कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे पर सीबीआई जांच की मांग, संत दिनेश फलाहारी महाराज का वीडियो वायरल
सारांश
मुख्य बातें
मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़े याचिकाकर्ता और संत दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखकर मंदिर के संपूर्ण वित्तीय प्रबंधन की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर भी जांच प्रक्रिया जारी है।
वायरल वीडियो में क्या है
फलाहारी महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि मंदिर में रखे दानपात्रों और गुल्लकों को खोलने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। उनका दावा है कि दानपात्र खोले जाने के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं, जिससे चढ़ावे के प्रबंधन पर संदेह उत्पन्न होता है।
मुख्य आरोप
फलाहारी महाराज ने कथित तौर पर यह भी आरोप लगाया कि मंदिर में चढ़ाए जाने वाले सोने-चांदी के आभूषणों का समुचित रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। उनके अनुसार, मंदिर से जुड़े कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों की आर्थिक स्थिति में असामान्य वृद्धि देखी गई है, जो जांच की माँग करती है। उन्होंने यह भी कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन का हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
जनकल्याण पर खर्च की माँग
संत ने अपने बयान में कहा कि मंदिरों में आने वाले दान का उपयोग अस्पताल, शिक्षण संस्थान और सामाजिक परियोजनाओं के लिए होना चाहिए और ऐसे खर्चों की जानकारी आम जनता के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मंदिर प्रबंधन, अधिकारियों और कर्मचारियों की चल-अचल संपत्तियों की भी जांच कराने की माँग की।
मंदिर प्रबंधन की प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फलाहारी महाराज ने स्पष्ट किया है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वे न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने पर विवश होंगे।
व्यापक संदर्भ
यह मामला राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद बड़े मंदिरों के वित्तीय प्रबंधन पर राष्ट्रीय स्तर पर उठ रहे सवालों की कड़ी में जुड़ता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं।