कर राजस्थान को शामिल किया गया है, जो पंजाब के हितों के विरुद्ध है। इसलिए डैम सेफ्टी एक्ट को वापस लेने की माँग की गई है।
किसानों पर दर्ज मुकदमों का मामला क्या है?
सरकार ने पहले वादा किया था कि किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएँगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस वादे को पूरा करने की माँग ज्ञापन में शामिल की है।
राष्ट्र प्रेस
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