11 जुलाई 2026
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ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि विवाद का हो शीघ्र समाधान — शंकराचार्य हिमांगी सखी का सीएम योगी से आह्वान

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ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि विवाद का हो शीघ्र समाधान — शंकराचार्य हिमांगी सखी का सीएम योगी से आह्वान

सारांश

जगद्गुरु शंकराचार्य हिमांगी सखी ने मथुरा में दो-टूक कहा — अयोध्या और काशी के बाद मथुरा की बारी है, और ज्ञानवापी व कृष्ण जन्मभूमि विवाद अब और नहीं टलने चाहिए। सीएम योगी से सख्त कदम की माँग के साथ उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' को भी समर्थन दिया।

मुख्य बातें

शंकराचार्य हिमांगी सखी ने 26 मई को मथुरा में ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि विवाद के शीघ्र समाधान की माँग की।
उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से इन मुद्दों पर सख्त कदम उठाने का आह्वान किया और देवेंद्र फड़णवीस की कार्रवाई का उदाहरण दिया।
शंकराचार्य ने बकरीद पर सड़कों पर नमाज पढ़े जाने का विरोध करते हुए कहा कि नमाज केवल मस्जिदों में होनी चाहिए।
उन्होंने नई पार्टी 'कॉकरोच जनता पार्टी' और कुमार विश्वास के बयान का समर्थन करते हुए पार्टी को पूर्ण समर्थन दिया।
मथुरा को अयोध्या और काशी के बाद आध्यात्मिक महत्व की अगली कड़ी बताया।

जगद्गुरु शंकराचार्य हिमांगी सखी ने 26 मई को मथुरा में कहा कि ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि विवाद वर्षों से लंबित हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इन मुद्दों पर सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मथुरा को अयोध्या और काशी के बाद आध्यात्मिक महत्व की अगली कड़ी बताया और कहा कि सनातन धर्म वर्तमान नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

मुख्य बयान और माँगें

शंकराचार्य हिमांगी सखी ने कहा, 'अदालत ने प्रमाणित कर दिया कि भोजशाला मंदिर है, वहाँ पूजा-पाठ होनी चाहिए — लेकिन ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा वर्षों से लंबित है। हम शासन-प्रशासन का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जाए।' उन्होंने यह भी कहा, 'कृष्ण जन्मभूमि पर अभी तक फैसला क्यों नहीं हुआ? देवेंद्र फड़णवीस ने बांद्रा में मस्जिद के ऊपर बुलडोजर चलाया, तो सीएम योगी को किस बात का डर है?'

सड़कों पर नमाज को लेकर सख्त रुख

शंकराचार्य ने बकरीद पर सड़कों पर नमाज पढ़े जाने पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा, 'नमाज सड़कों पर नहीं पढ़नी चाहिए — नमाज सिर्फ मस्जिदों में पढ़ी जानी चाहिए। हिंदू समाज भी मंदिरों में ही पूजा-अर्चना करता है, सड़कों पर नहीं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर बहस तेज हो रही है।

'कॉकरोच जनता पार्टी' पर सकारात्मक राय

नई राजनीतिक पार्टी 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर हिमांगी सखी ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'मैं इस पार्टी को सकारात्मक रूप से देखती हूँ क्योंकि यह समाज और शासन को जागरूक कर रही है। युवा पीढ़ी इससे जुड़ी हुई है।' उन्होंने कुमार विश्वास के उस कथन का समर्थन किया जिसमें कहा गया था कि 'कॉकरोच गंदगी की ओर इशारा करता है और गंदगी साफ करना जरूरी है।' शंकराचार्य ने कहा कि वे इस पार्टी को पूरा समर्थन देती हैं।

प्रशासन से अपील

शंकराचार्य हिमांगी सखी ने प्रशासन से अपील की कि सनातन धर्म की रक्षा और मंदिरों से जुड़े लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन को हिंदू भावनाओं का भी उतना ही सम्मान करना चाहिए। गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से काशी और मथुरा से जुड़े धार्मिक विवादों पर चर्चा और तेज हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न केवल विपक्ष की ओर से। 'कॉकरोच जनता पार्टी' को धार्मिक नेता का समर्थन इस बात का संकेत है कि राजनीतिक परिदृश्य में नई ताकतें परंपरागत धार्मिक समर्थन आधार को साधने की कोशिश कर रही हैं — जो BJP के लिए एक नई चुनौती हो सकती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शंकराचार्य हिमांगी सखी ने मथुरा में क्या माँग की?
जगद्गुरु शंकराचार्य हिमांगी सखी ने 26 मई को मथुरा में ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि विवाद के शीघ्र समाधान की माँग की। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इन मुद्दों पर सख्त कदम उठाने का आह्वान किया।
शंकराचार्य ने सीएम योगी की तुलना देवेंद्र फड़णवीस से क्यों की?
उन्होंने कहा कि देवेंद्र फड़णवीस ने बांद्रा में मस्जिद के ऊपर बुलडोजर चलाया, इसलिए सीएम योगी को भी कृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई करने में संकोच नहीं करना चाहिए। यह तुलना उनकी सख्त कार्रवाई की माँग को रेखांकित करने के लिए की गई।
शंकराचार्य ने सड़कों पर नमाज को लेकर क्या कहा?
शंकराचार्य हिमांगी सखी ने कहा कि नमाज सड़कों पर नहीं, केवल मस्जिदों में पढ़ी जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जैसे हिंदू समाज मंदिरों में पूजा करता है, उसी तरह अन्य धर्मों की इबादत भी निर्धारित स्थानों पर होनी चाहिए।
'कॉकरोच जनता पार्टी' को शंकराचार्य का समर्थन क्यों मिला?
शंकराचार्य हिमांगी सखी ने कहा कि यह पार्टी समाज और शासन को जागरूक कर रही है और युवा पीढ़ी इससे जुड़ी है। उन्होंने कुमार विश्वास के उस बयान का समर्थन किया जिसमें 'कॉकरोच' को व्यवस्था की गंदगी का प्रतीक बताया गया था।
मथुरा को आध्यात्मिक दृष्टि से इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
मथुरा को भगवान कृष्ण की जन्मस्थली माना जाता है और यह सनातन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद शंकराचार्य ने मथुरा को इस आध्यात्मिक पुनरुद्धार की अगली कड़ी बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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