क्या मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों की एमएसपी पर खरीद की जाएगी?: दिग्विजय सिंह

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क्या मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों की एमएसपी पर खरीद की जाएगी?: दिग्विजय सिंह

सारांश

राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों की एमएसपी पर खरीद की मांग की है। उन्होंने कहा कि मक्का, मूंगफली, सोयाबीन और धान की कीमतें किसानों के लिए असहनीय हैं। क्या सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान कर पाएगी?

मुख्य बातें

दिग्विजय सिंह ने खरीफ फसलों की एमएसपी पर खरीद की मांग की।
किसानों को लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है।
सरकार की योजनाएँ किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही हैं।
मक्का, मूंगफली, सोयाबीन और धान की स्थिति चिंताजनक है।
किसान सही मूल्य और समय पर भुगतान की अपेक्षा कर रहे हैं।

भोपाल, 18 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा सांसद एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य की खरीफ फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मक्का, मूंगफली, सोयाबीन और धान के प्रति सरकार का रवैया उदासीन है। किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और सरकार एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीदने की जिम्मेदारी से बच रही है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में सोयाबीन का रकबा घटा है, क्योंकि उच्च गुणवत्ता की किस्में उपलब्ध नहीं हो रहीं और नकली बीज-खाद के कारण उत्पादन निरंतर घटता जा रहा है। सोयाबीन की कीमत आज भी 4,000 प्रति क्विंटल के आसपास है, जो दस साल पहले जितनी थी, यानी किसानों की आमदनी में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि सोयाबीन की तुलना में अब मक्का और मूंगफली की खेती में वृद्धि हुई है, लेकिन इन फसलों की स्थिति भी दयनीय है। मक्का आज बाजार में 1,200 से 1,400 प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि इसकी एमएसपी 2,400 है। सीएसीपी के अनुसार इसकी लागत 1,508 आती है, यानी किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं।

इसी प्रकार उन्होंने बताया कि मूंगफली का बाजार भाव 3,000 से 3,500 प्रति क्विंटल है, जबकि इसकी एमएसपी 7,263 और लागत 4,842 है। मूंगफली और मक्का दोनों में ही किसानों को लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा, और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश की मंडियों में मक्का आने लगी है, परंतु एमएसपी पर खरीद के आदेश अब तक जारी नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करते और देश के कृषि मंत्री, जो मध्य प्रदेश से ही हैं, मौन साधे बैठे हैं, जबकि उनके अपने क्षेत्र में मक्का की खेती सबसे अधिक बढ़ी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सोयाबीन की खरीद भी एमएसपी पर नहीं हो रही, और सरकार भावांतर योजना लागू करने की बात कर रही है, जो पहले भी पूर्णतः असफल रही थी। किसान इस योजना से असंतुष्ट हैं। उन्हें नकद और समय पर मूल्य चाहिए, कागजी योजनाएं नहीं। पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश का किसान आज परेशान और दुखी है। उसकी लागत भी नहीं निकल पा रही है। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि मक्का, मूंगफली, सोयाबीन और धान सभी खरीफ फसलों की एमएसपी पर तत्काल खरीद प्रारंभ की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे हर सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। दिग्विजय सिंह की मांग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले, ताकि कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिग्विजय सिंह ने किन फसलों की एमएसपी पर खरीद की मांग की?
दिग्विजय सिंह ने मक्का, मूंगफली, सोयाबीन और धान की एमएसपी पर खरीद की मांग की है।
क्या किसानों को सही मूल्य मिल रहा है?
नहीं, किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी स्थिति दयनीय हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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